UP: बड़े ने छोटे भाई के सीने में घोपा चाकू...मौत, बंटवारे को लेकर मां से कर रहा था मारपीट, पढ़ें पूरा मामला
Kanpur Dehat News: रूरा थाना क्षेत्र में बंटवारे को लेकर मां से बड़ा बेटा मारपीट कर रहा था। इस दौरान छोटा बेटा बीच बचाव करने गया था। इस पर बड़े ने छोटे के सीने में चाकू घोंप दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
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कानपुर देहात में रूरा थाना क्षेत्र के जिनई गढ़ेवा में बंटवारे को लेकर मां के साथ मारपीट का विरोध कर बीच बचाव करने पर बड़े भाई से छोटे भाई के सीने में चाकू घोप दिया। खून से लथपथ युवक को परिवार के लोग सीएचसी लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी बड़ा भाई मौके से भाग निकला। जिनई गढ़ेवा निवासी बादामी देवी के तीन बेटों में रमाशंकर (26) सबसे छोटा था।
मझले बेटे गिरजाशंकर ने पुलिस को बताया कि बंटवारे को लेकर मंगलवार दोपहर सवा तीन बजे बड़ा भाई उमाशंकर मां के साथ मारपीट करने लगा। मारपीट होती देख छोटे भाई रमाशंकर ने विरोध जताकर बीच बचाव किया तो गुस्से में बड़े भाई ने अपनी पैंट की जेब से चाकू निकालकर छोटे भाई के सीने में घोप दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। शोर सुन ग्रामीणों के आ जाने पर बड़ा भाई मौके से भाग निकला।
दो टीमें आसपास के गांवों में दे रहीं हैं दबिश
सूचना पर पहुंची पुलिस व फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। परिजनों व ग्रामीणों से पूछताछ के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थाना प्रभारी एसएन सिंह ने बताया कि गिरजाशंकर की तहरीर पर हत्या व मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपी की तलाश में दो टीमें आसपास के गांवों में दबिश दे रहीं हैं। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा। छोटे भाई की मौत की जानकारी पर मझला भाई गिरजाशंकर अस्पताल में फफक कर रो पड़ा।
छोटे भाइयों के नाम खरीदी जमीन गुजरी नागवार
भाई गिरजाशंकर को पुलिस कर्मियों ने ढांढस बंधाया। उसने बताया कि मां ने पहले उमाशंकर के नाम दो बीघा जमीन खरीदी थी। कुछ समय पहले उसके व रमाशंकर के नाम कुल सवा दो बीघा जमीन खरीदने से नाराज बड़ा भाई आए दिन मां से झगड़ा करता था। मंगलवार को वह और रमाशंकर घर से 200 मीटर दूर के खेत में पानी लगाए थे। इसी बीच गांव के लोगों ने बताया कि उमाशंकर मां के साथ झगड़ा कर रहा है। इस पर वह दोनों दौड़कर घर पहुंचे थे।
कपूत खा गया सपूत को
रमाशंकर की हत्या पर पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। ग्रामीणों ने स्वार्थ के पीछे सगे भाई की हत्या की निंदा करते हुए रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना बताई। वहीं मां बादामी देवी दहाड़ें मार- मार कर स्वयं को कोसती रही। बोली कि उमाशंकर नशे का आदि था। कपूत ने उसका सपूत छीन लिया। मारपीट की जानकारी पर घर आए बेटों को बचाने के लिए न पुकारती, तो आज उसका सपूत जिंदा होता।
बेटी को अफसर बनाना चाहता था रमाशंकर
पति की हत्या पर पत्नी कीर्ति बेसुध हो गई। डेढ़ साल की मासूम बेटी को गोद में बिलखती रही। बोली कि पति नोएडा में रहकर सिलाई का काम करते थे। गेहूं की फसल की कटाई मड़ाई के लिए भाई गिरजाशंकर की मदद करने के लिए घर पर रुक गए थे। वह बेटी को पढ़ा लिखा कर अफसर बनाना चाहते थे।