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Kanpur News: यूपीआई से लेनदेन में टैक्स कारोबार पर डालेगा असर
Wed, 07 Oct 2026 01:26 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Wed, 07 Oct 2026 01:26 AM IST
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कानपुर देहात। सरकार 15 अक्तूबर से यूपीआई से होने वाले लेन-देन पर शुल्क लगाने की तैयारी में है। इसे लेकर जिले के कारोबारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वहीं व्यापार संगठन के पदाधिकारियों का मानना है कि यूपीआई से लेन-देन पर टैक्स लगने से कारोबार पर असर पड़ेगा। इसके अलावा नकदी की चुनौती भी बढ़ेगी।
एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) लागू किए जाने को लेकर व्यापारी दबी जुबान पर विरोध जता रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि अभी ग्राहक खरीदारी के बाद तत्काल यूपीआई से भुगतान कर देते हैं। यूपीआई से भुगतान किए जाने पर अगर टैक्स लगता है, तो दुकानदार नकदी यूपीआई को स्वीकार नहीं करेंगे। ऐसे में आमजन को बैंक या एटीएम से नकदी निकालनी पड़ेगी। इससे व्यापारियों के साथ ग्राहकों के सामने नकदी जुटाने की चुनौती खड़ी हो जाएगी।
सबसे बड़ी समस्या थोक कारोबारियों के सामने आएगी, जो रोजाना बड़ी रकम का भुगतान लेते हैं और माल मंगाने के लिए भुगतान का डिजिटल माध्यम ही उपयोग करते हैं। यूपीआई से भुगतान लेना बंद करने की स्थिति में इतनी राशि नकद में लेने, सुरक्षित रखने और बाद में बैंक में जमा कराने की व्यवस्था करनी होगी। व्यापार संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि नकद राशि को बैंक में जमा करने के लिए जाने के दौरान छिनैती की घटना हो सकती है। इसके बाद थाने व कचहरी के चक्कर लगाने पड़ेंगे। अब त्योहार नजदीक हैं, इस दौरान बिक्री बढ़ने के साथ नकदी की जरूरत भी बढ़ जाएगी। ग्राहक खरीदारी के लिए बैंक या एटीएम से पैसा निकालेंगे, तो नकदी की मांग बढ़ेगी।
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सामग्री के दर बढ़ाना मजबूरी
एमडीआर लागू होने के बाद व्यापारी यूपीआई से भुगतान लेना बंद कर सकते हैं। छोटे कारोबारी भी रोजाना बड़ी राशि का यूपीआई भुगतान लेते हैं। टैक्स लगने से उन पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। ऐसी स्थिति में कारोबारी सामग्री के दर में बढ़ोतरी करेंगे। इसके अलावा नकदी से लेन-देन करने पर अतिरिक्त समस्या होगी। - महेश चंद्र अग्रवाल, जिलाध्यक्ष, युवक व्यापार मंडल एसोसिएशन
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व्यापार संगठन करेगा विरोध
यूपीआई पर टैक्स लगाए जाने से कारोबारियों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। अगर जरूरत पड़ती है तो संगठन इसका पुरजोर विरोध करेगा। इसके अलावा व्यापारियों की तरफ से डीएम को ज्ञापन सौंपने के साथ जो भी करना पड़ेगा किया जाएगा। एमडीआर लागू होने से कारोबारियों का मुनाफा 10 फीसदी से घटकर पांच से सात फीसदी तक पहुंच जाएगा। - आशीष गुप्ता मोनू, जिलाध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल
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कारोबारी नहीं करेंगे बड़ा लेन-देन
