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Kanpur News: डॉक्टरों ने तीन खातों में भेजे थे वसूली के एक लाख रुपये
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कानपुर। कोतवाली पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में 40-45 अभ्यर्थियों से करीब तीन रुपये वसूली की बात सामने आई है। इनमें से 30 हजार रुपये नकद मौके से मिले हैं जबकि एक लाख रुपये तीन अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन पहुंचाए गए हैं। ये तीन खाते किन किन लोगों के हैं। इसके अलावा बाकी के 1.70 लाख रुपये कहां गए इसकी भी जांच कराई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक पुलिस लाइन में चल रहे मेडिकल परीक्षण के दौरान कुछ होमगार्ड अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मिल रही है क्योंकि परीक्षण के दौरान किसी भी अभ्यर्थी को कोई भी सामान अपने पास रखना मना था। ऐसे में उनके पास उनके बैग और मोबाइल कैसे आ गए जिससे वे नकद और ऑनलाइन भुगतान कर सके।
एसीपी ने बताया कि गुरुवार को कुल 200 अभ्यर्थियों का मेडिकल परीक्षण होना था जिसमें 180 का हो भी चुका था सिर्फ 20 का परीक्षण होना बाकी था। 20 अभ्यर्थियों ने दोनों डॉक्टरों और चालक के खिलाफ खुलकर शिकायत की है। एसीपी के मुताबिक किन विभागीय लोगों की डॉक्टरों के साथ मिलीभगत थी इसकी भी जांच कराई जाएगी। बताया कि दोनों डॉक्टर पुलिस लाइन करीब दो घंटे देर से पहुंचे थे।
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किसी की मां तो किसी की पत्नी कोतवाली में डटी रही
शुक्रवार सुबह से ही दोनों डॉक्टरों के परिजन कोतवाली में डटे रहे और जेल जाने से पहले ही जमानत के लिए अधिवक्ताओं के संपर्क में दिखे। डॉ. प्रवीण की पत्नी गरिमा जो कि पनकी सीएचसी में डॉक्टर हैं वह सुबह ही कोतवाली पहुंच गईं। इसके बाद डॉ. महेश की बुजुर्ग की मां भी कोतवाली में एफआईआर लेने के लिए मौजूद रहीं। फिर शाम को दोनों डॉक्टर अचानक बीमार भी पड़ गए।
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पुलिस के मुताबिक पुलिस लाइन में चल रहे मेडिकल परीक्षण के दौरान कुछ होमगार्ड अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मिल रही है क्योंकि परीक्षण के दौरान किसी भी अभ्यर्थी को कोई भी सामान अपने पास रखना मना था। ऐसे में उनके पास उनके बैग और मोबाइल कैसे आ गए जिससे वे नकद और ऑनलाइन भुगतान कर सके।
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एसीपी ने बताया कि गुरुवार को कुल 200 अभ्यर्थियों का मेडिकल परीक्षण होना था जिसमें 180 का हो भी चुका था सिर्फ 20 का परीक्षण होना बाकी था। 20 अभ्यर्थियों ने दोनों डॉक्टरों और चालक के खिलाफ खुलकर शिकायत की है। एसीपी के मुताबिक किन विभागीय लोगों की डॉक्टरों के साथ मिलीभगत थी इसकी भी जांच कराई जाएगी। बताया कि दोनों डॉक्टर पुलिस लाइन करीब दो घंटे देर से पहुंचे थे।
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किसी की मां तो किसी की पत्नी कोतवाली में डटी रही
शुक्रवार सुबह से ही दोनों डॉक्टरों के परिजन कोतवाली में डटे रहे और जेल जाने से पहले ही जमानत के लिए अधिवक्ताओं के संपर्क में दिखे। डॉ. प्रवीण की पत्नी गरिमा जो कि पनकी सीएचसी में डॉक्टर हैं वह सुबह ही कोतवाली पहुंच गईं। इसके बाद डॉ. महेश की बुजुर्ग की मां भी कोतवाली में एफआईआर लेने के लिए मौजूद रहीं। फिर शाम को दोनों डॉक्टर अचानक बीमार भी पड़ गए।