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अफसर बनाते रहे रूपरेखा, किसानों ने बना दी अस्थायी गोशाला
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राजपुर (कानपुर देहात)। बीहड़ पट्टी में छुट्टा मवेशियों से परेशान किसानों को निजात दिलाने के लिए अफसर रूपरेखा बनाते रहे और किसानों ने अस्थायी गोशाला बनाकर तैयार कर दी। इसमें 71 मवेशियों के चारे का इंतजाम भी है।
बीहड़ पट्टी के गांवों में किसान छुट्टा मवेशियों से परेशान हैं। फसल बचाने की कवायद में जुटे भाल गांव के किसानों ने जनवरी में गांव के बाहर खाली पड़ी जमीन में अस्थायी गोशाला बनाने का निर्णय लिया। प्रधान बब्बन दीक्षित के नेतृत्व गांव के कई किसानों ने लकड़ी व कंटीले तारों से गोशाला की घेराबंदी कर 71 मवेशियों को रखकर चारे पानी की व्यवस्था कर दी। इसके लिए किसानों ने अपने स्तर से चंदा जुटाकर भूसा का इंतजाम किया है। एक महीने से किसान मवेशियों की देखभाल कर रहे हैं।
ग्राम प्रधान ने बताया कि बीहड़ पट्टी के किसानों के पास सिंचित भूमि बहुत कम है। बड़ी लागत और मेहनत से तैयार फसलों को छुट्टा मवेशी नुकसान पहुंचाते है। ऐसे में किसानों के सहयोग से अस्थायी गोशाला बनाई गई है। वहीं, किसानों की शिकायतों पर कई माह से अधिकारी रूपरेखा तैयार कर रहे थे, लेकिन किसान इससे एक कदम आगे निकल गए
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इंसेट-
चारे का बंदोबस्त करने का इंतजाम भी हवा
राजपुर बीडीओ बीएस शुक्ला ने एडीओ पंचायत व टीम के साथ गोशाला का 10 दिन पहले निरीक्षण कर भूसा चारे के इंतजाम का आश्वासन किसानों को दिया था, लेकिन चारे का बंदोबस्त करने का दावा भी हवा में निकल गया।
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बयान -
किसानों की गोशाला को स्थायी गोशाला बनाने की कवायद शुरू की गई है। आचार संहिता समाप्त होने पर प्रस्ताव तैयार कर इस्टीमेट बनाया जाएगा। लगभग सात लाख की लागत से टिन शेड लगाकर गोशाला तैयार की जाएगी। - बीएस शुक्ला, बीडीओ
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बीहड़ पट्टी के गांवों में किसान छुट्टा मवेशियों से परेशान हैं। फसल बचाने की कवायद में जुटे भाल गांव के किसानों ने जनवरी में गांव के बाहर खाली पड़ी जमीन में अस्थायी गोशाला बनाने का निर्णय लिया। प्रधान बब्बन दीक्षित के नेतृत्व गांव के कई किसानों ने लकड़ी व कंटीले तारों से गोशाला की घेराबंदी कर 71 मवेशियों को रखकर चारे पानी की व्यवस्था कर दी। इसके लिए किसानों ने अपने स्तर से चंदा जुटाकर भूसा का इंतजाम किया है। एक महीने से किसान मवेशियों की देखभाल कर रहे हैं।
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ग्राम प्रधान ने बताया कि बीहड़ पट्टी के किसानों के पास सिंचित भूमि बहुत कम है। बड़ी लागत और मेहनत से तैयार फसलों को छुट्टा मवेशी नुकसान पहुंचाते है। ऐसे में किसानों के सहयोग से अस्थायी गोशाला बनाई गई है। वहीं, किसानों की शिकायतों पर कई माह से अधिकारी रूपरेखा तैयार कर रहे थे, लेकिन किसान इससे एक कदम आगे निकल गए
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इंसेट-
चारे का बंदोबस्त करने का इंतजाम भी हवा
राजपुर बीडीओ बीएस शुक्ला ने एडीओ पंचायत व टीम के साथ गोशाला का 10 दिन पहले निरीक्षण कर भूसा चारे के इंतजाम का आश्वासन किसानों को दिया था, लेकिन चारे का बंदोबस्त करने का दावा भी हवा में निकल गया।
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बयान -
किसानों की गोशाला को स्थायी गोशाला बनाने की कवायद शुरू की गई है। आचार संहिता समाप्त होने पर प्रस्ताव तैयार कर इस्टीमेट बनाया जाएगा। लगभग सात लाख की लागत से टिन शेड लगाकर गोशाला तैयार की जाएगी। - बीएस शुक्ला, बीडीओ