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सीएसजेएम यूनिवर्सिटी के ब्वॉयज हॉस्टल मेस का टेंडर कैंसिल
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Mon, 08 Dec 2014 03:27 AM IST
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खाद्य विभाग का फर्जी रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र लगाने और स्टूडेंट्स को खराब खाना खिलाने से नाराज छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी प्रशासन ने ब्वॉयज हॉस्टल मेस का टेंडर कैंसिल कर दिया है।
साथ ही कानपुर कैटरर्स और जानकी रसोई को काली सूची में डालकर 50 हजार रुपये की जमानत राशि जब्त कर ली है।
अब ये फर्म यूनिवर्सिटी मेस का टेंडर नहीं ले सकेंगी। मंगलवार नौ दिसंबर से मेस का खाना नई फर्म (रामसरन एंड संस) बनाएगी।
खाने का रेट पुराना (प्रति स्टूडेंट 1550 रुपये 50 पैसे) ही रहेगा।
यूनिवर्सिटी के ब्वॉयज हॉस्टल में 370 स्टूडेंट्स हैं। इन्हें खाना बनाकर खिलाने का काम कानपुर कैटरर्स और जानकी रसोई को दिया गया था।
यह फर्म पिछले दो सप्ताह से खाना ठीक से नहीं बना रही है। इसको लेकर स्टूडेंट्स ने बवाल भी किया। आरोप लगाया कि मेन्यू के हिसाब से खाना नहीं मिल रहा है।
जो खाना मिलता है, वह काफी कम है। समय से खाना न दिए जाने की बात भी कही गई। इसको गंभीरता से लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने हॉस्टल वार्डेन से रिपोर्ट मांगी।
डॉ. आरपी सिंह और डॉ. आरएन कटियार ने जो रिपोर्ट दी, उसमें कानपुर कैटरर्स का रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र फर्जी बताया।
कहा कि खाद्य विभाग का जो रजिस्ट्रेशन यूनिवर्सिटी कैंपस में जमा किया गया है, वह दूसरे फर्म की है। फोटोग्राफ बदलकर मालिकाना हक जताया गया है।
नियमानुसार रजिस्टर्ड फर्म को ही खाना बनाने की अनुमति दी जाती है। हॉस्टल वार्डेन ने कहा कि फर्म ने खाने की गुणवत्ता काफी बिगाड़ दी है।
खाना बनाने में मेन्यू और समय का ख्याल नहीं रखा। जरूरी मात्रा से कम खाना भी दिया। इससे नाराज होकर ही स्टूडेंट्स ने हंगामा किया।
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साथ ही कानपुर कैटरर्स और जानकी रसोई को काली सूची में डालकर 50 हजार रुपये की जमानत राशि जब्त कर ली है।
अब ये फर्म यूनिवर्सिटी मेस का टेंडर नहीं ले सकेंगी। मंगलवार नौ दिसंबर से मेस का खाना नई फर्म (रामसरन एंड संस) बनाएगी।
खाने का रेट पुराना (प्रति स्टूडेंट 1550 रुपये 50 पैसे) ही रहेगा।
यूनिवर्सिटी के ब्वॉयज हॉस्टल में 370 स्टूडेंट्स हैं। इन्हें खाना बनाकर खिलाने का काम कानपुर कैटरर्स और जानकी रसोई को दिया गया था।
यह फर्म पिछले दो सप्ताह से खाना ठीक से नहीं बना रही है। इसको लेकर स्टूडेंट्स ने बवाल भी किया। आरोप लगाया कि मेन्यू के हिसाब से खाना नहीं मिल रहा है।
जो खाना मिलता है, वह काफी कम है। समय से खाना न दिए जाने की बात भी कही गई। इसको गंभीरता से लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने हॉस्टल वार्डेन से रिपोर्ट मांगी।
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डॉ. आरपी सिंह और डॉ. आरएन कटियार ने जो रिपोर्ट दी, उसमें कानपुर कैटरर्स का रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र फर्जी बताया।
कहा कि खाद्य विभाग का जो रजिस्ट्रेशन यूनिवर्सिटी कैंपस में जमा किया गया है, वह दूसरे फर्म की है। फोटोग्राफ बदलकर मालिकाना हक जताया गया है।
नियमानुसार रजिस्टर्ड फर्म को ही खाना बनाने की अनुमति दी जाती है। हॉस्टल वार्डेन ने कहा कि फर्म ने खाने की गुणवत्ता काफी बिगाड़ दी है।
खाना बनाने में मेन्यू और समय का ख्याल नहीं रखा। जरूरी मात्रा से कम खाना भी दिया। इससे नाराज होकर ही स्टूडेंट्स ने हंगामा किया।