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खेल में राजनीति खत्म हो : मैरीकॉम
पंकज प्रसून, कानपुर
Updated Thu, 17 Dec 2015 01:42 AM IST
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मुक्केबाजी में ओलंपियन एमसी मैरीकॉम ने कहा कि देश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत है खेल में राजनीति खत्म करके टैलेंट को आगे लाया जाए। उनका कहना है कि बॉक्सिंग को लेकर यूथ में काफी क्रेज है, लेकिन सभी को बेहतर प्लेटफार्म मिले, इसके लिए निचले स्तर पर स्पोर्ट्स एसोसिएशन को भी काम करना पड़ेगा।
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हर खिलाड़ी मेडल जीतने के लिए ही खेलता है, लेकिन ऐसा कोई-कोई ही कर पाता है। दरअसल देश में खिलाड़ियों को विश्व विजेता की तरह तैयार करने की व्यवस्था अभी विश्वस्तरीय नहीं है।
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यही वजह है कि पूरा जोश लगाने के बावजूद इंटरनेशनल प्लेटफार्म में हमारे खिलाड़ी कहीं न कहीं चूक जाते हैं। बुधवार को अमर उजाला रूपायन अचीवर अवार्ड समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मैरीकॉम यहां आई थीं।
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‘अमर उजाला’ से विशेष बातचीत में ओलंपिक पदक विजेता मैरीकॉम ने कहा कि पिछड़े तबके की लड़कियां तेजी से खेल में आगे आ रही हैं, लेकिन उन्हें सही गाइडेंस और सही प्लेटफार्म नहीं मिलने से वे स्टेट लेवल से आगे नहीं बढ़ पाती हैं। जितना टैलेंट निकलता है, वह सभी संसाधनों के अभाव में दम तोड़ जाता है।
यदि अब भी हमारी सरकार इस दिशा में काम शुरू कर दे तो देश में हर साल ढेरों मेडल आने लगेंगे। मैरीकॉम ने बताया कि उन्होंने मणिपुर में स्पोर्ट्स एकेडमी की स्थापना की है, जिसमें अभी 30 खिलाड़ियों को वह बॉक्सिंग के तौर तरीके सिखा रही हैं।
उनका कहना है कि आज भी लड़कियों को खेलने, पढ़ने और सामाजिक तौर पर खुलकर जीने के मामले में कहीं न कहीं प्रतिबंध है। देश के ग्रामीण क्षेत्रों में इस स्थिति को ज्यादा देखा जा सकता है। हमें लोगों को सामाजिक तौर पर जागरूक करना होगा, तब जाकर हम लड़कियों को समाज में बराबरी का दर्जा दे पाएंगे।
उन्होंने बताया कि ऐसी परिस्थितियों से वह स्वयं भी गुजर चुकी हैं, इसलिए वह जानती हैं कि अपने टैलेंट को साबित करने के लिए कितनी मेहनत और कितना कष्ट उठाना पड़ता है। ऐसे में यदि समाज और परिवार का साथ न हो तो प्राथमिक स्तर पर ही सब कुछ खत्म हो जाता है।
इसके लिए छोटी-छोटी जगहों पर खेल संगठन बनाकर युवाओं को खेल के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वह इस समय कांटीनेंटल गेम में भाग लेने के लिए तैयारी कर रही हैं। मैरीकॉम ने रूपायन अचीवर अवार्ड के जरिए अमर उजाला की कोशिश की सराहना की।
सभी को मेरा सादर प्रणाम
सभी को मेरा सादर प्रणाम। मैरीकॉम के मुंह से हिंदी के ये शब्द सुनकर पूरा कानपुर क्लब तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कानपुर क्लब में लोगों को उम्मीद थी कि वह अंग्रेजी में संबोधन करेंगी। लेकिन, वे न सिर्फ हिंदी में बोलीं बल्कि जहां कहीं अंग्रेजी के शब्दों को बोलने की जरूरत पड़ी तो मंच पर ही उसका हिंदी अर्थ भी जानने की कोशिश की। वे बेलौस पूछ लेती थीं कि इस शब्द को हिंदी में क्या बोलेंगे। करीब सात मिनट का पूरा भाषण उन्होंने हिंदी में दिया।
अमर उजाला के अभियान को सराहा
अमर उजाला के ‘बेटी ही बचाएगी’ मुहिम की ब्रांड एंबेसडर मैरीकॉम ने खुद को इस काम के लिए चुने जाने पर खुशी जताई। अमर उजाला के अभियान की सराहना की और कहा कि सच में समाज को अब बेटी ही बचाएगी। अमर उजाला ने बेटियों के सम्मान के लिए एक बेटी को चुना। यह अनुकरणीय है।
मैं बार-बार आना चाहती हूं कानपुर
कानपुर में हुए स्वागत और अपार स्नेह से गदगद मैरीकॉम ने बार बार यहां आने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि कानपुर के बारे में अक्सर सुना करती थी। यहां आकर बच्चों और लोगों से स्नेह पाकर बहुत खुश हूं। बहुत अच्छा लगा कि एक बॉक्सिंग के खिलाड़ी को भी लोग क्रिकेट के खिलाड़ियों जितना पसंद करते हैं।
बॉक्सिंग सीखने वालों को मणिपुर बुलाया
मैरीकॉम ने कहा, कानपुर की कोई भी लड़की बॉक्सिंग सीखना चाहती है तो उसका मणिपुर में स्वागत है। वे उनके पास आएं और निशुल्क ट्रेनिंग लें।