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Kanpur News: छात्रों को खेल-खेल में दिखाई जाएगी उद्यमिता की राह
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कानपुर। छात्रों को उद्यमिता की तरफ प्रेरित करने के लिए आंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर दिव्यांगजन (एआईटीडी) और जन जागृत सेवा समिति (जेजेएसएस) के बीच मंगलवार को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
एमओयू के तहत छात्रों को उद्यम शुरू करने और उसे सफल बनाने की जानकारी प्रशिक्षण, सेमिनार, वेबिनार और व्याख्यान के माध्यम से दी जाएगी। जन जागृत सेवा समिति की पहल ‘सफल उद्यमी बने खेल-खेल में’ के तहत छात्रों को समिति की कार्यप्रणाली और उसके लाभों की जानकारी दी जाएगी। संस्था के प्रतिनिधि छात्रों के साथ मिलकर उद्यमिता के व्यावहारिक पहलुओं पर काम करेंगे। इसमें छात्रों को व्यवसाय के विचार को विकसित करने, उसे शुरू करने और रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
समिति के प्रतिनिधियों ने कहा कि देश में बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में हैं। सभी युवाओं को सरकारी या निजी क्षेत्र में नौकरी देना संभव नहीं है। ऐसे में युवाओं को उद्यमिता से जोड़कर उन्हें रोजगार देने वाला बनाया जा सकता है। नए उद्यम स्थापित होने से अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे। एमओयू के दौरान एआईटीडी की निदेशक प्रो. रचना अस्थाना, डॉ. रोहित शर्मा और जन जागृत सेवा समिति के सचिव विजय प्रताप सिंह मौजूद रहे।
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एमओयू के तहत छात्रों को उद्यम शुरू करने और उसे सफल बनाने की जानकारी प्रशिक्षण, सेमिनार, वेबिनार और व्याख्यान के माध्यम से दी जाएगी। जन जागृत सेवा समिति की पहल ‘सफल उद्यमी बने खेल-खेल में’ के तहत छात्रों को समिति की कार्यप्रणाली और उसके लाभों की जानकारी दी जाएगी। संस्था के प्रतिनिधि छात्रों के साथ मिलकर उद्यमिता के व्यावहारिक पहलुओं पर काम करेंगे। इसमें छात्रों को व्यवसाय के विचार को विकसित करने, उसे शुरू करने और रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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समिति के प्रतिनिधियों ने कहा कि देश में बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में हैं। सभी युवाओं को सरकारी या निजी क्षेत्र में नौकरी देना संभव नहीं है। ऐसे में युवाओं को उद्यमिता से जोड़कर उन्हें रोजगार देने वाला बनाया जा सकता है। नए उद्यम स्थापित होने से अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे। एमओयू के दौरान एआईटीडी की निदेशक प्रो. रचना अस्थाना, डॉ. रोहित शर्मा और जन जागृत सेवा समिति के सचिव विजय प्रताप सिंह मौजूद रहे।
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