{"_id":"6aecf058b4b408f1c90cac31","slug":"substandard-cables-supplied-for-cm-grid-scheme-five-samples-fail-testing-kanpur-news-c-362-1-ka11006-160306-2026-11-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: सीएम ग्रिड योजना के लिए घटिया केबल की आपूर्ति, पांच सैंपल जांच में फेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: सीएम ग्रिड योजना के लिए घटिया केबल की आपूर्ति, पांच सैंपल जांच में फेल
विज्ञापन
कानपुर। सीएम ग्रिड योजना के तहत घंटाघर से ग्रीनपार्क चौराहे तक बन रही सड़क के लिए घटिया विद्युत केबल आपूर्ति करने का मामला सामने आया है। भूमिगत लाइन के लिए मंगाए गए पांच तरह के केबलों के नमूने केस्को की जांच में मानक विहीन पाए गए हैं। भोपाल की सेंट्रल पावर रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीपीआरआई) की रिपोर्ट के बाद केस्को ने इनके प्रयोग पर रोक लगा दी है। साथ ही गाजियाबाद की निर्माण एजेंसी मेसर्स कोनार्क एसोसिएट को पत्र जारी कर नए केबल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
सीएम ग्रिड योजना के तहत घंटाघर से ग्रीनपार्क चौराहे तक 2.85 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जा रही है। इस मार्ग पर केस्को के ओवरहेड तारों को भूमिगत किया जाना है। इसके लिए कंपनी ने विभिन्न क्षमता के एचटी और एलटी केबलों की आपूर्ति की थी। केस्को फ्लैगशिप एंड स्पेशल प्रोजेक्ट के अधिशासी अभियंता (निर्माण) अनिल आहूजा के मुताबिक गुणवत्ता जांच के लिए नमूने सीपीआरआई लैब भेजे गए थे। जांच में एचटी, 1.1 केवी एलटी और दो तरह के एलटी ब्लैक केबल समेत पांच नमूने फेल मिले। इनकी निर्माता कंपनी मेसर्स पॉलीकैब इलेक्ट्रिक है। बिना केस्को की जांच रिपोर्ट के एजेंसी बिजली संबंधी काम आगे नहीं बढ़ा सकती।
परीक्षण के 7.78 लाख रुपये जमा करने होंगे
केस्को ने केबलों की जांच पर खर्च हुए 7,78,800 रुपये का बिल निर्माण एजेंसी को भेजा है। एजेंसी को यह राशि जमा करने के साथ मानकों के अनुरूप नए केबल उपलब्ध कराने होंगे। केस्को ने स्पष्ट किया है कि परीक्षण शुल्क जमा होने के बाद ही दोबारा जांच की प्रक्रिया शुरू होगी। अधिकारियों का कहना है कि खराब गुणवत्ता के केबल भूमिगत होने के बाद उसमें खराबी आने पर उसे बदलना मुश्किल होगा। इसका नुकसान विभाग को उठाना पड़ेगा। इसलिए गुणवत्ता जांच के बिना केबल बिछाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
विज्ञापन
त्योहार बाद हटेंगे अस्थायी अतिक्रमण
सीएम ग्रिड के तहत ग्रीनपार्क से परेड चौराहे तक चल रहे निर्माण कार्य में भी अतिक्रमण बाधा बन रहे हैं। नगर निगम जोन-1 के अधिशासी अभियंता आलोक श्रीवास्तव ने जोनल अधिकारी को पत्र लिखकर अस्थायी कब्जे हटाने की मांग की है। पत्र में कहा है कि जोनल कार्यालय के पास निर्माण पूरा होने वाले हिस्से में ठेले-खोमचे और अस्थायी दुकानें लग गई हैं। इससे काम प्रभावित होने के साथ यातायात में भी बाधा आ रही है। अधिकारियों के मुताबिक, त्योहार बाद अतिक्रमण हटवाया जाएगा।
