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जिस स्कूल में पढ़े थे अखिलेश उसे गिराने की तैयारी, वजह ये रही

Thu, 28 Jun 2018 11:31 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Thu, 28 Jun 2018 11:31 AM IST
सार

- नजूल की जमीन पर बने भवन को गिराने पहुंचा था प्रशासनिक अमला
- फादर और प्रबंधक ने जताया विरोध 
 

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the school in which akhilesh studied will be demolished
इसी स्कूल में पढ़े थे अखिलेश - फोटो : अमर उजाला
यूपी के इटावा जिले में स्थित सेंट मैरी कालेज को गिराने की तैयारी की जा रही है। इस स्कूल में सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यहां पढाई की थी। जिस स्कूल में अखिलेश के बचपन का कुछ समय बीता उसको गिराने की खबरें सामने आते ही सियासत भी गर्म हो गयी। 

 
the school in which akhilesh studied will be demolished
इसी स्कूल को गिराया जाएगा - फोटो : अमर उजाला
इटावा जिले के बीचोबीच करोड़ों रुपये की बेशकीमती नजूल की जमीन पर बने सेंट मैरी इंटर कालेज के भवन को गिराने के लिए मंगलवार को प्रशासनिक अमला जेसीबी के साथ पहुंचा और निर्माण कार्य को रुकवा दिया।

 
the school in which akhilesh studied will be demolished
खड़ी जेसीबी मशीन व ट्रैक्टर - फोटो : अमर उजाला
कालेज प्रबंधक और प्रिंसिपल के विरोध के चलते उन्हें दस्तावेज दिखाने के लिए एसडीएम ने 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। मंगलवार को करीब साढ़े ग्यारह बजे एसडीएम सदर सिद्धार्थ, सीओ सिटी अंजनी कुमार चतुर्वेदी, प्रभारी निरीक्षक सिविल लाइन संजय त्यागी, प्रभारी निरीक्षक फ्रेंड्स कालोनी भोलू सिंह भाटी, टीएसआई विकास, क्यूआरटी फोर्स व नगर पालिका की टीम जेसीबी लेकर सेंट मैरी इंटर कालेज पहुंची।

 
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नक्शा के जरिए भूमि की जानकारी करते एसडीएम सदर - फोटो : अमर उजाला
अधिकारी सिविल लाइन थाने के पीछे बनी सेंट मैरी की नई बिल्डिंग को गिराने के लिए पहुंचे थे। एसडीएम सदर सिद्धार्थ की सूचना मिलते ही प्रिंसिपल फादर जोबी जोसेफ, स्कूल प्रबंधक फादर थॉमस व स्टाफ के अन्य लोगों मौके पर आ गए। एसडीएम ने उन्हें जानकारी दी कि यह भवन सरकारी जमीन पर बना है। इसका मुकदमा रेवेन्यू बोर्ड में चल रहा था। प्रशासन मुकदमा जीत चुका है। लिहाजा इस सरकारी भूमि को कब्जामुक्त किया जा रहा है। 

 
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एसडीएम सदर सिद्धार्थ, फादर जोबी जोसेफ के बीच होती नोकझोंक - फोटो : अमर उजाला
फादर जोबी थॉमस ने बिना किसी नोटिस के भवन गिराने की कार्रवाई को गलत बताया। एसडीएम ने कहा कि अप्रैल में जमीन की पैमाइश कराई गई थी। इसके बाद भी स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। एसडीएम सदर ने फादर से जब कागजात पेश करने को कहा तो वे मौके पर कागज प्रस्तुत नहीं कर सके। उनका कहना था कि यह भूमि से संबंधित कागजात सीएनआई चर्च में हैं। वे सूचना देकर कागज मंगवाते हैं।  काफी देर की कहासुनी के बाद एसडीएम सदर सिद्धार्थ ने फादर को कागज प्रस्तुत करने के लिए 24 घंटे का समय दिया है। 


 
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