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कानपुर: सात माह बाद 141 यात्रियों को लेकर दिल्ली गई तेजस
Sat, 17 Oct 2020 10:32 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 17 Oct 2020 10:32 PM IST
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141 यात्रियों को लेकर दिल्ली गई तेजस
- फोटो : अमर उजाला
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देश की पहली कारपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस का संचालन शनिवार से शुरू हो गया। कोरोना संक्रमण की वजह से सात महीने से बंद इस ट्रेन के दोबारा चलने से यात्रियों में काफी उत्साह रहा। हालांकि नौ कोच वाली इस ट्रेन में सोशल डिस्टेंसिंग के तहत एक सीट छोड़कर बुक हो रही थी। लिहाजा यात्री भी कम ही दिल्ली गए और आए। 400 सीटों के लोड वाली इस ट्रेन में पहले दिन 141 यात्री दिल्ली गए और दिल्ली से 152 यात्रियों ने टिकट बुक कराए।
ऑन डिमांड फलाहार मिला
कानपुर सेंट्रल पर यह ट्रेन अपने निर्धारित समय से 10 मिनट पहले सुबह 7:15 बजे आ गई। ट्रेन में खाने-पीने के साथ चाय-कॉफी की सुविधा मुफ्त है। नवरात्रि शुरू होने की वजह से इस ट्रेन में ऑन डिमांड फलाहार भी दिया गया।
साफ सफाई, सैनिटाइजेशन का खास ध्यान रखा गया। ट्रेन में होस्टेस और आईआरसीटीसी का स्टाफ बार-बार सैनिटाइजेशन करता रहा। स्टेशन पर दाखिल होने वाले तेजस के यात्रियों के लिए अलग से थर्मल स्क्रीनिंग और लगेज का सैनिटाइजेशन किया गया।
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कम सीटें हुईं बुक
सोशल डिस्टेंसिंग की वजह से अगल-बगल की सीटों में एक सीट छोड़कर रिजर्वेशन किए गए थे। कोच में एक लाइन में तीन यात्रियों और दूसरी लाइन में दो यात्रियों के बैठने की सीटें होती हैं। इसमें दो में एक और तीन में दो सीटें ही बुक हो रही थीं। यह व्यवस्था आगे भी लागू रहेगी। इस बार आईआरसीटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल गुप्ता के साथ लखनऊ का स्टाफ ही नई दिल्ली तक गया।
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ऑन डिमांड फलाहार मिला
कानपुर सेंट्रल पर यह ट्रेन अपने निर्धारित समय से 10 मिनट पहले सुबह 7:15 बजे आ गई। ट्रेन में खाने-पीने के साथ चाय-कॉफी की सुविधा मुफ्त है। नवरात्रि शुरू होने की वजह से इस ट्रेन में ऑन डिमांड फलाहार भी दिया गया।
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साफ सफाई, सैनिटाइजेशन का खास ध्यान रखा गया। ट्रेन में होस्टेस और आईआरसीटीसी का स्टाफ बार-बार सैनिटाइजेशन करता रहा। स्टेशन पर दाखिल होने वाले तेजस के यात्रियों के लिए अलग से थर्मल स्क्रीनिंग और लगेज का सैनिटाइजेशन किया गया।
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कम सीटें हुईं बुक
सोशल डिस्टेंसिंग की वजह से अगल-बगल की सीटों में एक सीट छोड़कर रिजर्वेशन किए गए थे। कोच में एक लाइन में तीन यात्रियों और दूसरी लाइन में दो यात्रियों के बैठने की सीटें होती हैं। इसमें दो में एक और तीन में दो सीटें ही बुक हो रही थीं। यह व्यवस्था आगे भी लागू रहेगी। इस बार आईआरसीटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल गुप्ता के साथ लखनऊ का स्टाफ ही नई दिल्ली तक गया।