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औरैया: टिकट न होने पर बुजुर्ग को बस से उतारा, बुजुर्ग ने खुद को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बताया
Fri, 22 Nov 2019 09:07 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, औरैया
यूपी डेस्क, अमर उजाला, औरैया
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 22 Nov 2019 09:07 PM IST
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रोडवेज बस सेवा
- फोटो : अमर उजाला
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औरैया में बिधूना से औरैया आ रही रोडवेज बस में मुफ्त सफर कर रहे एक बुजुर्ग के साथ चेकिंग टीम की बहस हो गई। बुजुर्ग का आरोप है कि वह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हैं। टिकट न बनवाने पर चेकिंग टीम ने उन्हें बस से उतार दिया। उधर, एआरएम का कहना है कि बुजुर्ग के पास स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का कोई प्रमाण नहीं था।
बहस होने पर वह स्वयं बस से उतर गए हैं। बिधूना से औरैया होकर आगरा जाने वाली रोडवेज बस शुक्रवार को दोपहर बिधूना बस अड्डे से रवाना हुई। लगभग दो किमी जाने पर एआरएम रमाशंकर चौधरी के नेतृत्व में खड़ी चेकिंग टीम ने बस को रोका और सवारियों की चेकिंग की।
इस दौरान बुजुर्ग राजाराम शाक्य ने स्वयं को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बताते हुए टिकट न बनवाने की बात कही। चेकिंग टीम व परिचालक ने मान्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का प्रमाण पत्र मांगा तो बुजुर्ग ने विनोबा भावे मिशन चंबल घाटी का कार्ड दिखाया और कहा कि वह यही कार्ड दिखाकर सरकारी बसों में मुफ्त सफर करते रहे हैं।
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इस पर चेकिंग टीम ने विनोबा भावे संस्था का कार्ड अमान्य बताते हुए टिकट बनवाने की बात कही। इस पर बुजुर्ग और चेकिंग टीम के बीच बहस हो गई। बहस के दौरान ही बुजुर्ग बस से उतर गए। बाद में जिला मुख्यालय स्थित एआरटीओ कार्यालय पहुंचे बुजुर्ग राजाराम शाक्य ने बताया कि वह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी है और चंबल घाटी के रहने वाले हैं।
एक मामले के संबंध में वह औरैया डीएम से मिलने जिला मुख्यालय आ रहे थे। तभी उसके साथ चेकिंग टीम ने अभद्रता की और बस से उतार दिया। साथ ही बुजुर्ग ने कार्ड छीनने का आरोप भी लगाया। उधर, इस संबंध में औरैया डिपो के एआरएम रमाशंकर चौधरी का कहना है कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बताकर सफर करने वाले बुजुर्ग से कार्ड मांगा गया तो उन्होंने संस्था का कार्ड दिखाया। जिसे मान्य न करते हुए टिकट बनवाने पर बुजुर्ग ने बहस की। बहस अधिक होने पर बुजुर्ग स्वयं ही बस से उतर गए। उन्हें बस से उतारने का दबाव नहीं बनाया गया है।
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बहस होने पर वह स्वयं बस से उतर गए हैं। बिधूना से औरैया होकर आगरा जाने वाली रोडवेज बस शुक्रवार को दोपहर बिधूना बस अड्डे से रवाना हुई। लगभग दो किमी जाने पर एआरएम रमाशंकर चौधरी के नेतृत्व में खड़ी चेकिंग टीम ने बस को रोका और सवारियों की चेकिंग की।
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इस दौरान बुजुर्ग राजाराम शाक्य ने स्वयं को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बताते हुए टिकट न बनवाने की बात कही। चेकिंग टीम व परिचालक ने मान्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का प्रमाण पत्र मांगा तो बुजुर्ग ने विनोबा भावे मिशन चंबल घाटी का कार्ड दिखाया और कहा कि वह यही कार्ड दिखाकर सरकारी बसों में मुफ्त सफर करते रहे हैं।
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इस पर चेकिंग टीम ने विनोबा भावे संस्था का कार्ड अमान्य बताते हुए टिकट बनवाने की बात कही। इस पर बुजुर्ग और चेकिंग टीम के बीच बहस हो गई। बहस के दौरान ही बुजुर्ग बस से उतर गए। बाद में जिला मुख्यालय स्थित एआरटीओ कार्यालय पहुंचे बुजुर्ग राजाराम शाक्य ने बताया कि वह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी है और चंबल घाटी के रहने वाले हैं।
एक मामले के संबंध में वह औरैया डीएम से मिलने जिला मुख्यालय आ रहे थे। तभी उसके साथ चेकिंग टीम ने अभद्रता की और बस से उतार दिया। साथ ही बुजुर्ग ने कार्ड छीनने का आरोप भी लगाया। उधर, इस संबंध में औरैया डिपो के एआरएम रमाशंकर चौधरी का कहना है कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बताकर सफर करने वाले बुजुर्ग से कार्ड मांगा गया तो उन्होंने संस्था का कार्ड दिखाया। जिसे मान्य न करते हुए टिकट बनवाने पर बुजुर्ग ने बहस की। बहस अधिक होने पर बुजुर्ग स्वयं ही बस से उतर गए। उन्हें बस से उतारने का दबाव नहीं बनाया गया है।