{"_id":"6ac55e8721118bcbc7089da0","slug":"the-waters-receded-leaving-behind-a-quagmire-of-disease-kanpur-news-c-362-1-ka11006-158132-2026-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: पानी उतरा, छोड़ गया बीमारी का दलदल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: पानी उतरा, छोड़ गया बीमारी का दलदल
विज्ञापन
कानपुर। अफीम कोठी के पास डॉट नाला धंसने के बाद तीन माह से सीवर के गंदे पानी में घिरे लक्ष्मीपुरवा के लोगों को मंगलवार को जलभराव से राहत मिली लेकिन बीमारी का संकट बरकरार है। गली नंबर 85/74 निवासी धीरज की 11वीं में पढ़ने वाली बेटी खुशी की सोमवार को टाइफाइड से मौत के बाद जलकल, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंची। तीन पंप लगाकर यहां से पानी निकाला गया लेकिन कीचड़ और गंदगी ने करीब तीन हजार आबादी की मुश्किल बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब 50 लोग संक्रमण की चपेट में हैं। कई को बुखार, जुकाम और शरीर पर दाने हैं।
वार्ड-01 लक्ष्मीपुरवा की 85/74, 85/120 और 85/121 की गलियों में तीन माह से सीवर का बदबूदार पानी भरा था। पानी कई घरों में पहुंच गया था। मंगलवार को जलकल ने तीन पंप लगाकर निकासी कराई। एक-दो जगह अब भी कुछ पानी भरा है। स्वास्थ्य विभाग ने कई लोगों की जांच की। नगर निगम के अभियंत्रण विभाग ने भविष्य में जलनिकासी के लिए पाइप लाइन डालने के लिए मौके का निरीक्षण किया। सफाई के बाद यहां ब्लीचिंग, कीटनाशक और एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया। गली 85/74 निवासी मारकश्री (75), मनीष (17), आशीष (14 ), राजेश (40) और रामवटी (70) समेत कई लोग बीमार हैं।
एक माह तक जिम्मेदारी तय नहीं हुई
11 जून को डॉट नाला धंसने से छह मकानों के नीचे मिट्टी कटान शुरू हुई थी। नगर निगम ने मकान खाली करने के नोटिस दिए। करीब दो माह में नाले की मरम्मत हुई। वहीं इसके चार सप्ताह बाद जीटी रोड स्थित अफीम कोठी में फिर नाला धंस गया। इसे बनवाने के लिए एक माह तक जलकल और नगर निगम में जिम्मेदारी तय नहीं हुई।पार्षद विकास साहू के विरोध के बाद एक सप्ताह पहले काम शुरू हुआ। पार्षद ने बताया कि 2022 से अब तक उनके वार्ड में पांच जगह डॉट नाला धंस चुका है। अफीमकोठी पर वार्ड-6 में नाले के ऊपर करीब 50 पक्के मकान हैं। उन्होंने 15 दिन पहले शक्कर मिल खलवा 85/65 के जंक्शन पॉइंट पर 12 इंच की सीवर लाइन डालने और साढ़े सात एचपी के दो पंप लगाने का सुझाव दिया था जिससे भविष्य में जलनिकासी हो सके।
विज्ञापन
बातचीत
हर घर में लोग बीमार
तीन माह से गंदे पानी के बीच बीमारी से घिरे थे पर कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। हर घर में एक-दो लोग बीमार हैं। - शांति देवी
पहले देना चाहिए था ध्यान
जलनिकासी पर पहले ध्यान देना चाहिए था। बीमारी फैलने से खर्च बढ़ गया है। रोज परिवार में कोई न कोई बीमार रहता है। - रामवती
पानी के बाद कीचड़ फैला
दोनों बेटे बीमार हैं। गलियों से पानी निकल गया तो अब कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है। इससे परेशानी हो रही है। - सीमा
वर्जन
ब्रिटिशकालीन डॉट नाला कई जगह क्षतिग्रस्त है। मरम्मत चल रही है। डायवर्जन या दूसरी लाइन पर विचार है। पार्षद की मांग पर 12 इंच की सीवर लाइन और दो पंप की फाइल बन गई है, जल्द टेंडर होगा। - आनंद त्रिपाठी, महाप्रबंधक, जलकल
