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'सोनचिड़िया' के डाकू लाखन ने कहा मजबूरी में बंदूक उठाना गलत नहीं...
Mon, 25 Feb 2019 04:02 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 25 Feb 2019 04:02 PM IST
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अभिनेत्रा सुशांत सिंह राजपूत ने कहा कि मजबूरी में बंदूक उठाना गलत नहीं। यह मानता हूं कि हर चीज का जवाब बंदूक नहीं होता लेकिन कई बार ऐसे हालात होते हैं जब बंदूक के बिना काम भी नहीं होता। सुशांत ने उदाहरण भी दिया।
कहा कि सेना के जवानों का काम बिना बंदूक के नहीं हो सकता। उन्होंने फिल्म में लखना डाकू के किरदार को खूब एंज्वाय किया। सुशांत ने अपने कॉलेज के दिनों को भी याद किया। कहा कि पीएसआईटी पहुंचने के बाद उन्हें कॉलेज की बातें याद आने लगीं।
जब आप कॉलेज में होते हैं तो वह समय सबसे बेहतरीन होता है। सुशांत ने कहा कि जब वह फ्लाइट से नीचे उतर रहे थे तो उन्होंने पूरा शहर देखा। कानपुर बेहद खूबसूरत है। मैं यहां आया तो मुझे अपने कॉलेज के दिन याद आ गए।
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कहा कि सेना के जवानों का काम बिना बंदूक के नहीं हो सकता। उन्होंने फिल्म में लखना डाकू के किरदार को खूब एंज्वाय किया। सुशांत ने अपने कॉलेज के दिनों को भी याद किया। कहा कि पीएसआईटी पहुंचने के बाद उन्हें कॉलेज की बातें याद आने लगीं।
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जब आप कॉलेज में होते हैं तो वह समय सबसे बेहतरीन होता है। सुशांत ने कहा कि जब वह फ्लाइट से नीचे उतर रहे थे तो उन्होंने पूरा शहर देखा। कानपुर बेहद खूबसूरत है। मैं यहां आया तो मुझे अपने कॉलेज के दिन याद आ गए।
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