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Kanpur News: ठंड बढ़ने से बच्चों में निमोनिया का बढ़ा खतरा, कई भर्ती
Sun, 21 Dec 2025 12:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sun, 21 Dec 2025 12:05 AM IST
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राजपुर। ठंडी हवा और कोहरे पड़ने के साथ ही गलन बढ़ी है। ठंड ने कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले बच्चों, बुजुर्गों को बीमार करना शुरू कर दिया है। अस्पताल में सांस फूलने, निमोनिया होने पर लोग इलाज कराने पहुंच रहे हैं। ऐसे मरीजों को डॉक्टर ठंड से बचाव की सलाह के साथ हालत बिगड़ने पर भर्ती कर इलाज कर रहे हैं।
राजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी में नौनिहालों की संख्या बढ़ी है। दो सप्ताह पहले 80 से 90 मरीज पहुंच रहे थे। अब यह संख्या 100 से 120 तक पहुंच रही है। इनमें 40-50 रोजाना निमोनिया से पीड़ित बच्चे इलाज कराने आ रहे हैं। गंभीर रूप से पीड़ित बच्चों को बाल रोग विशेषज्ञ के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है। वहीं कुछ को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। शनिवार को राजपुर पीएचसी में 100 के करीब मरीज इलाज कराने पहुंचे। इनमें से करीब 50 बच्चों में सर्दी खांसी जुकाम व उल्टी की समस्या से पीड़ित थे।
चिकित्सक अनूप द्विवेदी व शिव विनायक त्रिपाठी ने बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां दी। साथ ही अभिभावकों को बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए एहतियात बरतने की सलाह दी। पीएचसी के डॉ. अनूप द्विवेदी ने बताया कि इस समय ज्यादातर बच्चे निमोनिया और डायरिया से पीड़ित सामने आ रहे हैं। इनमें करीब 20 बच्चे हर एक दिन निमोनिया से पीड़ित होकर आ रहे हैं। बच्चों को खांसी, जुकाम और सांस लेने में भी परेशानी होती है। वहीं डायरिया के 4 से 5 बच्चे आ रहे हैं। ऐसे बच्चों को दस्त के साथ बुखार भी हो रहा है।
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वहीं कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले बुजुर्गों में सांस फूलने की समस्या बढ़ी है। लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि इस समय जितना हो सके बच्चों को सर्दी से बचाया जाए। छोटे बच्चों को दस्ताने और मौजे पहनाएं रखें। सिर भी ढंकर रखे। शरीर में पानी की कमी न होने दें, इसके लिए गुनगुना पानी पीते रहे। किसी भी तरह की परेशानी होने पर चिकित्सक से सलाह लेकर ही दवा लें।
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राजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी में नौनिहालों की संख्या बढ़ी है। दो सप्ताह पहले 80 से 90 मरीज पहुंच रहे थे। अब यह संख्या 100 से 120 तक पहुंच रही है। इनमें 40-50 रोजाना निमोनिया से पीड़ित बच्चे इलाज कराने आ रहे हैं। गंभीर रूप से पीड़ित बच्चों को बाल रोग विशेषज्ञ के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है। वहीं कुछ को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। शनिवार को राजपुर पीएचसी में 100 के करीब मरीज इलाज कराने पहुंचे। इनमें से करीब 50 बच्चों में सर्दी खांसी जुकाम व उल्टी की समस्या से पीड़ित थे।
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चिकित्सक अनूप द्विवेदी व शिव विनायक त्रिपाठी ने बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां दी। साथ ही अभिभावकों को बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए एहतियात बरतने की सलाह दी। पीएचसी के डॉ. अनूप द्विवेदी ने बताया कि इस समय ज्यादातर बच्चे निमोनिया और डायरिया से पीड़ित सामने आ रहे हैं। इनमें करीब 20 बच्चे हर एक दिन निमोनिया से पीड़ित होकर आ रहे हैं। बच्चों को खांसी, जुकाम और सांस लेने में भी परेशानी होती है। वहीं डायरिया के 4 से 5 बच्चे आ रहे हैं। ऐसे बच्चों को दस्त के साथ बुखार भी हो रहा है।
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वहीं कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले बुजुर्गों में सांस फूलने की समस्या बढ़ी है। लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि इस समय जितना हो सके बच्चों को सर्दी से बचाया जाए। छोटे बच्चों को दस्ताने और मौजे पहनाएं रखें। सिर भी ढंकर रखे। शरीर में पानी की कमी न होने दें, इसके लिए गुनगुना पानी पीते रहे। किसी भी तरह की परेशानी होने पर चिकित्सक से सलाह लेकर ही दवा लें।