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Kanpur News: केडीए, नगर निगम में भूमि ट्रांसफर की प्रक्रिया हो ऑनलाइन
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मर्चेंट चैंबर सभाकक्ष मे इन्वेस्ट यूपी द्वारा आयोजित संवाद कार्यक्रम मे संबोधित करतीं सचिव मीत
- फोटो : संवाद
कानपुर। केंद्र सकार की ओर से ईज ऑफ डूईंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए गठित टास्क फोर्स की अध्यक्ष और नेशनल कमीशन फाॅर बैकवर्ड क्लास की सचिव मीता राजीव लोचन ने शुक्रवार को मर्चेंट चैंबर हाॅल में उद्यमियों के साथ संवाद किया। उद्यमियों ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए उद्योग स्थापना की प्रक्रिया, कानूनों को सरल बनाने के साथ ही कुशल श्रमिकों की समस्या दूर कराने की बात रखी। केडीए, नगर निगम में भूमि ट्रांसफर की प्रक्रिया ऑनलाइन करने के सुझाव दिए।
अध्यक्ष ने कहा कि श्रमिकों की समस्या दूर करने के लिए उद्योग, विश्वविद्यालय फोरम बनाकर हर महीने वर्कशाॅप करें ताकि विश्वविद्यालय या आईटीआई स्तर से ही इस पर काम शुरू किया जा सके। उद्योग की मांग के अनुरूप कोर्स तैयार किए जा सकें। उन्होंने उद्योगों की स्थापना के लिए टर्न अराउंड टाइम को 400 दिन से कम करने की बात कही। आईआईए के चेयरमैन आरके अग्रवाल ने भूमि को लीज होल्ड के स्थान पर फ्री होल्ड करने, श्रमिक संबंधी नियमों के पालन के लिए डिजिटल रजिस्ट्री का निर्माण करने और कुशल श्रमिकों की समस्या के समाधान के स्किल मैपिंग करने का सुझाव दिया।
आईआईए के राष्ट्रीय महामंत्री आलोक अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष दिनेश बरासिया, लघु उद्योग भारती के संरक्षक लाडली प्रसाद गुप्ता, पीआईए के अध्यक्ष बृजेश अवस्थी, संदीप अवस्थी, डॉ. आशीष अग्रवानने विभिन्न मांगें रखीं। बाद में उन्होंने विभागीय अफसरों के साथ भी बैठक की। इसमें जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, उपायुक्त उद्योग अंजनीश प्रताप सिंह ने कहा कि उद्योग संवर्धन और जिले में बेहतर निवेश पारिस्थितिकी के निर्माण के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। औद्योगिक शहर कानपुर को औद्योगिक संभावनाओं और निवेश आकर्षण का केंद्र बनाया जाएगा। इस मौके पर विक्रांत अग्रवाल, हर्षल अग्रवाल, हरेंद्र मूरजानी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विवेक चतुर्वेदी, अपर नगर आयुक्त जगदीश यादव, सचिव केडीए अभय पांडेय आदि मौजूद रहे।
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डिफेंस कॉरिडोर का किया निरीक्षण
कानपुर। टास्क फोर्स की अध्यक्ष ने बैठक के बाद साढ़ स्थित डिफेंस कॉरिडोर का भी निरीक्षण किया। अदाणी डिफेंस कॉम्प्लेक्स में बन रहे और बनने वाले उत्पादों की जानकारी ली। उत्पादों के कच्चा माल की सप्लाई पर जानकारी ली। बताया गया कि प्रतिदिन 10 टन पीतल की जरूरत होती है। हालांकि इसकी आपूर्ति इंदौर से की जाती है। इस पर उन्होंने सहायक इकाइयों से भी उत्पाद करने संबंधी चर्चा की। इस दौरान उन्हें बिजली के लोड की समस्या बताई गई।
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अध्यक्ष ने कहा कि श्रमिकों की समस्या दूर करने के लिए उद्योग, विश्वविद्यालय फोरम बनाकर हर महीने वर्कशाॅप करें ताकि विश्वविद्यालय या आईटीआई स्तर से ही इस पर काम शुरू किया जा सके। उद्योग की मांग के अनुरूप कोर्स तैयार किए जा सकें। उन्होंने उद्योगों की स्थापना के लिए टर्न अराउंड टाइम को 400 दिन से कम करने की बात कही। आईआईए के चेयरमैन आरके अग्रवाल ने भूमि को लीज होल्ड के स्थान पर फ्री होल्ड करने, श्रमिक संबंधी नियमों के पालन के लिए डिजिटल रजिस्ट्री का निर्माण करने और कुशल श्रमिकों की समस्या के समाधान के स्किल मैपिंग करने का सुझाव दिया।
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आईआईए के राष्ट्रीय महामंत्री आलोक अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष दिनेश बरासिया, लघु उद्योग भारती के संरक्षक लाडली प्रसाद गुप्ता, पीआईए के अध्यक्ष बृजेश अवस्थी, संदीप अवस्थी, डॉ. आशीष अग्रवानने विभिन्न मांगें रखीं। बाद में उन्होंने विभागीय अफसरों के साथ भी बैठक की। इसमें जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, उपायुक्त उद्योग अंजनीश प्रताप सिंह ने कहा कि उद्योग संवर्धन और जिले में बेहतर निवेश पारिस्थितिकी के निर्माण के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। औद्योगिक शहर कानपुर को औद्योगिक संभावनाओं और निवेश आकर्षण का केंद्र बनाया जाएगा। इस मौके पर विक्रांत अग्रवाल, हर्षल अग्रवाल, हरेंद्र मूरजानी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विवेक चतुर्वेदी, अपर नगर आयुक्त जगदीश यादव, सचिव केडीए अभय पांडेय आदि मौजूद रहे।
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डिफेंस कॉरिडोर का किया निरीक्षण
कानपुर। टास्क फोर्स की अध्यक्ष ने बैठक के बाद साढ़ स्थित डिफेंस कॉरिडोर का भी निरीक्षण किया। अदाणी डिफेंस कॉम्प्लेक्स में बन रहे और बनने वाले उत्पादों की जानकारी ली। उत्पादों के कच्चा माल की सप्लाई पर जानकारी ली। बताया गया कि प्रतिदिन 10 टन पीतल की जरूरत होती है। हालांकि इसकी आपूर्ति इंदौर से की जाती है। इस पर उन्होंने सहायक इकाइयों से भी उत्पाद करने संबंधी चर्चा की। इस दौरान उन्हें बिजली के लोड की समस्या बताई गई।