Mahoba: झोलाछाप के इलाज से किशोरी की मौत, परिजनों का हंगामा…नहीं उठने दिया शव, जांच में जुटी पुलिस
Mahoba News: श्रीनगर कस्बे में झोलाछाप के इलाज से किशोरी की मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने जमकर हंगामा किया और शव नहीं उठने दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाबुझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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महोबा जिले के कस्बा श्रीनगर में एक झोलाछाप के इलाज से किशोरी की जान चली गई। घटना से नाराज परिजनों ने थाने में जमकर हंगामा किया। परिजन निजी क्लीनिक संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर परिजनों ने शव नहीं उठने दिया और कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
इसके बाद में पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थाना श्रीनगर के बिलरही गांव के मजरा किशोरगंज निवासी विनोद कुमार विश्वकर्मा की पत्नी स्नेहलता ने नवजात शिशु को जन्म दिया था। जिसे देखने के लिए स्नेहलता की छोटी बहन खुशी विश्वकर्मा (14) निवासी कुसमा जनपद छतरपुर आई थी।
12 जून को खुशी को अचानक बुखार आने पर जीजा विनोद उसे श्रीनगर के एक निजी क्लीनिक ले गया। जहां झोलाछाप ने बोतल व इंजेक्शन लगाने के साथ दवाएं दे दीं। इजेक्शन लगने और दवा खाने के बाद किशोरी की हालत बिगड़ने लगे।
जीजा बोला- गलत इलाज से हुई मौत
पूरे शरीर में सूजन व दाने निकलने पर परिजन उसे छतरपुर जिला अस्पताल ले गए, जहां से डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया। शनिवार की रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका के जीजा ने आरोप लगाया कि निजी क्लीनिक संचालक के गलत इलाज से उसकी साली की मौत हुई है।
शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
रविवार की सुबह शव लेकर पहुंचे परिजनों ने थाने में कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। घटना की तहरीर थाने में दी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज न होने पर परिजनों ने शव नहीं उठने दिया। दो घंटे बाद थानाध्यक्ष शिवपाल सिंह के आश्वासन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। थानाध्यक्ष का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।