केंद्र सरकार के नियमों के तहत केबल लगाने से पहले उनका परीक्षण करते है। ट्रांसफॉर्मर, केबल, कंडक्टर और पोल समेत पांच जरूरी चीजों की जांच होती है। योजना में भूमिगत लाइन के लिए लाए गए केबलों के नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। इनका इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा, क्योंकि एक बार केबल जमीन के नीचे बिछ गई तो खराबी आने पर उसका खामियाजा केस्को को भुगतना पड़ेगा। इस योजना में पहली बार इस तरह की जांच कराई गई है। - अनिल आहूजा, अधिशासी अभियंता (निर्माण), केस्को
विज्ञापन
सीएम ग्रिड योजना के तहत घंटाघर से ग्रीनपार्क चौराहे तक 2.85 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जा रही है। इस मार्ग पर केस्को के ओवरहेड तारों को भूमिगत किया जाना है। इसके लिए कंपनी ने विभिन्न क्षमता के एचटी और एलटी केबलों की आपूर्ति की थी। केस्को फ्लैगशिप एंड स्पेशल प्रोजेक्ट के अधिशासी अभियंता (निर्माण) अनिल आहूजा के मुताबिक गुणवत्ता जांच के लिए नमूने सीपीआरआई लैब भेजे गए थे। जांच में एचटी, 1.1 केवी एलटी और दो तरह के एलटी ब्लैक केबल समेत पांच नमूने फेल मिले। इनकी निर्माता कंपनी मेसर्स पॉलीकैब इलेक्ट्रिक है। बिना केस्को की जांच रिपोर्ट के एजेंसी बिजली संबंधी काम आगे नहीं बढ़ा सकती।
विज्ञापन
परीक्षण के 7.78 लाख रुपये जमा करने होंगे
केस्को ने केबलों की जांच पर खर्च हुए 7,78,800 रुपये का बिल निर्माण एजेंसी को भेजा है। एजेंसी को यह राशि जमा करने के साथ मानकों के अनुरूप नए केबल उपलब्ध कराने होंगे। केस्को ने स्पष्ट किया है कि परीक्षण शुल्क जमा होने के बाद ही दोबारा जांच की प्रक्रिया शुरू होगी। अधिकारियों का कहना है कि खराब गुणवत्ता के केबल भूमिगत होने के बाद उसमें खराबी आने पर उसे बदलना मुश्किल होगा। इसका नुकसान विभाग को उठाना पड़ेगा। इसलिए गुणवत्ता जांच के बिना केबल बिछाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
विज्ञापन
त्योहार बाद हटेंगे अस्थायी अतिक्रमण
सीएम ग्रिड के तहत ग्रीनपार्क से परेड चौराहे तक चल रहे निर्माण कार्य में भी अतिक्रमण बाधा बन रहे हैं। नगर निगम जोन-1 के अधिशासी अभियंता आलोक श्रीवास्तव ने जोनल अधिकारी को पत्र लिखकर अस्थायी कब्जे हटाने की मांग की है। पत्र में कहा है कि जोनल कार्यालय के पास निर्माण पूरा होने वाले हिस्से में ठेले-खोमचे और अस्थायी दुकानें लग गई हैं। इससे काम प्रभावित होने के साथ यातायात में भी बाधा आ रही है। अधिकारियों के मुताबिक, त्योहार बाद अतिक्रमण हटवाया जाएगा।
केंद्र सरकार के नियमों के तहत केबल लगाने से पहले उनका परीक्षण करते है। ट्रांसफॉर्मर, केबल, कंडक्टर और पोल समेत पांच जरूरी चीजों की जांच होती है। योजना में भूमिगत लाइन के लिए लाए गए केबलों के नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। इनका इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा, क्योंकि एक बार केबल जमीन के नीचे बिछ गई तो खराबी आने पर उसका खामियाजा केस्को को भुगतना पड़ेगा। इस योजना में पहली बार इस तरह की जांच कराई गई है। - अनिल आहूजा, अधिशासी अभियंता (निर्माण), केस्को