फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   swine flu panic in hbti

एचबीटीआई में स्वाइन फ्लू की दहशत

Tue, 17 Feb 2015 02:44 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर Updated Tue, 17 Feb 2015 02:44 AM IST
विज्ञापन
swine flu panic in hbti
हरकोर्ट बटलर टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (एचबीटीआई) में स्वाइन फ्लू की दहशत है। इससे टीचर, स्टूडेंट्स परेशान हैं। यही वजह है कि सोमवार को कक्षाओं का बहिष्कार करके 400 स्टूडेंट्स सड़क पर उतर आए।
विज्ञापन


मुंह पर मॉस्क लगाकर तकनीकी संस्थान बंद करने और 18 फरवरी से प्रस्तावित मिड सेमेस्टर (मध्य सत्र) के एग्जाम स्थगित किए जाने की मांग की। साथ ही कहा कि कुछ स्टूडेंट में स्वाइन फ्लू के लक्षण मिले हैं। यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचती है।
विज्ञापन


यदि किसी स्टूडेंट की जान गई तो सारी जिम्मेदारी तकनीकी संस्थान प्रशासन की होगी। इसको लेकर डीन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर (डीएसडब्लू) प्रो. एके उपाध्याय और स्टूडेंट के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्टूडेंट की बात नहीं मानी गई तो वह प्रशासनिक भवन के सामने ही मैदान में धरना-प्रदर्शन करने लगे।  एचबीटीआई के ईस्ट और वेस्ट कैंपस में गर्ल्स, ब्वायज हॉस्टल हैं। यहां गंदगी का ढेर लगा है।

आसपास सुअर पालन भी होता है। रविवार की रात से ही कुछ स्टूडेंट को जुकाम, बुखार, खांसी और शरीर में दर्द है। इससे हॉस्टल के अन्य स्टूडेंट चिंतित हैं। उनका कहना है कि हॉस्टल में स्वाइन फ्लू फैलने का खतरा है।

कुछ स्टूडेंट में इसके लक्षण भी मिले हैं। यही वजह रही कि ईस्ट कैंपस हॉस्टल में रहने वाले गर्ल्स, ब्वायज सोमवार को डायरेक्टर प्रो. एके नागपाल का घेराव करने पहुंच गए। प्रशासनिक भवन पहुंचकर स्टूडेंट्स ने नारेबाजी भी की।

आरोप लगाते हुए कहा कि स्टूडेंट की समस्या को लेकर तकनीकी संस्थान प्रशासन गंभीर नहीं है। हॉस्टल के आसपास गंदगी है। इस वजह से स्वाइन फ्लू फैलने का खतरा भी है। कुछ स्टूडेंट में फ्लू के लक्षण मिले हैं। इसलिए 18-21 फरवरी के बीच होने वाली मध्य सत्र की परीक्षाएं स्थगित की जाएं।

जब तक स्वाइन फ्लू का खतरा नहीं टलता है, तब तक कॉलेज बंद रखा जाए। गंभीर बीमारी की चपेट में कोई भी स्टूडेंट आ सकता है। फ्लू की दहशत से पढ़ाई नहीं हो पा रही है। हालांकि डायरेक्टर ने कॉलेज बंद करने या फिर एग्जाम आगे बढ़ाने की मांग खारिज कर दी है।

डायरेक्टर ने कहा है कि जो स्टूडेंट चाहे वह घर जा सकता है। छूट स्टूडेंट के मिड सेमेस्टर के एग्जाम मार्च 2015 तक करा लिए जाएंगे। इससे नाराज स्टूडेंट्स ने हंगामा किया।

हॉस्टल के मुख्य द्वार पर बैठकर कहा कि कॉलेज में अवकाश की घोूषणा की जाए। ऐसा नहीं हुआ तो किसी स्टूडेंट को हॉस्टल में रहने नहीं दिया जाएगा। पढ़ाई और कक्षाओं का बहिष्कार ऐसे ही चलता रहेगा।

बाद में डायरेक्टर प्रो. एके नागपाल और डॉ. करुणाकर सिंह ने स्टूडेंट को समझाकर मामला शांत कराया। सोमवार की सुबह 10 बजे से शुरू हुआ विवाद दोपहर 2 बजे तक चलता रहा। इस दौरान कई बार स्टूडेंट और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच टकराव की नौबत आई।  

जिन स्टूडेंट में स्वाइन फ्लू के लक्षण बताए गए थे, उनकी पैथालॉजी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। किसी स्टूडेंट को फ्लू नहीं है। मध्य सत्र की परीक्षाएं अपने समय से होंगी। इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा। पढ़ाई भी जारी रहेगी।


जो स्टूडेंट चाहे वह एग्जाम छोड़ सकता है। एग्जाम छोड़ने वाले स्टूडेंट के एग्जाम अगले मार्च में यह करा लिए जाएंगे। स्टूडेंट ने स्वाइन फ्लू का हौव्वा खड़ा कर दिया है। रोजाना छोटे बच्चे स्कूल जा रहे हैं। ऐसे में कॉलेज बंद करके पठन-पाठन, रिसर्च का काम ठप करना ठीक नहीं है।


- प्रो. एके नागपाल, डायरेक्टर एचबीटीआई
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed