Kannauj: पूर्व लेखपाल का आतंक...जमीन हड़पने का षड्यंत्र, ढाई साल से घर छोड़े है सैनिक, जानें पूरा मामला
Kannauj Crime: पूर्व लेखपाल दीवानी व फौजदारी के फर्जी मुकदमों से उसकी पैतृक संपत्ति को हड़पने के लिए प्रताड़ित कर अनाधिकृत दबाव व प्रभाव बनाने का प्रयास कर रहा है। पीड़ित सैनिक ने एसपी से पूर्व लेखपाल के आतंक से उसे व उसके परिवार को मुक्त कराने की मांग की है।
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कन्नौज जिले में सिकंदरपुर क्षेत्र के करमुल्लापुर गांव में पूर्व लेखपाल के आतंक के चलते पूर्व सैनिक पिछले ढाई साल से अपना घर छोड़े हुए है। सैनिक से एसपी से पूर्व लेखपाल के आतंक से मुक्ति दिलाए जाने की मांग की है। क्षेत्र के ग्राम करमुल्लापुर निवासी जगत सिंह पुत्र विशंभर सिंह ने बताया कि वह सेना में कार्यरत है।
उसकी पैतृक जमीन को हड़पने के लिए गांव के रिटायर्ड लेखपाल ने दो लोगों के साथ मिलीभगत कर षड्यंत्र के तहत एक जनवरी 2023 को घर में घुसकर मारपीट की। साथ ही, झूठी घटना बनाकर झूठे आरोप लगाते हुए गोपनीय तरीके से वाद दायर कर दिया। 25 मार्च को उसके घर पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया।
पिता ने हमले की सूचना उसको फोन पर दी। उसने पुलिस से मामले की शिकायत की, तो पुलिस ने तत्काल परिवार को सुरक्षा प्रदान की। हमलावरों ने पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए दायर परिवाद की कॉपी दिखाते हुए उसके पिता को जेल में डलवा देने की धमकी दी, जबकि उसके पिता की उम्र 75 वर्ष है।
लेखपाल को फर्जी मुकदमा व फर्जीवाड़ा करने में महारत हासिल
परिवाद में उसे मुख्य अभियुक्त दर्शाया गया है, जबकि वह सेना के केंद्रीय आयुध भंडार की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात था। उसने बताया कि पूर्व लेखपाल को फर्जी मुकदमा व फर्जीवाड़ा करने में महारत हासिल है। उसने कई लोगों के साथ मारपीट की और उन्हीं पर फर्जी मुकदमा कायम कराकर संपति पर अवैध कब्जा कर लिया है।
मंदिर में पूजा के दौरानघर पर किया था हमला
वर्तमान में उससे संबंधित 31 मुकदमे लंबित है। पूर्व लेखपाल के पुत्र, पौत्र ने जून 2022 में मंदिर में पूजा के दौरान उसके घर पर हमला किया, जिसकी रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज है। आरोपी लेखपाल के आतंक से तंग आकर वह अपने परिवार के साथ सैन्य सुरक्षा में रखने को मजबूर है और लगभग ढाई साल से अपना घर भगवान भरोसे छोड़े हैं।
पीड़ित सैनिक ने एसपी से लगाई है गुहार
पूर्व लेखपाल दीवानी व फौजदारी के फर्जी मुकदमों से उसकी पैतृक संपत्ति को हड़पने के लिए उसको शारीरिक, आर्थिक, सामाजिक रूप से प्रताड़ित कर अनाधिकृत दबाव व प्रभाव बनाने का प्रयास कर रहा है। पीड़ित सैनिक ने एसपी से पूर्व लेखपाल के आतंक से उसे व उसके परिवार को मुक्त कराने की मांग की है।