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अनाथ को हमारा हाथ: माता-पिता पहले चल बसे, कोरोना ने दादी को भी छीन लिया, अकेले रह गए बच्चे
Tue, 01 Jun 2021 08:53 AM IST
प्राची प्रियम
माई सिटी रिपोर्टर, कानपुर
माई सिटी रिपोर्टर, कानपुर
Published by: प्राची प्रियम
Updated Tue, 01 Jun 2021 08:53 AM IST
सार
कोरोना की दूसरी लहर में गोविंदनगर के तीन भाई-बहनों पर टूटा गमों का पहाड़। भरण-पोषण और शिक्षण के लिए अब रिश्तेदारों के भरोसे बच्चे।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : PTI
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विस्तार
पिता 11 साल पहले चल बसे तो मां को कैंसर निगल गया। अब दूसरी लहर में कोरोना ने तीन भाई-बहनों की पालनहार दादी को भी छीन लिया। गम में डूबे इन भाई-बहनों के सामने अब चुनौती है खुद को संभालना और माता-पिता व दादी के सपनों को साकार करना।
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ऐसे बेसहारा बच्चों को सहारा देने के लिए सरकार ने भरण-पोषण की योजना बनाई है। इसके तहत जिला प्रशासन ऐसे बच्चों की सूची तैयार कर उनकी मदद करेगा। प्रशासन के सहयोग के लिए अमर उजाला अपने अभियान ‘अनाथ को हमारा हाथ’ के तहत ऐसे बच्चों को सामने ला रहा है, जिन्हें मदद की दरकार है। हमारे इस अभियान से जुड़कर सामाजिक और अन्य संस्थाएं ऐसे बच्चों की सूचना या मदद दे सकती हैं।
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गोविंदनगर में ईड्ब्ल्यूएस कॉलोनी में बहन बबिता कपूर (17) और भाई सतीश कपूर (11) के साथ रह रहीं सुजाता कपूर (21) ने बताया कि पिता रेणु शाहा को क्रूर काल ने करीब 11 साल पहले ही छीन लिया था। तब छोटा भाई सतीश पैदा ही हुआ था। उसके कुछ दिन बाद मां दीपिका को कैंसर हुआ और उन्हें भी बचाया नहीं जा सका।
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अब तीनों की देखभाल की जिम्मा दादी कांतारानी कपूर पर था। जैसे-तैसे वह तीनों को संभाल रही थीं। पिछले माह कोरोना से उनका भी निधन हो गया। अब ये भाई-बहन बुआ शम्मी भल्ला के भरोसे हैं। उन्होंने ही गोविंदनगर में इनके रहने का इंतजाम किया है।
बताया कि सतीश और बबिता एल्बीनो (सूरजमुखी) हैं। बच्चों का कहना है कि दादी के निधन से लगा कि उनकी दुनिया ही खत्म हो गई, लेकिन धीरे-धीरे हौसले को मजबूत कर रहे हैं। वक्त ने कठिन परीक्षा में धकेल दिया है, फिर भी वे पढ़ाई जारी रखेंगे। दिनरात एक कर माता-पिता और दादी के सपनों को पूरा करेंगे। शम्मी भल्ला कहती हैं कि बच्चे पढ़ाई के प्रति गंभीर हैं। कोशिश है कि इनकी पढ़ाई में कोई बाधा न आने पाए।
हमें दें ऐसे बच्चों की जानकारी
कोरोना महामारी में माता-पिता को खोने वाले बच्चों के बारे में आपको कोई जानकारी हो तो कृप्या मोबाइल नंबर 7617566163 पर व्हाट्सएप करें या knp- cityreporter@knp.amarujala.com पर ईमेल करें।