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आतंकी कनेक्शन: नई सड़क पर मुलाकात, घर में दिखाई थी पिस्टल, मिनहाज और मुशीर लईक के साथ आए थे कानपुर
Sat, 24 Jul 2021 03:53 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 24 Jul 2021 03:53 PM IST
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मोहम्मद मुस्तकीम, मोहम्मद मुईद, शकील
- फोटो : amar ujala
कानपुर में आतंकियों के मददगार शकील को एटीएस नई सड़क भी ले गई, जहां उनकी मुलाकात आफाक से हुई थी। सूत्रों के अनुसार मिनहाज और मुशीर लईक के साथ कानपुर आए थे और आफाक से उनकी पहली मुलाकात नई सड़क पर हुई थी। वहां से आफाक उन्हें एक घर में ले गया था, जहां पर पिस्टल दिखाई गई थी।
उसके सप्ताह भर बाद पिस्टल खरीदने को लेकर दोनों का समझौता हुआ था। आफाक ने लईक को पंद्रह हजार रुपये में कंट्रीमेड पिस्टल बेची थी। जब असलहा समझ में आ गया तो मिनहाज ने इंपोर्टेड पिस्टल की भी मांग रखी थी। लईक ने आफाक से ही इस पिस्टल का इंतजाम कराने के लिए कहा था।
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उसके सप्ताह भर बाद पिस्टल खरीदने को लेकर दोनों का समझौता हुआ था। आफाक ने लईक को पंद्रह हजार रुपये में कंट्रीमेड पिस्टल बेची थी। जब असलहा समझ में आ गया तो मिनहाज ने इंपोर्टेड पिस्टल की भी मांग रखी थी। लईक ने आफाक से ही इस पिस्टल का इंतजाम कराने के लिए कहा था।
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प्रदेश के बाहर गया आफाक, पकड़ना चुनौती
करीब एक सप्ताह पहले ही आफाक का नाम सामने आ गया था। जब उसके साथी पकड़े गए तो उसे अहसास हो गया था कि एटीएस उस तक जरूर पहुंचने की कोशिश करेगी। यही वजह है कि वो फरार हो गया। दबिश के दौरान एटीएस को पता चला है कि अब आफाक ने हैदराबाद में ठिकाना बनाया है। उसको पकड़ना चुनौती बन गया है। यूपी एटीएस आफाक को पकड़ने में तेलंगाना एटीएस की मदद ले सकती है।
कई संदिग्धों को लेकर चल रही तफ्तीश
कानपुर के कई लोगों के नाम सामने आए हैं। एटीएस एक-एक शख्स के बारे में जानकारी जुटा रही है। इसमें आफाक की भूमिका सबसे अधिक है और उसके खिलाफ साक्ष्य व आरोपियों के बयान भी हैं। इसलिए एटीएस सबसे पहले उसी पर शिकंजा कस रही है। अन्य संदिग्धों के बारे में भी गहन जांच की जा रही है। जल्द शहर में बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
आपराधिक इतिहास न हो
मिनहाज ने लईक से साफ तौर पर कहा था कि असलहा की सप्लाई ऐसे व्यक्ति से कराई जाए, जिसका कोई आपराधिक इतिहास न हो और अगर हो भी तो ऐसी धाराओं में हो जिस पर पुलिस का ध्यान न जाए। आफाक के आपराधिक इतिहास के बारे में एजेंसी या पुलिस के पास कोई जानकारी नहीं है।
करीब एक सप्ताह पहले ही आफाक का नाम सामने आ गया था। जब उसके साथी पकड़े गए तो उसे अहसास हो गया था कि एटीएस उस तक जरूर पहुंचने की कोशिश करेगी। यही वजह है कि वो फरार हो गया। दबिश के दौरान एटीएस को पता चला है कि अब आफाक ने हैदराबाद में ठिकाना बनाया है। उसको पकड़ना चुनौती बन गया है। यूपी एटीएस आफाक को पकड़ने में तेलंगाना एटीएस की मदद ले सकती है।
कई संदिग्धों को लेकर चल रही तफ्तीश
कानपुर के कई लोगों के नाम सामने आए हैं। एटीएस एक-एक शख्स के बारे में जानकारी जुटा रही है। इसमें आफाक की भूमिका सबसे अधिक है और उसके खिलाफ साक्ष्य व आरोपियों के बयान भी हैं। इसलिए एटीएस सबसे पहले उसी पर शिकंजा कस रही है। अन्य संदिग्धों के बारे में भी गहन जांच की जा रही है। जल्द शहर में बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
आपराधिक इतिहास न हो
मिनहाज ने लईक से साफ तौर पर कहा था कि असलहा की सप्लाई ऐसे व्यक्ति से कराई जाए, जिसका कोई आपराधिक इतिहास न हो और अगर हो भी तो ऐसी धाराओं में हो जिस पर पुलिस का ध्यान न जाए। आफाक के आपराधिक इतिहास के बारे में एजेंसी या पुलिस के पास कोई जानकारी नहीं है।