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हैलट में युवक की मौत, डेंगू की आशंका
अमर उजाला कानपुर
Updated Mon, 24 Aug 2015 01:47 AM IST
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हैलट में रविवार को यशोदा नगर के एक युवक की बुखार से मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। डेंगू की जांच नहीं हो पाई थी। हैलट, उर्सला, कांशीराम अस्पताल में 25 से ज्यादा मरीज भर्ती कराए गए हैं। उनकी सोमवार को डेंगू की जांच की जाएगी।
बौहार (घाटमपुर) और टेड़ापुरवा (बिधनू) में डेंगू और इससे मिलते-जुलते लक्षणों वाले आठ मरीजों की मौत हो चुकी है। शहर में भी बुखार के मरीज बढ़े हैं। यशोदा नगर के-ब्लाक स्थित मकान नंबर 544 निवासी एमके तिवारी के बेटे मयंक (20) को 20 अगस्त को बुखार होने पर इलाके के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वहां से उसे 22 को सुबह हैलट भेजा गया। दो घंटे गिड़गिड़ाने के बाद दोपहर साढ़े बारह बजे उसे भर्ती कर डेंगू मरीजों के आइसोलेटेड वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। पिता का आरोप है कि वहां देर शाम तक कोई सीनियर डाक्टर नहीं पहुंचा। रात करीब 10 बजे हालत बिगड़ने पर नर्स आक्सीजन सिलेंडर लाई पर वह भी खाली था। 11:30 बजे जूनियर डाक्टर उसे मेडिसिन आईसीयू ले गए।
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आरोप यह भी है कि उस समय तक उसकी मौत हो चुकी थी पर कमी छिपाने के लिए आईसीयू में इलाज का बहाना करते रहे। देर रात ढाई बजे मौत की सूचना दी और स्टेचर पर शव रखकर बाहर कर दिया। उस समय हाथ में वीगो लगा था। इससे गुस्साए परिजनों ने हंगामा किया। वहां पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया।
हैलट में डेंगू से मिलते-जुलते लक्षणों वाले सात मरीज भर्ती कराए गए। जांच नहीं हो पाई है। यहां डेंगू पेशेंट के लिए बनाए गए आइसोलेटेड वार्ड में 10 मरीज भर्ती हैं। उर्सला में डेंगू से मिलते-जुलते लक्षणों वाले 12 मरीज भर्ती कराए गए। यहां डेंगू मरीजो को अलग रखने के लिए बनाया गया आइसोलेटेड वार्ड फुल हो गया है। यहां भर्ती डेंगू पेशेंट छेदी को हालत बिगड़ने पर आईसीयू में शिफ्ट किया गया है।
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बौहार (घाटमपुर) और टेड़ापुरवा (बिधनू) में डेंगू और इससे मिलते-जुलते लक्षणों वाले आठ मरीजों की मौत हो चुकी है। शहर में भी बुखार के मरीज बढ़े हैं। यशोदा नगर के-ब्लाक स्थित मकान नंबर 544 निवासी एमके तिवारी के बेटे मयंक (20) को 20 अगस्त को बुखार होने पर इलाके के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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वहां से उसे 22 को सुबह हैलट भेजा गया। दो घंटे गिड़गिड़ाने के बाद दोपहर साढ़े बारह बजे उसे भर्ती कर डेंगू मरीजों के आइसोलेटेड वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। पिता का आरोप है कि वहां देर शाम तक कोई सीनियर डाक्टर नहीं पहुंचा। रात करीब 10 बजे हालत बिगड़ने पर नर्स आक्सीजन सिलेंडर लाई पर वह भी खाली था। 11:30 बजे जूनियर डाक्टर उसे मेडिसिन आईसीयू ले गए।
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आरोप यह भी है कि उस समय तक उसकी मौत हो चुकी थी पर कमी छिपाने के लिए आईसीयू में इलाज का बहाना करते रहे। देर रात ढाई बजे मौत की सूचना दी और स्टेचर पर शव रखकर बाहर कर दिया। उस समय हाथ में वीगो लगा था। इससे गुस्साए परिजनों ने हंगामा किया। वहां पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया।
हैलट में डेंगू से मिलते-जुलते लक्षणों वाले सात मरीज भर्ती कराए गए। जांच नहीं हो पाई है। यहां डेंगू पेशेंट के लिए बनाए गए आइसोलेटेड वार्ड में 10 मरीज भर्ती हैं। उर्सला में डेंगू से मिलते-जुलते लक्षणों वाले 12 मरीज भर्ती कराए गए। यहां डेंगू मरीजो को अलग रखने के लिए बनाया गया आइसोलेटेड वार्ड फुल हो गया है। यहां भर्ती डेंगू पेशेंट छेदी को हालत बिगड़ने पर आईसीयू में शिफ्ट किया गया है।