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Kanpur News: महीने में 1500 सिम के ओटीपी जारी कराने का था लक्ष्य

Sun, 31 May 2026 02:12 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 31 May 2026 02:12 AM IST
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The target was to issue OTPs for 1500 SIMs in a month.
कानपुर। दिल्ली के बदरपुर क्षेत्र स्थित कॉल सेंटर में 20 से 25 युवतियां काम कर रही थीं। कई स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम की भी छूट थी। हर महीने 1200 से 1500 सिम के ओटीपी जारी कराने का लक्ष्य था। यह जानकारी पुलिस और साइबर सेल की जांच में सामने आई है।
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डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि सिम बेचने के साथ उनके ओटीपी साझा करने के खेल में कई युवतियों को नौकरी पर रखा गया था। उन्हें कीपैड मोबाइल, सिम और एंड्राइड फोन दिए गए थे। इनमें से कई युवतियां टेलीग्राम ग्रुप में जुड़ी हुई थीं जबकि कुछ व्हाट्सएप ग्रुपों में शामिल थीं। निर्धारित समय पर सभी को ओटीपी जारी किया जाता था। इससे एक दिन में 200 से 250 सिम के ओटीपी भी जारी हो जाते थे। इनमें से जो स्टाफ बेहतर कार्य करता था तो उसके लिए बोनस व अन्य स्कीम रखी गई थीं।
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पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि गिरोह के प्री एक्टिवेटेड सिम भी शातिरों को देने की आशंका है। इनके अलग रेट थे। सिम कार्ड का उपयोग कर साइबर अपराधी क्रेडिट कार्ड, बैंकिंग डेटा और अन्य डिजिटल तरीके स रुपये ट्रांसफर कराने का खेल करते थे। आरोपी सिम कार्ड के चैनल पार्टनर थे। सिम को साॅफ्टवेयर के आधार पर एक्टिवेट करा लेते थे।
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पुलिस कमिश्नर के मुताबिक ऋषि 2020 में क्लाउड किचन फूड डिलिवरी का कार्य करता था। कोरोना काल में कार्य नहीं चला तो उसने वोडाफोन कंपनी में कलेक्श्न एजेंट का कार्य शुरू कर दिया। 2022 में उसने यह काम बंद कर दिया। उसकी मुलाकात उत्सव के दोस्त रवि से हुई। उत्सव पहले एयरटेल में नौकरी करता था जिससे उसकी और अजय की पहले से जान पहचान थी। रवि ने ऋषि को सिम कार्ड के चैनल पार्टनर बनने की सलाह दी जिस पर ऋषि और उत्सव ने मिलकर कार्य शुरू कर दिया। रवि ने दोनों की मुलाकात अजय मित्तल से कराई। अजय ने दोनों से सिम खरीदकर बेचना शुरू किया। सिम की मांग बढ़ने पर अजय खुद भी सिम लेने लगा। 2024 में तीनों मिलकर सिम बेचने लगे। इस कार्य को बड़े स्तर पर करने के लिए कॉल सेंटर खोला। दुर्गेश और सचिन टेलीग्राम ग्रुपों से जुड़ गए। उनका काम ओटीपी के लिए क्लाइंट लाने का था।
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