कानपुर देहात। क्षय रोगियों की मदद के लिए सरकार स्वयं सेवी संस्थाओं व अफसरों को उन्हें गोद लेने के लिए प्रेरित कर रही है। ताकि क्षय रोगियों के खानपान की बेहतर व्यवस्था हो सके। पिता से ये बातें सुनकर प्रेरित हुई दस वर्षीय बालिका ने अपनी गुल्लक फोड़ कर रुपयों से पौष्टिक आहार खरीदा। इसके बाद सिकंदरा सीएचसी जाकर एक क्षय रोगी को दिया।
सिकंदरा सीएचसी में तैनात क्षय रोग वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक बृजेश कुमार दीक्षित की दस वर्षीय बेटी दिव्या ने बताया कि पिता अक्सर घर में क्षय रोगियों की मदद को लेकर चर्चा करते थे। उनके इलाज में आने वाली समस्याओं पर बात होती थी। इस पर सोमवार को गुल्लक के पैसों से एक क्षय रोगी के लिए भुना चना, सोयाबड़ी, दलिया, गुड़ व बिस्कुट खरीदकर सीएचसी में इलाज के लिए आई क्षय रोगी मुस्कान को दिए। बृजेश दीक्षित ने बताया कि बेटी ने जरूरतमंद की मदद को हाथ बढ़ाए हैं। इससे आर्थिक रूप से संपन्न लोगों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए।