Kanpur: छह करोड़ खर्च कर बनाया खेल का मैदान अब खोद डाला, पार्क में बनाए जा रहे दो कृत्रिम तालाब…वह भी अधूरे
Kanpur News: कृत्रिम तालाबों के निर्माण के लिए नगर निगम ने 25 दिन पहले टेंडर निकाले थे। इसके बाद क्रिकेट ग्राउंड में करीब 50-50 मीटर लंबाई और करीब छह मीटर चौड़ाई में खोदाई करने के साथ ही मिट्टी के ढेर लगाने से प्रैक्टिस पिचें भी खराब हो गईं।
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कानपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड (केएससीएल) की तरफ से छह करोड़ रुपये खर्च कर विकसित किए गए शास्त्रीनगर बड़ा सेंट्रल पार्क के खेल मैदान को खोद डाला। यहां छठ पूजा क लिए दो कृत्रिम तालाब बनाए जा रहे हैं। जबकि यहां वर्षों से छठ पूजा की जा रही है। मैदान खोदने से क्रिकेट प्रेमियों में रोष है। उधर, कृत्रिम तालाब का काम भी अधूरा है।
शास्त्रीनगर सेंट्रल पार्क के सुंदरीकरण के साथ ही इसमें फुटसल ग्राउंड और छह महीने पहले क्रिकेट ग्राउंड भी विकसित किया गया। क्रिकेट के मैदान में दिन-रात मैच खेलने के लिए फ्लड लाइटें लगवाई गईं। ओपन जिम की तरफ प्रैक्टिस पिचें भी बनवाई गई थीं, पर इस मैदान में कोई भी प्रतियोगिता नहीं हो पाई। कृत्रिम तालाबों के निर्माण के लिए नगर निगम ने 25 दिन पहले टेंडर निकाले थे।
इसके बाद क्रिकेट ग्राउंड में करीब 50-50 मीटर लंबाई और करीब छह मीटर चौड़ाई में खोदाई करने के साथ ही मिट्टी के ढेर लगाने से प्रैक्टिस पिचें भी खराब हो गईं। आसपास की जमीन भी ऊबड़-खाबड़ हो गई। कृत्रिम तालाबों का ईंटों से निर्माण कराया जा रहा है। तालाब में जाने के लिए तीन सीढि़यां भी बनाई गई हैं। इनमें फर्श बनाने के लिए बीच में गिट्टी भी डाल दी गई है। पर, अभी तक फर्श नहीं बन पाई है। प्लास्टर भी नहीं हुआ है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनुमति और नगर आयुक्त के आदेश पर शास्त्रीनगर सेंट्रल पार्क में छठ पूजा के लिए कृत्रिम तालाब बनवाए जा रहे हैं। वहां पहले से छठ पूजा होती रही है। यह आस्था का विषय है। पूजा नहीं बंद करा सकते, इसीलिए यह निर्माण कराया जा रहा है। -दिवाकर भास्कर, अधिशासी अभियंता (प्रोजेक्ट), नगर निगम
खेल के मैदान को सुरक्षित रखा गया है। उसे किसी तरह का कोई नुकसान नहीं है। साथ ही लंबे समय से चली आ रही छठ मइया की पूजा का स्थल भी पहले से और विकसित किया जा रहा है। इतना ही नहीं छठ मइया स्थल को भव्य और सुंदर बनाने का काम भी शुरू कराया गया है। इसके अलावा यहां पर अभी एक पुस्तकालय का निर्माण भी कराने की योजना है। -सुरेंद्र मैथानी, विधायक गोविंदनगर