Shaurya Utsav: छठवें दिन सिंगर अल्ताफ राजा के गीतों पर थिरके युवा, नामचीन कवियों ने प्रस्तुत की रचनाएं
वीरभूमि बुंदेलखंड शौर्य उत्सव में छठवें दिन सिंगर अल्ताफ राजा की प्रस्तुति ने समा बांध दिया। वहीं, नामचीन कवियों की रचनाओं को सुनकर श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो गए। साथ ही, अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी जमकर तालियां बटोरीं।
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हमीरपुर जिले के पुलिस परेड ग्राउंड में चल रहे वीरभूमि बुंदेलखंड शौर्य उत्सव कार्यक्रम के छठवें दिन स्टार सिंगर अल्ताफ राजा की प्रस्तुति मुख्य आकर्षण रहा। आवारा हवा का झोंका हूं, आ निकला हूं पल दो पल के लिए... गाने के ये बोल जैसे ही मंच से सुनाई दिए, तो लोग कुर्सियां छोड़कर खड़े हो गए।
लोगों की भीड़ से अंदाजा लगाया जा सकता था कि अल्ताफ राजा को सुनने के लिए लोग आज भी उतने ही बेताब हैं। आगे बैठे कुछ दर्शकों ने अपनी फरमाइश मंच तक पहुंचाने का प्रयास किया,तो अल्ताफ राजा ने तुम तो ठहरे परदेसी साथ क्या निभाओगे... गाकर जैसे लोगों को पुराने दौर में पहुंचा दिया।
इससे पहले कवि सम्मेलन का आयोजन किया गय, जिसमें नामचीन कवियों ने अपनी अपनी प्रस्तुतियां प्रस्तुत की। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे पद्मश्री पुरस्कृत कवि अवध जड़िया ने पढ़ा हम कवि बुंदेली बानी के हम कवि झांसी के रानी के, छत्रसाल धरती के हीरा पन्ना के पानी के रचना पढ़ी।
इसके साथ ही हास्य कवि प्रताप फौजदार ने हास्य कविताओं से सभी को खूब गुदगुदाया। इसके अलावा सर्वेस अस्थाना, प्रिया श्रीवास्तव, गीतिका वेदिका, एडीएम नागेंद्रनाथ यादव, रीतेश कंचन, अंशुमान पांडेय, बुंदेली लोक कवि पंकज पांडेय, धर्मेंद्र कुमार आदि ने अपनी अपनी रचनाएं पढ़ी।
दो घंटे बाद शुरू हो सका कार्यक्रम
शौर्य उत्सव में गुरुवार की रात आठ बजे से शुरू होने वाला कार्यक्रम अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया। कार्यक्रम में लगी साउंड सर्विस और कलाकारों का पैसे का भुगतान न होने से लाइटें बंद कर दी गईं। दो घंटे बाद आयोजन शुरू हो सका।