उन्नावः बेटे के इंतजार में 40 घंटे से रखा है मां का शव, जिद पर अड़ा परिवार, डीएम ने कही ये बात
बेटे को पैरोल मिलने के इंतजार में शव का 40 घंटे बाद भी अंतिम संस्कार नहीं हो सका। घरवाले वकील को साथ लेकर जिले के अफसरों और न्यायालय के चक्कर लगाते रहे। डीएम ने विचाराधीन बंदी होने से पैरोल देना अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया। जबकि न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इसे जिला प्रशासन का मामला बताया। परिवार के अधिवक्ता महेंद्र कुमार ने बताया कि वह गुरुवार को हाईकोर्ट लखनऊ में अर्जी देंगे।
मालूम हो कि भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली किशोरी की 75 वर्षीय दादी की सोमवार रात मौत हो गई थी। मृतका अपने बेटे (किशोरी के पिता) से हुई मारपीट के मुकदमे में सीबीआई की प्रमुख गवाहों में भी शामिल थी।
अधिवक्ता ने बताया कि वह गुरुवार को हाईकोर्ट में प्रार्थनापत्र दें
बुधवार को डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि उन्हें केवल दोष सिद्ध कैदी को ही विशेष परिस्थितियों में पैरोल देने का अधिकार है। पैरवी कर रहे अधिवक्ता महेंद्र कुमार ने बताया कि न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इसे जिला प्रशासन का मामला बताया है। अधिवक्ता ने बताया कि वह गुरुवार को हाईकोर्ट में प्रार्थनापत्र देंगे।