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इंग्लैंड में आठ महीनों तक गूंजेगा हर-हर गंगे, नमामि गंगे से लोगों को जोड़ने के लिए लगाई जाएगी प्रदर्शनी

Mon, 14 Dec 2020 11:27 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा शैली भल्ला, अमर उजाला, कानपुर
शैली भल्ला, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Mon, 14 Dec 2020 11:27 AM IST
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The exhibition will be held in England for eight months to connect the people with Namami Gange
नमामि गंगे प्रोजेक्ट - फोटो : amar ujala
इंग्लैंड में आठ महीनों (अप्रैल से नवंबर 2021) तक हर-हर गंगे की धूम रहेगी। नमामि गंगे प्रोजेक्ट से वहां के लोगों को जोड़ने और गंगा का महत्व बताने के लिए सेंटर फॉर गंगा रिवर बेसिन मैनेजमेंट एंड स्टडीज प्रदर्शनी का आयोजन करेगा। इसमें लोगों को नमामि गंगे मिशन से जुड़ी सभी जानकारियां दी जाएंगी। 
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इंग्लैंड के आठ बड़े शहरों में बारी-बारी से प्रदर्शनी लगाई जाएगी। साउथेम्प्टन से शुरू होने वाली यह प्रदर्शनी लंदन, ऑक्सफोर्ड, कैंब्रिज, बर्मिंघम, लेसिस्टर, मैनचेस्टर होकर अंत में ग्लासगो पर खत्म होगी। प्रदर्शनी में वीडियो, पोस्टरों, मॉडलों और सांस्कृतिक आयोजनों से गंगा के महत्व के बारे में बताया जाएगा।
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पहली बार यूके में यह आयोजन किया जा रहा है। रिवर बेसिन मैनेजमेंट एंड स्टडीज के संस्थापक प्रोफेसर विनोद तारे ने बताया कि विदेशी भी गंगा के बारे में जानना चाहते हैं और इस मिशन से जुड़ना चाहते हैं। भारत सरकार भी इस मिशन पर पूरे विश्व का सहयोग चाहती है। इसलिए प्रदर्शनी लगाई जा रही है।

प्रो. तारे का कहना है कि गंगा एक संस्कृति बन चुकी है, अगर हम कावेरी में भी स्नान करते हैं तो हमारे मुंह से हर हर गंगे ही निकलता है। प्रदर्शनी में इसी तरह के महत्वों के बारे में बताया जाएगा। प्रदर्शनी की तैयारी यूके हाई कमीशन की ओर से की गई है। बता दें कि रिवर बेसिन मैनेजमेंट एंड स्टडीज जल शक्ति मंत्रालय का नॉलेज पार्टनर भी है। 

लोकल फॉर वोकल से कम होगा नदियों का प्रदूषण 
 प्रो. तारे ने बताया कि लोकल फॉर वोकल से प्रदूषण भी काफी हद तक कम हो सकता है। चूंकि अधिकतर व्यापार नदियों के रास्ते होता है, ऐसे में नदियां प्रदूषित होती हैं। अगर लोग लोकल फॉर वोकल अपनाएंगे तो नदियों का प्रदूषण भी काफी तेजी से कम होगा।
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