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यौन उत्पीड़न के आरोपी जेई को पकड़ने का मामला, पढ़ाई के दौरान ही था छेड़छाड़ का शौक
Thu, 19 Nov 2020 11:28 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 19 Nov 2020 11:28 AM IST
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अवर अभियंता रामभवन
- फोटो : अमर उजाला
बच्चों से छेड़छाड़ का शौक रामभवन को पढ़ाई के दौरान ही शुरू हो गया था। यह बात उसके साथ पढ़ने वाले लोग बताते हैं। हालांकि पढ़ाई में वह होशियार था। यही वजह है कि अवर अभियंता बन गया, जबकि उसके दो अन्य भाई राजा भइया और रामप्रकाश ज्यादा पढ़ लिख नहीं सके।
दोनों नरैनी में सीमेंट की जाली और बड़े बर्तन आदि बनाने का कारोबार हैं। यहां स्थित उनके मकान के पड़ोसियों ने बताया कि रामभवन चित्रकूट में ही रहता है। कभी कभार वह चार पहिया वाहन से भाइयों से मिलने आता था।
उधर, सीबीआई द्वारा सीबीआई की गिरफ्तारी के बाद उसके दोनों भाई यहां अपने मकान में ताला डालकर कहीं चले गए। बुधवार को सुबह से ही घर पर ताला लगा रहा। पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में बताया गया कि पिता चुन्ना कोटार्य कारीगर थे। उनकी मृत्यु हो चुकी है।
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रामभवन की शादी करीब 15 वर्ष पूर्व इलाहाबाद में हुई थी। उसके कोई संतान नहीं है। पैतृक गांव खरौंच को रामभवन के परिवार में करीब पांच दशक पहले ही छोड़ दिया था। ये नरैनी आकर बस गए, जबकि रामभवन कर्वी में रह रहा है। पैतृक गांव के लोग उसके बारे में ज्यादा नहीं जानते।
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दोनों नरैनी में सीमेंट की जाली और बड़े बर्तन आदि बनाने का कारोबार हैं। यहां स्थित उनके मकान के पड़ोसियों ने बताया कि रामभवन चित्रकूट में ही रहता है। कभी कभार वह चार पहिया वाहन से भाइयों से मिलने आता था।
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उधर, सीबीआई द्वारा सीबीआई की गिरफ्तारी के बाद उसके दोनों भाई यहां अपने मकान में ताला डालकर कहीं चले गए। बुधवार को सुबह से ही घर पर ताला लगा रहा। पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में बताया गया कि पिता चुन्ना कोटार्य कारीगर थे। उनकी मृत्यु हो चुकी है।
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रामभवन की शादी करीब 15 वर्ष पूर्व इलाहाबाद में हुई थी। उसके कोई संतान नहीं है। पैतृक गांव खरौंच को रामभवन के परिवार में करीब पांच दशक पहले ही छोड़ दिया था। ये नरैनी आकर बस गए, जबकि रामभवन कर्वी में रह रहा है। पैतृक गांव के लोग उसके बारे में ज्यादा नहीं जानते।