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UP: 'मेरे से अब जिया नहीं जाएगा...', साथियों को भेजा ये वॉयस मैसेज, 10वीं में 92% आने पर भी छात्रा ने दी जान

Sat, 18 Apr 2026 10:12 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर Published by: Sharukh Khan Updated Sat, 18 Apr 2026 10:12 AM IST
सार

Kanpur Student Suicide Case: यूपी के कानपुर में दसवीं कक्षा में 92 फीसदी अंक आने के बाद भी छात्रा ने खुदकुशी कर ली। छात्र की चाहत थी कि उसके 95% अंक आएं। छात्रा केंद्रीय विद्यालय अर्मापुर में पढ़ती थी। दो साल पहले छात्रा के पिता की मौत हो गई थी। 

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Kanpur Student Suicide Class 10 Girl Dies After Scoring 92% Was Aiming for 95% UP News in Hindi
kanpur suicide - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

कानपुर में लक्ष्य से तीन फीसदी कम नंबर आने पर एक छात्रा ने खुदकुशी कर ली। खुदकुशी से पहले छात्रा ने अपने कुछ साथियों को एक वॉयस रिकार्डिंग भी भेजी थी। दरअसल, 92 फीसदी अंक कम नहीं होते पर वैशाली सिंह को 95 फीसदी अंक की चाहत थी। चाहत अधूरी रह गई तो उसने गुरुवार शाम फंदे से लटककर जान दे दी।
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पनकी रतनपुर शिवालिक भवन निवासी छात्रा वैशाली सिंह बुधवार को सीबीएसई 10वीं कक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद से मायूस थी। फंदा लगाने से पहले छात्रा ने अपने कुछ साथियों को मोबाइल पर वॉयस रिकॉर्डिंग भेजी थी। इसमें उसने जीने की इच्छा खत्म होने व उस पर खर्च किए जाने वाले रुपये बर्बाद होने की आशंका का जिक्र किया था। 
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पुलिस ने जांच के लिए छात्रा का मोबाइल फोन जब्त कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वैशाली अर्मापुर स्थित केंद्रीय विद्यालय में सीबीएसई बोर्ड से 10वीं की छात्रा थी। परिवार में मां काजल, 19 वर्षीय भाई प्रिंस है। 

 

प्राइवेट कर्मी पिता वीरेंद्र सिंह की दो साल पहले मौत हो चुकी है। काजल पीरोड स्थित एक मॉल में काम करती हैं। प्रिंस कुछ साल पहले पढ़ाई छोड़ चुका है। काजल ने बताया कि गुरुवार को वह मॉल गई थीं। 
 
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दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक बेटी को कई कॉल की लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। उन्होंने प्रिंस को कमरे में भेजा तो वह वैशाली का शव फंदे पर लटका देख चीख पड़ा। सूचना पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की।

 

पनकी इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि तनाव के कारण छात्रा के खुदकुशी की बात सामने आई है। मोबाइल कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मैं एक जिंदा लाश बनकर रह गई हूं...
खुदकुशी से पहले छात्रा ने अपने कुछ साथियों को एक वॉयस रिकार्डिंग भेजी थी। इसमें छात्रा कह रही थी कि मेरे से अब जिया नहीं जाएगा... मैं एक जिंदा लाश बनकर रह गई हूं... अब मुझे जीने की इच्छा नहीं है। मुझे बहुत डर लगता है... मां मुझ पर इतना पैसा खर्च कर रही हैं... कहीं उनका पैसा बर्बाद न हो जाए।

 

मां ने लगाया आरोप
मृतका की मां काजल ने आरोप लगाया कि बेटी पर स्कूल वाले पढ़ाई का काफी दबाव डाल रहे थे। इस कारण वह रात-रात भर पढ़ती रहती थी। इसी के तनाव में उसने अपनी जिंदगी खत्म कर ली। 

भाई बोला... टीचर्स मुझसे तुलना कर बहन को करते थे परेशान
छात्रा के भाई प्रिंस का कहना था कि वह भी केंद्रीय विद्यालय में 11वीं का छात्र रहा है। शरारती होने के कारण उसके नंबर अच्छे नहीं आते थे। 11 अक्तूबर 2024 को पिता के देहांत के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी। प्रिंस ने आरोप लगाया कि उसके पढ़ाई छोड़ने के बाद स्कूल के कुछ टीचर उसकी बहन की तुलना उससे करते हुए पढ़ाई के लिए दबाव बनाते थे। 

 

प्रिंस के अनुसार, बहन अक्सर उसे बताती थी कि टीचर उससे कहते थे कि तुम प्रिंस की बहन हो, तुम्हारे अच्छे अंक नहीं आ पाएंगे। इस कारण वह परेशान होकर तनाव में रहने लगी थी। 

 

भाई के अनुसार, वैशाली ने कहा था कि जिन टीचरों ने उससे स्कूल में गलत बोला, वह उनको साबित करके दिखाएगी। पढ़ाई से उसने 92 प्रतिशत अंक भी पाए। वह लोग खुशी मना ही नहीं पाए थे कि बहन ने इतना बड़ा कदम उठा लिया।
 

माता-पिता बच्चों से करें बात उम्मीदों का दबाव न बनाएं
आजकल बच्चों से उम्मीदें ज्यादा रखी जाती हैं। जब उम्मीद पूरी नहीं होती तो बच्चों को लगता है कि जिंदगी खत्म हो गई। ऐसे में माता-पिता बच्चों पर उम्मीदों का दबाव न बनाएं। बच्चा मन की बात करे, ऐसा वातावरण बनाकर रखें। 

 

इस उम्र में बच्चों का ब्रेन विकसित होता है और नकारात्मकता तेजी से उन पर हावी होती जाती है। उन्हें बताएं कि अंक ही सब कुछ नहीं होते हैं। सचिन तेंदुलकर अगर दसवीं में अंकों के पीछे भागते तो आज उन पर पूरा देश गर्व नहीं करता।-डॉ. धनंजय चौधरी, विभागाध्यक्ष, मानसिक रोग, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज

बीडीएस छात्रा ने हॉस्टल में फंदा लगा दी जान
वहीं, एक और दूसरी घटना कानपुर में ही सामने आई है। कानपुर के कल्याणपुर में गूबा गार्डेन स्थित एक हॉस्टल में रह रही बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (बीडीएस) की छात्रा नाजिया हसन (23) ने बुधवार रात फंदा लगाकर जान दे दी। 

 

वह मूलरूप से बिहार के जिला मुंगेर की रहने वाली थी। शुक्रवार सुबह पिता बिहार से कानपुर पहुंचे। रुंधे गले से बोले... उन्होंने तो बेटी के क्लीनिक के लिए जमीन भी खरीद ली थी लेकिन बेटी ने इस तरह सबको धोखा दे दिया। 

 

कल्याणपुर पुलिस के अनुसार, छात्रा नाजिया हसन मंधना स्थित महाराणा प्रताप डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में बीडीएस थर्ड ईयर में पढ़ाई कर रही थी। अगले साल उसका सेमेस्टर पूरा होना था। 

 

छात्रा के पिता ब्लॉक से सेवानिवृत्त क्लर्क हैं। पुलिस के अनुसार, पिता से छात्रा की मंगलवार को ही फोन पर बात हुई थी। उसने कोई तनाव नहीं बताया था। परिजन उसके खुदकुशी करने का कारण पुलिस को नहीं बता सके। सुसाइड नोट भी नहीं मिला।
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