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Kanpur News: एग्रीमेंट कराने वाले अधिवक्ता ने खुद को बताया डमी कैंडिडेट
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कानपुर। अधिवक्ता राजाराम हत्याकांड और जमीन से जुड़े विवाद का हिस्सा रहे लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है। मामले में अधिवक्ता राजाराम की बहू रेखा को भी जेल भेजा जा चुका है। शनिवार को पुलिस ने रेखा से जमीन का एग्रीमेंट कराने वाले दोनों अधिवक्ता जितेंद्र कुमार सिंह और मनोज सक्सेना को कोतवाली बुलाया था। जितेंद्र सिंह तो नहीं पहुंचे लेकिन मनोज आए और खुद को पूरे मामले में महज डमी कैंडिडेट बताया।
मामले के विवेचक कोतवाली प्रभारी जगदीश पांडेय ने बताया कि दोनों अधिवक्ताओं को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। नवाबगंज के सुक्खीपुरवा नई बस्ती निवासी जितेंद्र कुमार सिंह ने रिश्तेदार के देहांत की बात कहकर आने में असमर्थता जताई। वहीं, क्यू ब्लॉक शारदानगर निवासी अधिवक्ता मनोज सक्सेना से कई घंटे तक पूछताछ की गई। जमीन के एग्रीमेंट के लिए रुपया कहां से आया था, इस सवाल पर अधिवक्ता पहले तो चुप्पी साध गए फिर बोले कि उन्होंने एग्रीमेंट के लिए न तो किसी को कोई रुपये दिए न कोई चेक। इंस्पेक्टर के अनुसार अधिवक्ता मनोज ने कहा कि एग्रीमेंट के नाम पर जो लिया-दिया गया सब साथी अधिवक्ता जितेंद्र सिंह ने रामखिलावन, राजबहादुर और कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर किया है। विवेचक जगदीश पांडेय के अनुसार अगले दो दिन में जितेंद्र को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
रेखा वर्मा से जमीन का एग्रीमेंट कराने वाले अधिवक्ता जितेंद्र कुमार सिंह से कोतवाली पुलिस कुछ दिन पहले एक राउंड पूछताछ कर चुकी है। तब उनसे एग्रीमेंट कराने की रकम से लेकर उसे निरस्त कराने जैसे सवाल शामिल थे। हालांकि वह पुलिस के कुछ सवालों को छोड़कर अन्य सभी पर याद नहीं, भूल गया जैसे जवाब देते नजर आए। तब अधिवक्ता ने अपने पक्ष में कुछ सबूत पेश करने के लिए कुछ दिनों का समय मांगा था।
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मामले के विवेचक कोतवाली प्रभारी जगदीश पांडेय ने बताया कि दोनों अधिवक्ताओं को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। नवाबगंज के सुक्खीपुरवा नई बस्ती निवासी जितेंद्र कुमार सिंह ने रिश्तेदार के देहांत की बात कहकर आने में असमर्थता जताई। वहीं, क्यू ब्लॉक शारदानगर निवासी अधिवक्ता मनोज सक्सेना से कई घंटे तक पूछताछ की गई। जमीन के एग्रीमेंट के लिए रुपया कहां से आया था, इस सवाल पर अधिवक्ता पहले तो चुप्पी साध गए फिर बोले कि उन्होंने एग्रीमेंट के लिए न तो किसी को कोई रुपये दिए न कोई चेक। इंस्पेक्टर के अनुसार अधिवक्ता मनोज ने कहा कि एग्रीमेंट के नाम पर जो लिया-दिया गया सब साथी अधिवक्ता जितेंद्र सिंह ने रामखिलावन, राजबहादुर और कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर किया है। विवेचक जगदीश पांडेय के अनुसार अगले दो दिन में जितेंद्र को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
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रेखा वर्मा से जमीन का एग्रीमेंट कराने वाले अधिवक्ता जितेंद्र कुमार सिंह से कोतवाली पुलिस कुछ दिन पहले एक राउंड पूछताछ कर चुकी है। तब उनसे एग्रीमेंट कराने की रकम से लेकर उसे निरस्त कराने जैसे सवाल शामिल थे। हालांकि वह पुलिस के कुछ सवालों को छोड़कर अन्य सभी पर याद नहीं, भूल गया जैसे जवाब देते नजर आए। तब अधिवक्ता ने अपने पक्ष में कुछ सबूत पेश करने के लिए कुछ दिनों का समय मांगा था।
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