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यूपी: दस वर्ष पहले खेत में मेड़ तोड़ने को लेकर हुए विवाद में हत्या, अदालत ने नौ दोषियों को सजा सुनाई
Sat, 28 Sep 2019 10:40 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
यूपी डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 28 Sep 2019 10:40 PM IST
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कोर्ट ने सुनाया फैसला
- फोटो : अमर उजाला
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हरदोई में दस वर्ष पहले मेड़ तोड़ने को लेकर हुए विवाद में हुई हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में अपर जिला जज कोर्ट संख्या 12 चंद्र विजय श्रीनेत की अदालत ने नौ दोषियों को सजा सुनाई है। हत्या में सगे भाइयों समेत चार को उम्रकैद और हत्या के प्रयास में सगे भाइयों समेत 5 को दस दस साल कैद की सजा सुनाई गई है।
हत्या के मुकदमे की अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंदन सिंह ने बताया कि घटना की रिपोर्ट मल्लावां थाना क्षेत्र के बीकापुर निवासी कल्लू पुत्र मुन्नालाल ने थाने पर दर्ज कराई थी। बताया कि 30 मई 2009 को शाम चार बजे वादी के गांव के रहने वाले मस्सू उर्फ मासूक से खेत की मेड़ तोड़ने को लेकर विवाद हो गया था।
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हत्या के मुकदमे की अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंदन सिंह ने बताया कि घटना की रिपोर्ट मल्लावां थाना क्षेत्र के बीकापुर निवासी कल्लू पुत्र मुन्नालाल ने थाने पर दर्ज कराई थी। बताया कि 30 मई 2009 को शाम चार बजे वादी के गांव के रहने वाले मस्सू उर्फ मासूक से खेत की मेड़ तोड़ने को लेकर विवाद हो गया था।
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इसी बात पर मस्सू उर्फ मासूक अली, उसके भाई मुन्ना ने तमंचे से व मन्ना उर्फ जमील, रमजान आदि ने लाठी डंडों से हमला कर दिया। मारपीट व गोली लगने से वादी का पुत्र कमलेश व उसके कई परिजन घायल हो गए थे। कमलेश की अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। अदालत ने इस मुकदमे की सुनवाई पूरी कर मस्सू, मुन्ना, मन्ना, रमजान को हत्या व हत्या के प्रयास के अपराध में दोषी करार दिया।
चारों को आजीवन कारावास समेत प्रत्येक को 18,500 रुपये अर्थदंड अदा करने की सजा सुनाई। वहीं इसी घटना से संबंधित क्रॉस केस की अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे की पैरवी कर रहे अधिवक्ता भानू प्रताप सिंह ने बताया कि घटना की रिपोर्ट मस्सू ने दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि घटना वाले दिन उसके गांव के ही मुकेश, उमेश पुत्रगण नेतराम, कल्लू, नरेश पुत्रगण मुन्नालाल व कालिका पुत्र सोनेलाल ने मेड़ तोड़ने के विवाद में फायरिंग कर दी थी।
घटना में कई लोगों को जानलेवा चोटें आईं थीं। अदालत ने इस मुकदमे में भी सभी आरोपियों को हत्या के प्रयास के अपराध का दोषी पाते हुए सजा सुनाई। अदालत ने पांचों आरोपियों को दस वर्ष की कैद व प्रत्येक को 8500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
चारों को आजीवन कारावास समेत प्रत्येक को 18,500 रुपये अर्थदंड अदा करने की सजा सुनाई। वहीं इसी घटना से संबंधित क्रॉस केस की अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे की पैरवी कर रहे अधिवक्ता भानू प्रताप सिंह ने बताया कि घटना की रिपोर्ट मस्सू ने दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि घटना वाले दिन उसके गांव के ही मुकेश, उमेश पुत्रगण नेतराम, कल्लू, नरेश पुत्रगण मुन्नालाल व कालिका पुत्र सोनेलाल ने मेड़ तोड़ने के विवाद में फायरिंग कर दी थी।
घटना में कई लोगों को जानलेवा चोटें आईं थीं। अदालत ने इस मुकदमे में भी सभी आरोपियों को हत्या के प्रयास के अपराध का दोषी पाते हुए सजा सुनाई। अदालत ने पांचों आरोपियों को दस वर्ष की कैद व प्रत्येक को 8500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।