{"_id":"6ab9795340c41d91290657ce","slug":"sunshine-following-rain-leads-to-a-rise-in-illness-177-fever-patients-visit-the-fair-kanpur-news-c-220-1-ka21001-149614-2026-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: बारिश के बाद निकली धूप ने बढ़ाई बीमारी, मेले में पहुंचे 177 बुखार रोगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: बारिश के बाद निकली धूप ने बढ़ाई बीमारी, मेले में पहुंचे 177 बुखार रोगी
Mon, 28 Sep 2026 01:45 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Mon, 28 Sep 2026 01:45 AM IST
विज्ञापन
कानपुर देहात। जनपद के एक नगरीय व 29 ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। बदलते मौसम में लोग वायरल से परेशान हो रहे हैं और अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं। मेले में कुल 1707 मरीज पहुंचे। इसमें 189 त्वचा रोगी रहे, जबकि बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या 177 रही। सभी की जांच कर जरूरी दवाएं वितरित की गई।
कभी बारिश तो कभी धूप से लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को चिकित्सकों ने मौसमी बीमारी से बचाव के लिए जरूरी सलाह दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय गोविंद ने बताया कि मेले में आने वाले मरीजों में 879 पुरुष, 611 महिलाएं एवं 217 बच्चे शामिल रहे। कोविड हेल्प डेस्क पर 668 मरीजों की प्राथमिक जांच की गई, हालांकि इनमें से कोई भी संदिग्ध मरीज नहीं मिला। इस दौरान पात्र लाभार्थियों के 32 गोल्डन कार्ड भी बनाए गए। मेले में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक रही।
बुखार से पीड़ित मरीजों में 76 मरीजों की मलेरिया व 9 मरीजों की डेंगू होने की आशंका के चलते जांच की गई, हालांकि सभी की रिपोर्ट बीमारी से ग्रसित होना नहीं पाया गया। इसके अलावा सर्दी-जुकाम के 94 मरीज और 140 मरीज पेट के रोग से ग्रसित मरीज रहे। जबकि एनीमिया के 56, मधुमेह के 65 और उच्च रक्तचाप (बीपी) के 58 मरीजों की पहचान कर इलाज शुरू किया गया। वहीं 40 मरीजों का नेत्र परीक्षण और 32 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिसमें कोई भी बच्चा कुपोषित नहीं पाया गया। साथ ही एक संभावित क्षय रोग मरीज को चिह्नित किया गया और 11 को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
विज्ञापन
राजपुर पीएचसी में आयोजित आरोग्य मेले में 30 मरीजों का इलाज किया गया। इनमें सर्वाधिक 18 बुखार, 8 त्वचा, 2 पेट दर्द और 2 त्वचा रोग के मरीज रहे। डॉ. आशीष मिश्रा ने बताया कि आरोग्य मेले में त्वचा रोग के सर्वाधिक मरीज आए हैं। उन्होंने इस बीमारी से बचाव के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखने के साथ ही ज्यादा पानी पीने, मीठा और जंक फूड कम खाने की सलाह दी। यदि दाद फैल रहा हो, ज्यादा खुजली हो रही हो, तो चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है।
इधर, रसधान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मेले में खुजली, दाद व अन्य त्वचा संबंधी समस्याओं से ग्रसित मरीजों का इलाज किया गया। वायरल बुखार के साथ चर्म रोगों से पीड़ित लोगों की संख्या अधिक पहुंची। चिकित्साधिकारी डॉ. सना कौसर ने बताया कि आरोग्य मेले में 4 बजे तक 60 मरीजों का इलाज हुआ है। कहा कि बारिश के बाद साफ-सफाई में कमी के कारण लोगों में त्वचा रोग तेजी से फैल रहे हैं। मरीजों को दवाओं के साथ जरूरी बचाव के उपाय भी बताए जा रहे हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। उन्होंने मरीजों को नियमित रूप से शरीर की साफ-सफाई रखने, गंदे कपड़ों का उपयोग नहीं करें और त्वचा को सूखा व स्वच्छ बनाए रखने की सलाह दी।
विज्ञापन
कभी बारिश तो कभी धूप से लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को चिकित्सकों ने मौसमी बीमारी से बचाव के लिए जरूरी सलाह दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय गोविंद ने बताया कि मेले में आने वाले मरीजों में 879 पुरुष, 611 महिलाएं एवं 217 बच्चे शामिल रहे। कोविड हेल्प डेस्क पर 668 मरीजों की प्राथमिक जांच की गई, हालांकि इनमें से कोई भी संदिग्ध मरीज नहीं मिला। इस दौरान पात्र लाभार्थियों के 32 गोल्डन कार्ड भी बनाए गए। मेले में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक रही।
विज्ञापन
बुखार से पीड़ित मरीजों में 76 मरीजों की मलेरिया व 9 मरीजों की डेंगू होने की आशंका के चलते जांच की गई, हालांकि सभी की रिपोर्ट बीमारी से ग्रसित होना नहीं पाया गया। इसके अलावा सर्दी-जुकाम के 94 मरीज और 140 मरीज पेट के रोग से ग्रसित मरीज रहे। जबकि एनीमिया के 56, मधुमेह के 65 और उच्च रक्तचाप (बीपी) के 58 मरीजों की पहचान कर इलाज शुरू किया गया। वहीं 40 मरीजों का नेत्र परीक्षण और 32 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिसमें कोई भी बच्चा कुपोषित नहीं पाया गया। साथ ही एक संभावित क्षय रोग मरीज को चिह्नित किया गया और 11 को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
विज्ञापन
राजपुर पीएचसी में आयोजित आरोग्य मेले में 30 मरीजों का इलाज किया गया। इनमें सर्वाधिक 18 बुखार, 8 त्वचा, 2 पेट दर्द और 2 त्वचा रोग के मरीज रहे। डॉ. आशीष मिश्रा ने बताया कि आरोग्य मेले में त्वचा रोग के सर्वाधिक मरीज आए हैं। उन्होंने इस बीमारी से बचाव के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखने के साथ ही ज्यादा पानी पीने, मीठा और जंक फूड कम खाने की सलाह दी। यदि दाद फैल रहा हो, ज्यादा खुजली हो रही हो, तो चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है।
इधर, रसधान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मेले में खुजली, दाद व अन्य त्वचा संबंधी समस्याओं से ग्रसित मरीजों का इलाज किया गया। वायरल बुखार के साथ चर्म रोगों से पीड़ित लोगों की संख्या अधिक पहुंची। चिकित्साधिकारी डॉ. सना कौसर ने बताया कि आरोग्य मेले में 4 बजे तक 60 मरीजों का इलाज हुआ है। कहा कि बारिश के बाद साफ-सफाई में कमी के कारण लोगों में त्वचा रोग तेजी से फैल रहे हैं। मरीजों को दवाओं के साथ जरूरी बचाव के उपाय भी बताए जा रहे हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। उन्होंने मरीजों को नियमित रूप से शरीर की साफ-सफाई रखने, गंदे कपड़ों का उपयोग नहीं करें और त्वचा को सूखा व स्वच्छ बनाए रखने की सलाह दी।