{"_id":"6abd69c0f28cd4607601ff83","slug":"the-bus-doesnt-stop-the-passenger-waiting-area-stands-helpless-kanpur-news-c-12-knp1034-1668020-2026-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: नहीं रुकती बस, यात्री प्रतीक्षालय बेबस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: नहीं रुकती बस, यात्री प्रतीक्षालय बेबस
विज्ञापन
कानपुर। शहर में यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए गए यात्री प्रतीक्षालय (बस स्टैंड) केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। कहीं 30 मीटर के दायरे में दो-दो स्टैंड हैं तो कहीं लगभग 200 मीटर के भीतर तीन स्टैंड हैं। खास बात यह है कि इन जगहों से नियमित बस सेवा ही नहीं है। इसके बावजूद साकेतनगर में नौ लाख रुपये की सांसद निधि से नया यात्री प्रतीक्षालय बनवा दिया गया।
साकेतनगर में बीएल ओसवाल के सामने और दीप तिराहे पर पहले से बस स्टैंड बने हैं। बीएल ओसवाल के सामने वाला स्टैंड करीब 15 साल पुराना है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इतने ही समय से इस रूट पर कोई नियमित बस सेवा नहीं है। इसके बावजूद करीब पांच साल पहले यहां से लगभग 150 मीटर की दूरी पर नगर निगम ने एक और बस स्टैंड बनवा दिया। इन दोनों का इस्तेमाल नहीं हो रहा था। इसके बावजूद सांसद रमेश अवस्थी की सांसद निधि से 9.01 लाख रुपये से पराग डेयरी पुलिस चौकी के बगल में नया यात्री प्रतीक्षालय बनवा दिया गया। स्टील की बेंच और शेड वाले इस बस स्टैंड का 24 अप्रैल को लोकार्पण किया गया है।
मरियमपुर में 30 मीटर से कम दूरी पर दो स्टैंड
मरियमपुर चौराहे पर शास्त्रीनगर और हैलट जाने वाली सड़क के कोने पर दो बस स्टैंड बने हैं। दोनों के बीच की दूरी 30 मीटर से भी कम है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस रूट पर करीब 15 साल से कोई नियमित बस नहीं चल रही है। करीब 500 मीटर दूर आईटीआई पांडुनगर के बाहर भी बस स्टैंड बना है। दुकानदारों का कहना है कि यहां पिछले 15 साल से नियमित बस सेवा नहीं है। स्टैंड खाली रहता है।
विज्ञापन
कंपनी बाग में भी 50 मीटर में दो स्टैंड
कंपनी बाग तिराहे पर भी करीब 50 मीटर के दायरे में दो बस स्टैंड बने हैं। पिछले करीब पांच साल से इस रूट पर नियमित बसें नहीं हैं। फल विक्रेता मैकूलाल और मोहम्मद वसीम के मुताबिक, पहले नियमित रूप से चलने वाली बसें भी इन स्टैंड पर नहीं रुकती थीं। सवारी दिखाई देने पर चालक कहीं भी बस रोककर उसे बैठा लेते थे और उतरने के लिए भी यात्री की सुविधा के अनुसार बस रोक दी जाती थी। स्टैंड दिनभर खाली पड़े रहते हैं। करीब तीन साल पहले नगर निगम ने इनमें से एक स्टैंड की मरम्मत भी कराई थी।
विज्ञापन
साकेतनगर में बीएल ओसवाल के सामने और दीप तिराहे पर पहले से बस स्टैंड बने हैं। बीएल ओसवाल के सामने वाला स्टैंड करीब 15 साल पुराना है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इतने ही समय से इस रूट पर कोई नियमित बस सेवा नहीं है। इसके बावजूद करीब पांच साल पहले यहां से लगभग 150 मीटर की दूरी पर नगर निगम ने एक और बस स्टैंड बनवा दिया। इन दोनों का इस्तेमाल नहीं हो रहा था। इसके बावजूद सांसद रमेश अवस्थी की सांसद निधि से 9.01 लाख रुपये से पराग डेयरी पुलिस चौकी के बगल में नया यात्री प्रतीक्षालय बनवा दिया गया। स्टील की बेंच और शेड वाले इस बस स्टैंड का 24 अप्रैल को लोकार्पण किया गया है।
विज्ञापन
मरियमपुर में 30 मीटर से कम दूरी पर दो स्टैंड
मरियमपुर चौराहे पर शास्त्रीनगर और हैलट जाने वाली सड़क के कोने पर दो बस स्टैंड बने हैं। दोनों के बीच की दूरी 30 मीटर से भी कम है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस रूट पर करीब 15 साल से कोई नियमित बस नहीं चल रही है। करीब 500 मीटर दूर आईटीआई पांडुनगर के बाहर भी बस स्टैंड बना है। दुकानदारों का कहना है कि यहां पिछले 15 साल से नियमित बस सेवा नहीं है। स्टैंड खाली रहता है।
विज्ञापन
कंपनी बाग में भी 50 मीटर में दो स्टैंड
कंपनी बाग तिराहे पर भी करीब 50 मीटर के दायरे में दो बस स्टैंड बने हैं। पिछले करीब पांच साल से इस रूट पर नियमित बसें नहीं हैं। फल विक्रेता मैकूलाल और मोहम्मद वसीम के मुताबिक, पहले नियमित रूप से चलने वाली बसें भी इन स्टैंड पर नहीं रुकती थीं। सवारी दिखाई देने पर चालक कहीं भी बस रोककर उसे बैठा लेते थे और उतरने के लिए भी यात्री की सुविधा के अनुसार बस रोक दी जाती थी। स्टैंड दिनभर खाली पड़े रहते हैं। करीब तीन साल पहले नगर निगम ने इनमें से एक स्टैंड की मरम्मत भी कराई थी।