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आयुर्वेद के डॉक्टर ने कर दिया ऑपरेशन

Mon, 29 Feb 2016 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर Updated Mon, 29 Feb 2016 01:35 AM IST
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The doctor turned to Ayurveda operation
जयराम हॉस्पिटल बर्रा में आयुर्वेद के डॉक्टर ने स्पोर्ट्स टीचर अंकिता (26) का ऑपरेशन कर दिया था। ‘अमर उजाला’ को इसके पुख्ता प्रमाण और रिकार्डिंग मिल गई है। इससे पता चला है कि आयुर्वेद के डॉक्टर ने किराए की लैप्रोस्कोपिक मशीन से अंकिता के पेट से गाल ब्लैडर निकाला लेकिन हड़बड़ी में पेट के अंदर खून की नस को बंद करना भूल गए। इस वजह से ऑपरेशन के बाद अंकिता के पेट में धीरे-धीरे खून भरता गया और यही उसकी मौत की वजह बना। अपनी गर्दन बचाने के लिए आयुर्वेद के डॉक्टर ने परिजनों को एक सर्जन डॉ बृजेंद्र यादव (एमएस) का झूठा नाम बता दिया कि ऑपरेशन उन्होंने किया है। अब डॉ बृजेंद्र ने अस्पताल संचालकों के खिलाफ बर्रा थाने में तहरीर दी है।
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बर्रा 8 के टिकरा की अंकिता पुत्री जगरूप सिंह यादव महिला डिग्री कॉलेज किदवई नगर में संविदा पर स्पोर्ट्स की टीचर थीं। दो फरवरी को पेट के दाहिने हिस्से में दर्द होने पर परिजन उसे लेकर जयराम हॉस्पिटल बर्रा पहुंचे। यहां डॉ. देवेंद्र सिंह यादव  ने अंकिता का अल्ट्रासाउंड कराया। अल्ट्रासाउंड में गाल ब्लेडर में पथरी की पुष्टि के बाद अंकिता का उसी शाम जयराम हॉस्पिटल में ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन आयुर्वेद के डॉक्टर ने किया जो इसके पात्र ही नहीं हैं। ऑपरेशन के बाद चार फरवरी को पेट में दर्द होने के बाद भी अंकिता को डिस्चार्ज कर दिया गया। दस फरवरी को दिक्कत ज्यादा बढ़ने पर परिजन अंकिता को लेकर जयराम हॉस्पिटल पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि संचालक डॉ. देवेंद्र यादव ने अंकिता को नींद का इंजेक्शन देना शुरू किया। 11 फरवरी को अंकिता दर्द से तड़पने लगी तो उसे आभा सुपरस्पेशलटी नर्सिंग होम ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया तो पेट में तीन से चार लीटर खून निकला। आभा के डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि गॉल ब्लैडर निकालने के लिए सिस्टिक आर्टरी को काटकर दोनो ओर क्लिप लगा दी जाती है। फिर सिस्टिक डक्ट काटा जाता है। इसके बाद ब्लैडर बाहर निकाला जाता है। इससे एक क्लिप तो ब्लैडर के साथ शरीर से बाहर निकल आती है और दूसरे आर्टरी को टैप किए रहती है। इस केस में वह दूसरी क्लिप अंदर ही स्लिप होकर निकल गई और खून रिसते-रिसते पूरे पेट में भर गया। जयराम के डॉक्टर यह समझ ही नहीं पाए और ज्यादा खून रिसाव से मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत की वजह ऑपरेशन को बताया गया है।
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