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कानपुर में जैश का आतंकी मॉड्यूल, निशाने पर हैं बड़ी हस्तियां, खुफिया विभाग को मिला इनपुट
Wed, 25 Sep 2019 12:15 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 25 Sep 2019 12:15 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : गूगल
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सीमा पार पाकिस्तान में शिविर में आतंकियों के सक्रिय होने के बाद खुफिया विभाग सक्रिय हो गया है। खुफिया विभाग के इनपुट के मुताबिक जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन ने कानपुर के युवकों को शामिल कर एक मॉड्यूल तैयार किया है। इस मॉड्यूल के निशाने पर देश की कई बड़ी नामचीन हस्तियां हैं। इधर पिछले तीन दिनों से कानपुर और फतेहगढ़ की सैन्य टुकड़ियों को ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है।
कानपुर में 2017 में आईएसआईएस के खुरासान मॉड्यूल का खुलासा हुआ था। वहीं पिछले साल हिजबुल मुजाहिद्दीन का आतंकी कमरुज्जमा चकेरी से पकड़ा गया था। अब एक बार फिर खुफिया विभाग ने बड़ा इनपुट दिया है।
इनपुट के मुताबिक पिछले कई वर्षों से जैश-ए-मोहम्मद कानपुर के कुछ युवाओं को अपने संगठन में शामिल कर ट्रेनिंग दे रहा था। आतंकियों का ये मॉड्यूल अब हमले की फिराक में है। सुरक्षा से लेकर जांच एजेंसियां सक्रिय होकर निगरानी करने लगी हैं। पुख्ता जानकारी मिलने पर बड़ी कार्रवाई संभव है।
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कानपुर में 2017 में आईएसआईएस के खुरासान मॉड्यूल का खुलासा हुआ था। वहीं पिछले साल हिजबुल मुजाहिद्दीन का आतंकी कमरुज्जमा चकेरी से पकड़ा गया था। अब एक बार फिर खुफिया विभाग ने बड़ा इनपुट दिया है।
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इनपुट के मुताबिक पिछले कई वर्षों से जैश-ए-मोहम्मद कानपुर के कुछ युवाओं को अपने संगठन में शामिल कर ट्रेनिंग दे रहा था। आतंकियों का ये मॉड्यूल अब हमले की फिराक में है। सुरक्षा से लेकर जांच एजेंसियां सक्रिय होकर निगरानी करने लगी हैं। पुख्ता जानकारी मिलने पर बड़ी कार्रवाई संभव है।
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सेना भी अलर्ट
शहर में थल सेना और एयरफोर्स का बड़ा बेस है, इसलिए सेना समेत खुफिया विभाग अत्यधिक सक्रिय है। हालांकि सेना अपनी रणनीति का खुलासा नहीं कर रही है। अलर्ट के तहत छावनी में मिलेट्री इंटेलीजेंस के अधिकारी भी गश्त कर रहे हैं। संदिग्धता होने पर किसी की भी चेकिंग कर उनसे पूछताछ कर सकते हैं। इसी के क्रम में फर्जी लेफ्टिनेंट पकड़ा गया। फिलहाल सभी जवानों की छुट्टियां रद कर दी गई हैं। अलर्ट कब तक जारी रहेगा, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
ऑरेंज अलर्ट का मतलब
ऑरेंज अलर्ट के तहत जवानों के लॉजिस्टिक (साजो-सामान) को सैन्य वाहनों पर लोड कराया जाता है। जैसे ही आदेश मिलता है, सभी बताए गए स्थानों पर कूच करते हैं। आलाधिकारियों के जो निर्देश होते हैं, वैसी कार्रवाई की जाती है। अलर्ट के तहत सभी आर्डनेंस फैक्टरियों, एयरफोर्स स्टेशन की भी सुरक्षा बढ़ाई गई है।
शहर में थल सेना और एयरफोर्स का बड़ा बेस है, इसलिए सेना समेत खुफिया विभाग अत्यधिक सक्रिय है। हालांकि सेना अपनी रणनीति का खुलासा नहीं कर रही है। अलर्ट के तहत छावनी में मिलेट्री इंटेलीजेंस के अधिकारी भी गश्त कर रहे हैं। संदिग्धता होने पर किसी की भी चेकिंग कर उनसे पूछताछ कर सकते हैं। इसी के क्रम में फर्जी लेफ्टिनेंट पकड़ा गया। फिलहाल सभी जवानों की छुट्टियां रद कर दी गई हैं। अलर्ट कब तक जारी रहेगा, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
ऑरेंज अलर्ट का मतलब
ऑरेंज अलर्ट के तहत जवानों के लॉजिस्टिक (साजो-सामान) को सैन्य वाहनों पर लोड कराया जाता है। जैसे ही आदेश मिलता है, सभी बताए गए स्थानों पर कूच करते हैं। आलाधिकारियों के जो निर्देश होते हैं, वैसी कार्रवाई की जाती है। अलर्ट के तहत सभी आर्डनेंस फैक्टरियों, एयरफोर्स स्टेशन की भी सुरक्षा बढ़ाई गई है।