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कानपुर हादसा: लापरवाही की भेंट चढ़े छात्र...मौत के बाद जागा प्रशासन, नजफगढ़ घाट पर होगा अंतिम संस्कार

Sun, 30 Apr 2023 09:23 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 30 Apr 2023 09:23 AM IST
सार

Kanpur News: नर्वल तहसील में हुए दर्दनाक हादसे के बाद एडीएम ने नाले वाले रास्ते और मेन गेट को बंदर करने के निर्देश दिए हैं। चारों बच्चों के शव गांव पहुंच गए हैं और के नजफगढ़ गंगा घाट पर अंतिम संस्कार होगा। मौके पर आलाअधिकारी मौजूद हैं।

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Student succumbed to negligence  in Kanpur, Administration wakes up after death, funeral will be held at Najaf
अमृत तालाब हादसा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर की नर्वल तहसील परिसर में स्थित अमृत सरोवर में डूबकर चार छात्रों की मौत के मामले में प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। एक माह पूर्व बनकर तैयार हुए तालाब में अक्सर बच्चे नहाने पहुंच जाते थे। तालाब की गहराई भी ज्यादा थी। इसके बाद भी बच्चों को तालाब में नहाने से रोकने के लिए कोई सार्थक प्रयास नहीं किए गए।

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प्रशासन की इस लापरवाही का खामियाजा शनिवार को सेमरझाल गांव में रहने वाले चार परिवारों को भुगतना पड़ा। शनिवार को अलग-अलग स्कूलों से चार छात्र सक्षम (15), अभय सविता (15), कृष्णा (12), दिव्यांश अवस्थी (13) इसी तालाब में नहाने पहुंच गए।
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तालाब में खतरा होने के बाद बावजूद इन्हें रोकने टोकने वाला को काेई भी नहीं था। जबकि, पास स्थित तहसील कार्यालय में ही एसडीएम, तहसीलदार मौजूद थे। घटना स्थल से 50 कदम की दूरी पर नर्वल थाना स्थित है, जहां 24 घंटे पुलिस मौजूद रहती है।

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तालाब में नहीं लगा है खतरे का निशान
इसके बाद भी किसी का ध्यान तालाब में अक्सर नहाने आने वाले बच्चों पर नहीं गया। डूबे हुए छात्रों को बाहर निकालने वाले लोगों ने बताया कि तालाब की गहराई बीच-बीच में करीब छह से सात फीट तक थी। इसके बाद भी तालाब के पास कहीं भी किसी खतरे का बोर्ड नहीं लगाया गया।

अक्सर बच्चे नहाते आते हैं
इसके अलावा, न ही बच्चों को रोकने के लिए किसी गार्ड को तैनात किया गया। आसपास के रहने वाले लोगों ने बताया कि तालाब में अक्सर बच्चे नहाते हुए नजर आ जाते थे। ये बच्चे डायट की तरफ से सरोवर की बाउंड्रीवाल फांदकर अंदर आ जाते थे।

एसडीएम बोले- छिपकर आते हैं बच्चे
डायट परिसर के पानी को तालाब तक बनाए गए नाले से भी कुछ बच्चे अंदर घुस आते थे। एसडीएम गुलाब चंद्र अग्रहरि का दावा है कि पूर्व में कई बार तहसील में तैनात होमगार्ड व कर्मचारी बच्चों को भगा चुके थे, लेकिन वो चोरी छिपे तालाब में नहाने पहुंच जाते थे।

हादसे के बाद जागा है प्रशासन
तालाब के चारों तरफ जालीदार तार से बाउंड्री बनाई गई थी, लेकिन मेन गेट पर कभी ताला बंद नहीं रहता था। शनिवार को इस बड़े हादसे के बाद प्रशासन की नींद खुली, तो एसडीएम ने तत्काल प्रभाव से मेन गेट पर ताला लगाने, डायट के नाले वाले रास्ते को बंद करने के निर्देश जारी कर दिए।

नजफगढ़ गंगा घाट पर होगा अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद दो एम्बुलेंस से चारों बच्चों के शवों को गांव लाया गया। परिजनों की चीख पुकार से नर्वल का सेमरझाल गांव दहल गया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना भी गांव पहुंच रहे हैं। जानकारी के अनुसार, महाराजपुर के नजफगढ़ गंगा घाट पर अंतिम संस्कार होगा।

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