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NEET 2019: शिवानी ने असफल होने पर मान ली थी हार, शिक्षक ने दिलाई सफलता
Thu, 06 Jun 2019 04:43 PM IST
शिखा पांडेय
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 06 Jun 2019 04:43 PM IST
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शिवानी सिंह चौहान
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर के साकेत नगर में रहने वाली शिवानी सिंह चौहान उन लोगों के लिए नजीर हैं, जो असफलता पर जल्द हार मान लेते हैं। शिवानी भी तीन बार नीट में असफल हो चुकी हैं। इस बार वह भी हार मान चुकी थीं और नीट न देने का फैसला लिया था, लेकिन उनके शिक्षक डॉ. एसपी सिंह ने उन्हें प्रेरित किया और परीक्षा की तैयारी करवाई। परिणाम आज सबके सामने है। शिवानी ने नीट में ऑल इंडिया 3327 रैंक हासिल की है।
पिता धर्मेंद्र सिंह चौहान एचएएल में इंजीनियर हैं। बड़े भाई शशांक सिंह चौहान भी इंजीनियर हैं। इसी तरह चाचा और चचेरा भाई भी इंजीनियर है। शिवानी केजीएमयू से एमबीबीएस कर कॉर्डियोलॉजिस्ट बनना चाहती हैं। शिवानी ने बताया कि उसके पिता ने डॉक्टर बनाने के बारे में तब ही सोच लिया था, जब वह चार साल की थीं। शिवानी के दिल में छोटा से छेद था, जिसका आपरेशन पुणे में हुआ था। आज वह पूरे परिवार की इच्छा को सही साबित करने के लिए आगे बढ़ रही हैं। शिवानी ने इंटरमीडिएट के बाद क्राइस्ट चर्च कॉलेज से बीएससी की और आईआईटी की तैयारी भी की।
अकाउंटेंट की बेटी श्रिया बनेगी गाइनेकोलॉजिस्ट
सीबीएसई 12वीं में साइंस वर्ग की टॉपर छात्रा श्रिया शुक्ला ने भी नीट क्वालीफाई कर लिया। कौशलपुरी गुमटी की रहने वाली श्रिया के पिता रामजी शुक्ला एक निजी कंपनी में अकाउंटेंट और मां दीपा शुक्ला गृहिणी हैं। श्रिया गाइनेकोलॉजिस्ट बनना चाहती हैं। उन्होंने ऑल इंडिया 6635वीं रैंक हासिल की है।
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बताती हैं कि उन्होंने सोशल मीडिया पर गाइनेकोलॉजिस्ट के वीडियो देखे थे और उसी के बाद एमबीबीएस करने की ठान ली। पहली बार में ही उन्होंने नीट क्वालीफाई कर अपने सपने को उड़ान दी है। श्रिया ने इंटरमीडिएट में 98 फीसदी और हाईस्कूल में 10 सीजीपीए अंक हासिल किए हैं। वह आगे केजीएमयू से एमबीबीएस करना चाहती है।
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पिता धर्मेंद्र सिंह चौहान एचएएल में इंजीनियर हैं। बड़े भाई शशांक सिंह चौहान भी इंजीनियर हैं। इसी तरह चाचा और चचेरा भाई भी इंजीनियर है। शिवानी केजीएमयू से एमबीबीएस कर कॉर्डियोलॉजिस्ट बनना चाहती हैं। शिवानी ने बताया कि उसके पिता ने डॉक्टर बनाने के बारे में तब ही सोच लिया था, जब वह चार साल की थीं। शिवानी के दिल में छोटा से छेद था, जिसका आपरेशन पुणे में हुआ था। आज वह पूरे परिवार की इच्छा को सही साबित करने के लिए आगे बढ़ रही हैं। शिवानी ने इंटरमीडिएट के बाद क्राइस्ट चर्च कॉलेज से बीएससी की और आईआईटी की तैयारी भी की।
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अकाउंटेंट की बेटी श्रिया बनेगी गाइनेकोलॉजिस्ट
सीबीएसई 12वीं में साइंस वर्ग की टॉपर छात्रा श्रिया शुक्ला ने भी नीट क्वालीफाई कर लिया। कौशलपुरी गुमटी की रहने वाली श्रिया के पिता रामजी शुक्ला एक निजी कंपनी में अकाउंटेंट और मां दीपा शुक्ला गृहिणी हैं। श्रिया गाइनेकोलॉजिस्ट बनना चाहती हैं। उन्होंने ऑल इंडिया 6635वीं रैंक हासिल की है।
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बताती हैं कि उन्होंने सोशल मीडिया पर गाइनेकोलॉजिस्ट के वीडियो देखे थे और उसी के बाद एमबीबीएस करने की ठान ली। पहली बार में ही उन्होंने नीट क्वालीफाई कर अपने सपने को उड़ान दी है। श्रिया ने इंटरमीडिएट में 98 फीसदी और हाईस्कूल में 10 सीजीपीए अंक हासिल किए हैं। वह आगे केजीएमयू से एमबीबीएस करना चाहती है।