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Kanpur News: सात किलोमीटर चलने पर 25 किमी बढ़ जाती जालौन की दूरी
Fri, 24 Oct 2025 11:38 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Fri, 24 Oct 2025 11:38 PM IST
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चकरनगर। चकरनगर व हनुमंतपुरा कस्बे में लगाए गए साइन बोर्ड राहगीरों की परेशानी का सबब बने हैं। कस्बे की मुख्य सड़कों पर लगे साइन बोर्ड जालौन की दूरी अलग-अलग बताकर यात्रियों को भ्रमित कर रहे हैं। चकरनगर कस्बा के उदी रोड पर लगे साइन बोर्ड पर जालौन की दूरी 45 किलोमीटर लिखी है। वहीं, यहां से करीब सात किलोमीटर आगे हनुमंतपुर कस्बा में चंद्रहंसपुरा के पास लोक निर्माण विभाग ने जो दूसरा साइन बोर्ड लगाया है उसमें जालौन की दूरी 70 किलोमीटर अंकित है। सिर्फ सात किलोमीटर के अंतराल में दूरी का यह 25 किलोमीटर का अंतर राहगीरों को उलझन में डाल देता है।
जिसके कारण अपने वाहनों से आने जाने वाले लोगों को दूरी के संबंध में सही जानकारी नहीं मिल पा रही है। इसी तरह चंद्रहंसपुरा के पास लगे दूसरे बोर्ड पर पांडरी रोड का दिशा संकेत भी गलत दिशा में लगाया गया है। मध्य प्रदेश के जिला भिंड, ऊमरी और प्रसिद्ध पांडरी बाबा मंदिर जाने वाले लोगों को यह बोर्ड सीधे आगे जाने को कहता है, जबकि असल रास्ता बोर्ड से लगभग 200 मीटर आगे दक्षिण दिशा में मुड़ता है। गलत दिशा का बोर्ड लगाए जाने से लोग चौराहे पर मुड़ने की जगह आगे बढ़ जाते हैं और कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करने के बाद उन्हें गलती का अहसास होता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि उदी रोड से गुजरने वाले अधिकारी और जनप्रतिनिधियों की नजर इन बोर्डों पर जरूर पड़ती है, लेकिन अब तक किसी ने इन्हें सही कराने की जहमत नहीं उठाई है। गलत दूरी और दिशा से अनजान यात्री आए दिन परेशानी झेलते हैं।
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जिसके कारण अपने वाहनों से आने जाने वाले लोगों को दूरी के संबंध में सही जानकारी नहीं मिल पा रही है। इसी तरह चंद्रहंसपुरा के पास लगे दूसरे बोर्ड पर पांडरी रोड का दिशा संकेत भी गलत दिशा में लगाया गया है। मध्य प्रदेश के जिला भिंड, ऊमरी और प्रसिद्ध पांडरी बाबा मंदिर जाने वाले लोगों को यह बोर्ड सीधे आगे जाने को कहता है, जबकि असल रास्ता बोर्ड से लगभग 200 मीटर आगे दक्षिण दिशा में मुड़ता है। गलत दिशा का बोर्ड लगाए जाने से लोग चौराहे पर मुड़ने की जगह आगे बढ़ जाते हैं और कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करने के बाद उन्हें गलती का अहसास होता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि उदी रोड से गुजरने वाले अधिकारी और जनप्रतिनिधियों की नजर इन बोर्डों पर जरूर पड़ती है, लेकिन अब तक किसी ने इन्हें सही कराने की जहमत नहीं उठाई है। गलत दूरी और दिशा से अनजान यात्री आए दिन परेशानी झेलते हैं।
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