पानी निकासी के बाद मौके पर सफाई शुरू कराई है। ब्लीचिंग, कीटनाशक और एंटी लार्वा का छिड़काव कराया है। -अमित कुमार, जोनल स्वच्छता अधिकारी, जोन-1
अफीम कोठी में जलकल की सीवर व पानी की लाइन गई थी। लाइन टूटने से चैंबर बैठ गया और मिट्टी भर गई। मरम्मत के लिए खोदाई कराई गई तो अंडरग्राउंड केबिल निकल आई। अब पीछे की तरफ शक्कर मिल खलवा की ओर से खोदाई चालू कराई है। पाइप डालकर बचे पानी की निकासी शुरू कराने का प्रयास है। -मानिकचंद्र, सहायक अभियंता, जोन-1, नगर निगम
विज्ञापन
वार्ड-01 लक्ष्मीपुरवा की 85/74, 85/120 और 85/121 की गलियों में तीन माह से सीवर का बदबूदार पानी भरा था। पानी कई घरों में पहुंच गया था। मंगलवार को जलकल ने तीन पंप लगाकर निकासी कराई। एक-दो जगह अब भी कुछ पानी भरा है। स्वास्थ्य विभाग ने कई लोगों की जांच की। नगर निगम के अभियंत्रण विभाग ने भविष्य में जलनिकासी के लिए पाइप लाइन डालने के लिए मौके का निरीक्षण किया। सफाई के बाद यहां ब्लीचिंग, कीटनाशक और एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया। गली 85/74 निवासी मारकश्री (75), मनीष (17), आशीष (14 ), राजेश (40) और रामवटी (70) समेत कई लोग बीमार हैं।
विज्ञापन
एक माह तक जिम्मेदारी तय नहीं हुई
11 जून को डॉट नाला धंसने से छह मकानों के नीचे मिट्टी कटान शुरू हुई थी। नगर निगम ने मकान खाली करने के नोटिस दिए। करीब दो माह में नाले की मरम्मत हुई। वहीं इसके चार सप्ताह बाद जीटी रोड स्थित अफीम कोठी में फिर नाला धंस गया। इसे बनवाने के लिए एक माह तक जलकल और नगर निगम में जिम्मेदारी तय नहीं हुई।पार्षद विकास साहू के विरोध के बाद एक सप्ताह पहले काम शुरू हुआ। पार्षद ने बताया कि 2022 से अब तक उनके वार्ड में पांच जगह डॉट नाला धंस चुका है। अफीमकोठी पर वार्ड-6 में नाले के ऊपर करीब 50 पक्के मकान हैं। उन्होंने 15 दिन पहले शक्कर मिल खलवा 85/65 के जंक्शन पॉइंट पर 12 इंच की सीवर लाइन डालने और साढ़े सात एचपी के दो पंप लगाने का सुझाव दिया था जिससे भविष्य में जलनिकासी हो सके।
विज्ञापन
बातचीत
हर घर में लोग बीमार
तीन माह से गंदे पानी के बीच बीमारी से घिरे थे पर कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। हर घर में एक-दो लोग बीमार हैं। - शांति देवी
पहले देना चाहिए था ध्यान
जलनिकासी पर पहले ध्यान देना चाहिए था। बीमारी फैलने से खर्च बढ़ गया है। रोज परिवार में कोई न कोई बीमार रहता है। - रामवती
पानी के बाद कीचड़ फैला
दोनों बेटे बीमार हैं। गलियों से पानी निकल गया तो अब कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है। इससे परेशानी हो रही है। - सीमा
वर्जन
ब्रिटिशकालीन डॉट नाला कई जगह क्षतिग्रस्त है। मरम्मत चल रही है। डायवर्जन या दूसरी लाइन पर विचार है। पार्षद की मांग पर 12 इंच की सीवर लाइन और दो पंप की फाइल बन गई है, जल्द टेंडर होगा। - आनंद त्रिपाठी, महाप्रबंधक, जलकल
पानी निकासी के बाद मौके पर सफाई शुरू कराई है। ब्लीचिंग, कीटनाशक और एंटी लार्वा का छिड़काव कराया है। -अमित कुमार, जोनल स्वच्छता अधिकारी, जोन-1
अफीम कोठी में जलकल की सीवर व पानी की लाइन गई थी। लाइन टूटने से चैंबर बैठ गया और मिट्टी भर गई। मरम्मत के लिए खोदाई कराई गई तो अंडरग्राउंड केबिल निकल आई। अब पीछे की तरफ शक्कर मिल खलवा की ओर से खोदाई चालू कराई है। पाइप डालकर बचे पानी की निकासी शुरू कराने का प्रयास है। -मानिकचंद्र, सहायक अभियंता, जोन-1, नगर निगम