{"_id":"675092853889bf353302b226","slug":"the-team-is-busy-searching-the-network-of-the-factory-operator-etawa-news-c-216-1-etw1002-118746-2024-12-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: फैक्टरी संचालक के नेटवर्क को तलाशने में जुटी टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: फैक्टरी संचालक के नेटवर्क को तलाशने में जुटी टीम
विज्ञापन
इटावा। शहर के सराय शेख में पकड़ी गई अपंजीकृत दवाओं की फैक्टरी संचालक के पास मिली एक्सपायरी दवाओं को उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क को खंगालने में भी टीम जुटी हुई है। माना जा रहा है इस नेटवर्क में बड़े दावा माफिया शामिल हो सकते हैं।
सोमवार को प्रभारी डीएम के निर्देशन में प्रशासन और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के सराय शेख में एक घर पर छापेमारी करके अपंजीकृत दवाओं की फैक्टरी पकड़ी थी। यहां से बड़ी संख्या में दवाओं का जखीरा पकड़ा गया था। साथ ही बड़ी मात्रा में खाली कैप्सूल, सीरप की बोतलें और मिक्सर समेत कई उपकरण भी पकड़े गए थे।
मौके से बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाएं भी पकड़ी गई थी। जांच में पता चला था कि आरोपी एक्सपायर दवाओं का मिक्सर बनाकर सीरपों और कैप्सूलों में भर देता था। इसके बाद उसे बाजार में मेडिकल स्टोरों और झोलाछापों को बेचता था।
विज्ञापन
अब टीम उस नेटवर्क का पता लगाने में लगी है जो एक्सपायर दवाएं बड़ी मात्रा में सालों से आरोपी को उपलब्ध करा रहा था। माना जा रहा है कि इसके पीछे प्रदेश स्तर का कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है, जो हर जिले में इस तरह की फैक्टरियों को सहयोग करता है और इसके एवज में मोटा रुपया ले रहा है।
13 कंपनियों की जल्द होगी जांच
आयुर्वेद और यूनानी विभाग में वर्तमान में 13 कंपनियां सूचीबद्ध हैं। इनमें से एक कंपनी गुप्ता एंड फार्मा कंपनी भी शामिल है। अब यह मामला प्रकाश में आने के बाद प्रशासन सभी कंपनियों की जांच कराएगा जो आयुर्वेद विभाग की सूची में दर्ज है। एडीएम अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायत के बाद यह छापेमारी कराई गई थी। इस तरह की कार्रवाई अब निरंतर कराई जाएगी। आयुर्वेद विभाग में दर्ज कंपनियों की जांच पड़ताल कराने के लिए टीम को निर्देशित किया जाएगा।
विज्ञापन
सोमवार को प्रभारी डीएम के निर्देशन में प्रशासन और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के सराय शेख में एक घर पर छापेमारी करके अपंजीकृत दवाओं की फैक्टरी पकड़ी थी। यहां से बड़ी संख्या में दवाओं का जखीरा पकड़ा गया था। साथ ही बड़ी मात्रा में खाली कैप्सूल, सीरप की बोतलें और मिक्सर समेत कई उपकरण भी पकड़े गए थे।
विज्ञापन
मौके से बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाएं भी पकड़ी गई थी। जांच में पता चला था कि आरोपी एक्सपायर दवाओं का मिक्सर बनाकर सीरपों और कैप्सूलों में भर देता था। इसके बाद उसे बाजार में मेडिकल स्टोरों और झोलाछापों को बेचता था।
विज्ञापन
अब टीम उस नेटवर्क का पता लगाने में लगी है जो एक्सपायर दवाएं बड़ी मात्रा में सालों से आरोपी को उपलब्ध करा रहा था। माना जा रहा है कि इसके पीछे प्रदेश स्तर का कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है, जो हर जिले में इस तरह की फैक्टरियों को सहयोग करता है और इसके एवज में मोटा रुपया ले रहा है।
13 कंपनियों की जल्द होगी जांच
आयुर्वेद और यूनानी विभाग में वर्तमान में 13 कंपनियां सूचीबद्ध हैं। इनमें से एक कंपनी गुप्ता एंड फार्मा कंपनी भी शामिल है। अब यह मामला प्रकाश में आने के बाद प्रशासन सभी कंपनियों की जांच कराएगा जो आयुर्वेद विभाग की सूची में दर्ज है। एडीएम अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायत के बाद यह छापेमारी कराई गई थी। इस तरह की कार्रवाई अब निरंतर कराई जाएगी। आयुर्वेद विभाग में दर्ज कंपनियों की जांच पड़ताल कराने के लिए टीम को निर्देशित किया जाएगा।