एमडीआर लागू होने के बाद 2000 रुपये से ऊपर के लेन-देन पर टैक्स देना होगा। ऐसे में कारोबारी ग्राहकों से बड़ा लेन-देन नहीं करेगा। त्योहार नजदीक है, सर्राफा व अन्य कारोबार में थोड़ी बहुत जो दुकानदारी होने की उम्मीद थी, अब वह भी धूमिल होती नजर आ रही है। अधिकांश लोग लेन-देन में यूपीआई का प्रयोग करते हैं, लेकिन अब इसे बंद करना मजबूरी हो जाएगा। - सुशील कुमार कौशल, उपाध्यक्ष, युवक व्यापार मंडल एसोसिएशन
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एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) लागू किए जाने को लेकर व्यापारी दबी जुबान पर विरोध जता रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि अभी ग्राहक खरीदारी के बाद तत्काल यूपीआई से भुगतान कर देते हैं। यूपीआई से भुगतान किए जाने पर अगर टैक्स लगता है, तो दुकानदार नकदी यूपीआई को स्वीकार नहीं करेंगे। ऐसे में आमजन को बैंक या एटीएम से नकदी निकालनी पड़ेगी। इससे व्यापारियों के साथ ग्राहकों के सामने नकदी जुटाने की चुनौती खड़ी हो जाएगी।
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सबसे बड़ी समस्या थोक कारोबारियों के सामने आएगी, जो रोजाना बड़ी रकम का भुगतान लेते हैं और माल मंगाने के लिए भुगतान का डिजिटल माध्यम ही उपयोग करते हैं। यूपीआई से भुगतान लेना बंद करने की स्थिति में इतनी राशि नकद में लेने, सुरक्षित रखने और बाद में बैंक में जमा कराने की व्यवस्था करनी होगी। व्यापार संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि नकद राशि को बैंक में जमा करने के लिए जाने के दौरान छिनैती की घटना हो सकती है। इसके बाद थाने व कचहरी के चक्कर लगाने पड़ेंगे। अब त्योहार नजदीक हैं, इस दौरान बिक्री बढ़ने के साथ नकदी की जरूरत भी बढ़ जाएगी। ग्राहक खरीदारी के लिए बैंक या एटीएम से पैसा निकालेंगे, तो नकदी की मांग बढ़ेगी।
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सामग्री के दर बढ़ाना मजबूरी
एमडीआर लागू होने के बाद व्यापारी यूपीआई से भुगतान लेना बंद कर सकते हैं। छोटे कारोबारी भी रोजाना बड़ी राशि का यूपीआई भुगतान लेते हैं। टैक्स लगने से उन पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। ऐसी स्थिति में कारोबारी सामग्री के दर में बढ़ोतरी करेंगे। इसके अलावा नकदी से लेन-देन करने पर अतिरिक्त समस्या होगी। - महेश चंद्र अग्रवाल, जिलाध्यक्ष, युवक व्यापार मंडल एसोसिएशन
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व्यापार संगठन करेगा विरोध
यूपीआई पर टैक्स लगाए जाने से कारोबारियों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। अगर जरूरत पड़ती है तो संगठन इसका पुरजोर विरोध करेगा। इसके अलावा व्यापारियों की तरफ से डीएम को ज्ञापन सौंपने के साथ जो भी करना पड़ेगा किया जाएगा। एमडीआर लागू होने से कारोबारियों का मुनाफा 10 फीसदी से घटकर पांच से सात फीसदी तक पहुंच जाएगा। - आशीष गुप्ता मोनू, जिलाध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल
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कारोबारी नहीं करेंगे बड़ा लेन-देन
एमडीआर लागू होने के बाद 2000 रुपये से ऊपर के लेन-देन पर टैक्स देना होगा। ऐसे में कारोबारी ग्राहकों से बड़ा लेन-देन नहीं करेगा। त्योहार नजदीक है, सर्राफा व अन्य कारोबार में थोड़ी बहुत जो दुकानदारी होने की उम्मीद थी, अब वह भी धूमिल होती नजर आ रही है। अधिकांश लोग लेन-देन में यूपीआई का प्रयोग करते हैं, लेकिन अब इसे बंद करना मजबूरी हो जाएगा। - सुशील कुमार कौशल, उपाध्यक्ष, युवक व्यापार मंडल एसोसिएशन