{"_id":"5c3ae2e3bdec22737672693f","slug":"techno-girl-2018","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर की अंकिता बनीं टेक्नो गर्ल- 2018, पढ़िए एक होनहार की कहानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर की अंकिता बनीं टेक्नो गर्ल- 2018, पढ़िए एक होनहार की कहानी
Sun, 13 Jan 2019 01:27 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 13 Jan 2019 01:27 PM IST
सार
विज्ञापन
शुक्लागंज की अंकिता बनी टेक्नोगर्ल -2018
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर में शुक्लागंज के चंपापुरवा मोहल्ले में रहने वाली बीटेक द्वितीय वर्ष की छात्रा अंकिता को टेक्नो गर्ल - 2018 की उपाधि दी गई है। कंप्यूटर साइंस एंड नैनो टेक्नोलॉजी पर आधारित उसका एक प्रोजेक्ट आईआईटी, चेन्नई के सेंटर फॉर इनोवेशन में शामिल करके यह सम्मान दिया गया है। शनिवार को छात्रा के पास मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रिानिक्स एंड इन्फारमेशन टेक्नोलॉजी से पत्र आया तो घर के लोग खुशी में झूम उठे।
अंकिता लखनऊ के श्रीराम स्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस एंड टेक्नोलॉजी से बीटेक कर रही है। वह कंप्यूटर साइंस व नैनो टेक्नोलॉजी विषय पर अध्ययन भी कर रही है। छात्रा ने बताया कि पिता कमल तिवारी विकलांगों के लिए ट्राईसाइकिल बनाने का कार्य करते हैं, जबकि मां मंजरी घर के कार्य करती है।
उसने अंतरिक्ष में ई-कचरा को समाप्त करने के लिए एक प्रोजेक्ट पर कार्य करना शुरू किया जिसका नाम उसने कामांश दिया है। यह प्रोजेक्ट आईआईटी, चेन्नई को भेजा गया था। उसके प्रोजेक्ट को चयनित कर सेंटर फॉर एनोवेशन के लिए चुना गया और टेक्नो गर्ल-2018 में नामित कर उसे उपाधि दी गई। बताया कि अभी वह प्रोजेक्ट पर और कार्य कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अंकिता लखनऊ के श्रीराम स्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस एंड टेक्नोलॉजी से बीटेक कर रही है। वह कंप्यूटर साइंस व नैनो टेक्नोलॉजी विषय पर अध्ययन भी कर रही है। छात्रा ने बताया कि पिता कमल तिवारी विकलांगों के लिए ट्राईसाइकिल बनाने का कार्य करते हैं, जबकि मां मंजरी घर के कार्य करती है।
विज्ञापन
उसने अंतरिक्ष में ई-कचरा को समाप्त करने के लिए एक प्रोजेक्ट पर कार्य करना शुरू किया जिसका नाम उसने कामांश दिया है। यह प्रोजेक्ट आईआईटी, चेन्नई को भेजा गया था। उसके प्रोजेक्ट को चयनित कर सेंटर फॉर एनोवेशन के लिए चुना गया और टेक्नो गर्ल-2018 में नामित कर उसे उपाधि दी गई। बताया कि अभी वह प्रोजेक्ट पर और कार्य कर रही है।
विज्ञापन