UP: इटावा में 1994 से 1997 तक सिपाही के पद पर तैनात रहे सूरज पाल, ये नई बातें भी आईं सामने
हाथरस हादसे के बाद से भोले बाबा उर्फ सूरज पाल का नाम चर्चा में है। सूरज पाल का यूपी के इटावा जिले से कनेक्शन मिला है। 1994 से 1997 तक सूरज पाल इटावा में सिपाही के पद पर तैनात रहे।
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भोले बाबा उर्फ सूरज पाल की सिपाही के पद पर गैर जनपद से एक मई 1994 को इटावा में तैनाती हुई। वह इस दौरान जिले के करीब तीन थानों में तैनात रहे। 12 जुलाई 1997 को स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) के लिए स्थानांतरित हो गए। तैनाती के दौरान सूरजपाल के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज होना नहीं पाया गया है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि सूरज पाल जिले में सिपाही के पद पर तैनात रहे हैं। वह 1997 में आगरा चले गए थे। उनके खिलाफ जिले में कोई भी मुकदमा दर्ज होने की बात जांच में सामने नहीं आई है।
आठ साल पहले हुए कार्यक्रम में होने से बचा था बड़ा हादसा
साकार विश्व हरि का कस्बा बकेवर में भी दो बार कार्यक्रम हुआ था। इसमें एक बार 2016 में पांच दिन का कार्यक्रम हुआ था। उस समय भी हाईवे के किनारे हुए कार्यक्रम में भीड़ के कारण हादसा होते बचा था।
सूरज पाल बाबा कस्बा लखना के एक गेस्ट हाउस में ठहरते थे। वहां 50 के करीब महिला-पुरुष वालंटियर उनकी सुरक्षा व देखभाल के लिए तैनात रहते थे। वर्ष 2014 में भी बाबा सूरजपाल का एक दिवसीय कार्यक्रम भी इसी स्थान पर हुआ था। इसमें भी हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे। इटावा के रेलवे मैदान, जसवंतनगर समेत कई अन्य जगहों पर भी पहले कार्यक्रम हो चुके हैं।
हाथरस भगदड़ में अब तक 121 की मौत
बताते चलें कि उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में मंगलवार को भोले बाबा के सत्संग में भगड़द मच गई। इसमें अब तक 121 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। हादसे में 200 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है। हादसे में मौतों की ये संख्या अभी बढ़ सकती है।