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रेलवे में नौकरी के नाम पर ले लिए 10 लाख, फिर थमा दिया फर्जी नियुक्ति पत्र
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 25 Mar 2017 07:57 PM IST
सार
-रेलवे में नौकरी का झांसा देकर 10 लाख ठगे
-रुपये लेकर थमाया फर्जी नियुक्ति पत्र
-सीतापुर के पिता-पुत्र ने की धोखाधड़ी
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डेमो
विस्तार
उत्तर प्रदेश में आए दिन बड़े-बड़े फर्जीवाड़े सामने आते रहते है। शनिवार को एकबार फिर एक ऐसा ही मामला सामने आया है। फर्रुखाबाद में रेलवे विभाग में टीसी के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर 10 लाख रुपयों की ठगी कर ली गई। पीड़ित की याचिका पर सीजेएम ने फतेहगढ़ कोतवाल को रिपोर्ट लिखने का आदेश दिया है। आरोपी सीतापुर जिले के रहने वाले हैं।
रेलवे विभाग में टीसी के पद पर नियुक्ति करवाने के लिए 10 लाख रुपयों की मांग की। 26 दिसंबर 2015 को रेलवे स्टेशन पर रमाकांत को दो लाख रुपये दिए। इसके बाद धीरे-धीरे कर पांच लाख रुपये और दिए। आरोपी ने नियुक्ति पत्र दिया। जिसके आधार पर लखनऊ में ज्वाइनिंग करने गया तो वहां पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। इसकी शिकायत करने पर भरोसा दिलवाया कि तीन लाख बकाया देने पर नियुक्ति हो जाएगी। इसके बाद तीन लाख रुपये भी दे दिए। लेकिन नियुक्ति नहीं हो सकी। आरोपी से जब रुपये मांगे तो देने से इनकार कर दिया और जान से मारने की धमकी दी। थानाध्यक्ष ने रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की बात कही है।
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नवाबगंज थानाक्षेत्र के गांव नगला दुली निवासी इंद्रपाल सिंह ने सीतापुर जिले के हरगांव थानाक्षेत्र के ताहपुर कटियारा निवासी रमाकांत वर्मा और उसके पिता ओम प्रकाश वर्मा के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की। इसमें कहा गया कि 24 दिसंबर 2015 को वह कानपुर से लखनऊ ट्रेन से जा रहा था। सफर के दौरान रमाकांत वर्मा ट्रेन में मिले और बातचीत होने लगी। इसी दौरान रमाकांत ने रेलवे विभाग में अच्छी जान पहचान होने की बात कहकर नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया।
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रेलवे विभाग में टीसी के पद पर नियुक्ति करवाने के लिए 10 लाख रुपयों की मांग की। 26 दिसंबर 2015 को रेलवे स्टेशन पर रमाकांत को दो लाख रुपये दिए। इसके बाद धीरे-धीरे कर पांच लाख रुपये और दिए। आरोपी ने नियुक्ति पत्र दिया। जिसके आधार पर लखनऊ में ज्वाइनिंग करने गया तो वहां पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। इसकी शिकायत करने पर भरोसा दिलवाया कि तीन लाख बकाया देने पर नियुक्ति हो जाएगी। इसके बाद तीन लाख रुपये भी दे दिए। लेकिन नियुक्ति नहीं हो सकी। आरोपी से जब रुपये मांगे तो देने से इनकार कर दिया और जान से मारने की धमकी दी। थानाध्यक्ष ने रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की बात कही है।
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