Kanpur Human Trafficking Case: मानव तस्करी के शिकार सुरेश मांझी ने तोड़ा दम, आठ माह से चल रहा था इलाज
Kanpur News: कानपुर में नौकरी की तलाश में घूम रहे युवक को आरोपियों ने आंखों में केमिकल डालकर अंधा कर दिया था। इसके बाद 30 अक्तूबर को तस्कर युवक को फेंक गए थे, जिसके बाद हालत बिगड़ने पर हैलट में भर्ती कराया था।
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कानपुर में मानव तस्करी के शिकार नौबस्ता के रविंद्रनगर निवासी सुरेश मांझी (30) ने रविवार देर रात उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने मामले में सरगना समेत दो को जेल भेज दिया था, लेकिन एक आरोपी अभी भी फरार है।
मूलरूप से बिहार निवासी सुरेश मांझी परिवार संग नौबस्ता के रविंद्रनगर में रहता था। वह दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता था। बड़े भाई रमेश ने बताया कि आठ वर्ष पहले उसकी शादी सीमा से हुई थी। एक वर्ष बाद एक बेटी मीनाक्षी को जन्म दिया, लेकिन कुछ साल ही उसकी पत्नी कहीं चली गई।
पिछले साल मई में मछरिया गुलाबी बिल्डिंग के पास रहने वाला विजय अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपने साथ झकरकटी पुल के नीचे ले गया और बंधक बनाकर हाथ-पैर के पंजे तोड़ दिए और केमिकल डालकर अंधा कर दिया। शरीर को कई जगह दागा भी, जिससे उसकी हालत खराब हो गई।
गैंग को 70 हजार रुपये में बेचा
फिर आरोपी ने उसे दिल्ली के एक भिखारी गैंग को 70 हजार रुपये में बेच दिया था। वहां यातनाओं से सुरेश की तबीयत खराब हुई तो गैंग लीडर ने पिछले साल सितंबर में विजय के हाथों कानपुर भेज दिया था। पिछले साल 30 अक्तूबर की शाम वह गंभीर हालत में किदवईनगर चौराहे पर पड़ा मिला।
मुख्य आरोपी अभी भी फरार
राहगीरों ने सुरेश मांझी को घर पहुंचाया। नौबस्ता पुलिस ने मामले में सुरेश के भाई की तस्कर गैंग के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर सरगना समेत दो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। बता दें कि मामले में तीन लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के लिए टीम बनाई गई थी।
आठ माह से चल रहा था इलाज
परिजनों ने बताया कि नवंबर से दिल्ली से लेकर हैलट और कांशीराम में उसका इलाज चल रहा था। हैलट अस्पताल से 10 जून को छुट्टी हुई थी। डॉक्टरों ने उसकी हालत बेहद नाजुक बताई थी। परिजन सुरेश मांझी को घर ले गए थे, जहां रविवार देर रात हालत बिगड़ने पर उसे हैलट लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
सरगना और उसकी मां हुई थी गिरफ्तार, विजय फरार
सुरेश मांझी को यातनाएं देकर भीख मंगवाने वाले मानव तस्कर सरगना राज नागर और उसकी मां आशा देवी को नौबस्ता पुलिस ने दबाव पड़ने पर गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन आंखें फोड़ने और पंजे तोड़ने वाला आरोपी विजय अभी तक फरार है। पुलिस हर बार रटा रटाया बयान दे देती है। अन्य सदस्यों की तलाश में दबिश दे रही है।