पुलिस की लापरवाही: टेनरी विवाद में एसओ और इंस्पेक्टर की भूमिका संदिग्ध, सॉल्वर मामले में सिर्फ दरोगा निलंबित
जाजमऊ टेनरी विवाद में एसओ जाजमऊ के साथ इंस्पेक्टर चकेरी की भूमिका संदिग्ध मिली है। इसको देखते हुएडीसीपी पूर्वी ने एसीपी अनवरगंज को जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, सॉल्वर छोड़ने के मामले में सिर्फ दरोगा को निलंबित किया गया है, जबकि सॉल्वर को ले जाते चार पुलिसकर्मी दिख रहे हैं।
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कानपुर में जाजमऊ स्थित शालीमार टेनरी में एसओ जाजमऊ की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद अब चकेरी इंस्पेक्टर की साठगांठ की बात सामने आ रही है। डीसीपी ईस्ट ने उनके खिलाफ भी जांच के आदेश एसीपी अनवरगंज को दिए हैं।
टेनरी पर कब्जे को लेकर शहनाज, उनके भतीजे आमिर और नासिर के समर्थकों के बीच पथराव, तोड़फोड़ और गाड़ी पलटाने की घटना को अंजाम दिया गया था। यह पूरी घटना पुलिस के सामने हुई थी। इसके बाद डीसीपी ईस्ट ने एसओ जाजमऊ के खिलाफ जांच खोल दी थी।
एसीपी की जांच में खुलासा हुआ कि जिस रात घटना हो रही थी उस समय एसओ जाजमऊ पवन कुमार ने इंस्पेक्टर चकेरी शैलेंद्र कुमार सिंह को भी बुला लिया था। एक पक्ष ने इंस्पेक्टर की कई बार शिकायत भी दर्ज कराई थी।
टेनरी विवाद में इंस्पेक्टर की शिकायतें मिल रही थीं। घटना के समय उनकी मौजूदगी भी पाई गई है। जांच एसीपी अनवरगंज को दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -प्रमोद कुमार, डीसीपी ईस्ट
सॉल्वर को ले जाते दिखे चार पुलिसकर्मी, सिर्फ दरोगा निलंबित
कर्मचारी चयन आयोग की मल्टी टास्किंग सर्विस की परीक्षा में पकड़े गए सॉल्वर को छोड़ने के मामले में अधिकारियों ने एक दरोगा पर कार्रवाई कर मामले को रफादफा कर दिया। जबकि, सॉल्वर को छोड़े जाने में चार पुलिस कर्मी शामिल थे। इसका खुलासा संस्थान की ओर से पुलिस अधिकारियों को दिए गए सीसीटीवी फुटेज के जरिये हुआ।
सॉल्वर को छोड़े जाने के बाद केंद्र व्यवस्थापक राजीव मिश्रा ने प्रकरण की जानकारी सार्वजनिक की थी। जब रावतपुर पुलिस से सॉल्वर पकड़े जाने की बात पूछी गई तो उन्होंने इन्कार कर दिया था। जानकारी के बाद बुधवार सुबह दरोगा अभिषेक सोनकर समेत कई और पुलिस कर्मियों ने राजीव मिश्रा को धमकाया था। इसके बाद दरोगा को निलंबित कर दिया गया था।
केंद्र व्यवस्थापक ने पुलिस अधिकारियों को फुटेज दी तो सॉल्वर को ले जाते चार पुलिस कर्मी नजर आए। ऐसे में उनकी भूमिका भी संदिग्ध है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सिर्फ दरोगा पर ही कार्रवाई क्यों हुई। शहर के काकादेव, किदवईनगर, बर्रा और गोविंदनगर कोचिंग मंडी का हब है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि सॉल्वर गिरोह का पूरा नेटवर्क कोचिंग मंडी से ही संचालित होता है, जिनके संपर्क में कई पुलिस कर्मी भी हैं।