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Kanpur News: जहरीली शराब बनाने के दोषी को दस साल की सजा
Sat, 16 Dec 2023 12:56 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 16 Dec 2023 12:56 AM IST
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कानपुर देहात। मंगलपुर थाना क्षेत्र में करीब साढ़े दस साल पहले जहरीली शराब बनाने में पकड़े गए एक आरोपी ने अदालत में सुनवाई के दौरान अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इस पर अदालत ने आरोपी को दोष सिद्ध करते हुए दस साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 9 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि मंगलपुर क्षेत्र के गांव भाव सिंह का पुरवा निवासी सुनील कुमार के घर में 26 मई 2012 को पुलिस ने छापा मारकर केमिकल युक्त शराब बनाते हुए उसे पकड़ा था। इसके बाद उसके खिलाफ केमिकल युक्त शराब बनाने व बिक्री करने के अपराध में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र अदालत में पेश किए थे। मामले की सुनवाई अपर जिला जज चतुर्थ रवि यादव की अदालत में चल रही थी। शुक्रवार को मामले की सुनवाई दौरान जेल से आए आरोपी ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर अपने अपराध को स्वीकार कर लिया। इस पर अदालत ने आरोपी के जुर्म इकबाल करने के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई कर आरोपी को दस साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर नौ हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की धनराशि अदा न करने पर दोषी को तीन माह दस दिन के अतिरिक्त कारावास काटने के दिए हैं।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि मंगलपुर क्षेत्र के गांव भाव सिंह का पुरवा निवासी सुनील कुमार के घर में 26 मई 2012 को पुलिस ने छापा मारकर केमिकल युक्त शराब बनाते हुए उसे पकड़ा था। इसके बाद उसके खिलाफ केमिकल युक्त शराब बनाने व बिक्री करने के अपराध में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र अदालत में पेश किए थे। मामले की सुनवाई अपर जिला जज चतुर्थ रवि यादव की अदालत में चल रही थी। शुक्रवार को मामले की सुनवाई दौरान जेल से आए आरोपी ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर अपने अपराध को स्वीकार कर लिया। इस पर अदालत ने आरोपी के जुर्म इकबाल करने के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई कर आरोपी को दस साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर नौ हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की धनराशि अदा न करने पर दोषी को तीन माह दस दिन के अतिरिक्त कारावास काटने के दिए हैं।
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