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मोबाइल के ज्यादा पैसे काटने पर भड़के सफाईकर्मी, गंदगी का अंबार लगने पर सीएमएस को हुई जानकारी
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 22 Sep 2018 08:20 AM IST
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नारेबाजी करते सफाई कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के कन्नौज जिले में जियो कंपनी का मोबाइल फोन देने के नाम पर ठेकेदार ने जिला अस्पताल के सफाई कर्मचारियों के 4500 रुपये काट लिए। इससे नाराज कर्मचारियों ने शुुक्रवार को काम बंद कर जिला अस्पताल में प्रदर्शन किया। सीएमएस के समझाने पर कर्मचारियों ने दोपहर बाद काम पर लौट कर अस्पताल की सफाई की।
जिला अस्पताल में लखनऊ की एक कंपनी के तहत 22 सफाई कर्मचारी काम करते है। कंपनी ने सभी कर्मचारियों को जियो का फोन सेट देने का निर्णय लिया। इसके बदले एक एक कर्मचारी से 45 सौ रुपये काट लिए। भुगतान होने पर जब कर्मचारियों को कम पैसे मिले तो उन्होंने सुपरवाइजर से इसकी जानकारी ली। तब कर्मचारियों को पता चला कि उनका पैसा काट लिया गया है। शुक्रवार को सभी कर्मचारी अस्पताल परिसर पहुंचे। यहां योजना बना कर काम बंद कर हड़ताल करने का निर्णय लिया। सुबह 8 बजे से कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में नारेबाजी शुरू कर दी।
जब अस्पताल में गंदगी के अंबार लग गए तो सीएमएस को इसकी जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने सुपरवाइजर व सिस्टर को सफाई कर्मचारियों की समस्या का निस्तारण करने के लिए भेजा। कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया गया लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद सीएमएस ने सभी कर्मचारियों को अपने दफ्तर में बुलाया। यहां मामले को सुना। कर्मचारियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल ठेकेदार से बात की।
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इसके बाद सभी से प्रार्थना पत्र मांगा। दोपहर के समय सभी कर्मचारियों ने अपनी समस्या के संबंध में प्रार्थना पत्र सीएमएस आरपी शाक्य को सौंप दिया। आश्वासन दिया गया कि उनसे कोई पैसा नहीं काटा जाएगा। यदि कंपनी को फोन देना है तो वह उतना ही पैसा काटे जो रेट का मोबाइल बाजार में मिले। इसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर दी। इस मौके पर संतोष, राहुल, विजय शंकर, दीपू, दिलाप, राजीव, संदीप, नीलू, ऊषा, मीना, सुधा, हरिश्चंद्र, छोटे समेत सभी कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे।
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जिला अस्पताल में लखनऊ की एक कंपनी के तहत 22 सफाई कर्मचारी काम करते है। कंपनी ने सभी कर्मचारियों को जियो का फोन सेट देने का निर्णय लिया। इसके बदले एक एक कर्मचारी से 45 सौ रुपये काट लिए। भुगतान होने पर जब कर्मचारियों को कम पैसे मिले तो उन्होंने सुपरवाइजर से इसकी जानकारी ली। तब कर्मचारियों को पता चला कि उनका पैसा काट लिया गया है। शुक्रवार को सभी कर्मचारी अस्पताल परिसर पहुंचे। यहां योजना बना कर काम बंद कर हड़ताल करने का निर्णय लिया। सुबह 8 बजे से कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में नारेबाजी शुरू कर दी।
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जब अस्पताल में गंदगी के अंबार लग गए तो सीएमएस को इसकी जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने सुपरवाइजर व सिस्टर को सफाई कर्मचारियों की समस्या का निस्तारण करने के लिए भेजा। कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया गया लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद सीएमएस ने सभी कर्मचारियों को अपने दफ्तर में बुलाया। यहां मामले को सुना। कर्मचारियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल ठेकेदार से बात की।
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इसके बाद सभी से प्रार्थना पत्र मांगा। दोपहर के समय सभी कर्मचारियों ने अपनी समस्या के संबंध में प्रार्थना पत्र सीएमएस आरपी शाक्य को सौंप दिया। आश्वासन दिया गया कि उनसे कोई पैसा नहीं काटा जाएगा। यदि कंपनी को फोन देना है तो वह उतना ही पैसा काटे जो रेट का मोबाइल बाजार में मिले। इसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर दी। इस मौके पर संतोष, राहुल, विजय शंकर, दीपू, दिलाप, राजीव, संदीप, नीलू, ऊषा, मीना, सुधा, हरिश्चंद्र, छोटे समेत सभी कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे।