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Kanpur News: भवन बदला और नए नाम से खोल दिया सील अस्पताल

Wed, 18 Feb 2026 02:11 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 18 Feb 2026 02:11 AM IST
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The building was changed and the sealed hospital was opened with a new name.
कानपुर। कानपुर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से पिछले छह महीनों में सील किए गए कई अस्पताल अब नए भवनों में नए नामों के साथ धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। कल्याणपुर क्षेत्र में ऐसे करीब चार अस्पताल मिले हैं, जिन्हें सितंबर में पंजीकरण न होने के कारण सील कर दिया गया था। बिठूर में हुए दुखद हादसे के बाद तीन दिन तक चले अभियान के बाद स्वास्थ्य विभाग फिर से निष्क्रिय हो गया है। अवैध अस्पतालों में अप्रशिक्षित स्टाफ मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।
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कल्याणपुर न्यू शिवली रोड पर संचालित माधव अस्पताल, महादेव अस्पताल, मां शक्ति नर्सिंग होम और न्यू लाइफ बेबी केयर हॉस्पिटल को सितंबर 2025 में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पंजीकरण न होने के कारण सील कर दिया था। मंगलवार को अमर उजाला की पड़ताल में सभी अस्पताल नए भवनों में नए नामों से संचालित पाए गए। अस्पतालों में मरीज भर्ती थे और इलाज भी चल रहा था। अस्पताल स्वास्थ्य विभाग की पंजीकृत अस्पतालों की सूची में भी शामिल नहीं हैं।
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सूत्रों के अनुसार, अधिकांश अवैध अस्पताल किराए के भवनों में चल रहे हैं। जब निरीक्षण में खामियां पाई जाती हैं तो भवन सील कर दिया जाता है। ऐसे में अस्पताल संचालक भवन खाली कर देते हैं और भवन मालिक यह कहकर सील खुलवा लेता है कि अब वहां अस्पताल का संचालन नहीं हो रहा है। इसके बाद ये अस्पताल दूसरे भवन किराए पर लेकर फिर से काम शुरू कर देते हैं। स्वास्थ्य विभाग की हीलाहवाली के कारण अस्पताल फिर से संचालित होने लगते हैं।
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कल्याणपुर शिवली रोड से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित गुनगुन अस्पताल में लोकल डॉक्टर प्रसव करा रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस अस्पताल में केवल गर्भवती महिलाओं का प्रसव किया जाता है। अस्पताल का मुख्य द्वार का शटर हर समय आधा गिरा रहता है। निरीक्षण दल के आने की सूचना मिलते ही शटर बंद कर दिया जाता है। पिछले दो दिनों में स्वास्थ्य विभाग की टीम की छापेमारी के दौरान भी अस्पताल में बंद शटर के भीतर प्रसव होते रहे। यहां लोकल डॉक्टर सर्जरी करते हैं और दवाएं भी लिखते हैं। यह अस्पताल भी स्वास्थ्य विभाग की सूची में नहीं है।

वर्जन
एसीएमओ व नोडल अधिकारी नर्सिंग होम डॉ. रमित रस्तोगी ने बताया कि अस्पतालों की संख्या बहुत अधिक है और प्रभावी कार्रवाई के लिए लगातार कई टीमें लगाकर अभियान चलाने की आवश्यकता है। सीएमओ को टीमों की संख्या बढ़ाने का सुझाव दिया है। सीएचसी प्रभारियों और अन्य अधिकारियों को उनके-उनके क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपने से भी कार्रवाई में तेजी आ सकती है। कुछ महत्वपूर्ण कारणों से अभियान में बाधा आ रही थी। गुरुवार से एक बार फिर से अभियान चलाया जाएगा।
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