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बड़ा हादसा टला: विद्यालय की छत का मलबा गिरने से छात्र व शिक्षामित्र घायल, बस्ते छोड़कर बाहर भागे बच्चे, भगदड़

Thu, 08 Sep 2022 05:51 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 08 Sep 2022 05:51 PM IST
सार

महोबा के कंपोजिट कन्या प्राथमिक विद्यालय में उस समय हड़कंप मच गया जब छत का मलबा भरभराकर गिर गया। हादसे में शिक्षामित्र व पास में खड़ा छात्र घायल हो गया।

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Student and teacher injured due to debris falling roof of the school
जर्जर भवन की छत का गिरा मलबा, घायल छात्र सलमान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महोबा जिले में विकासखंड पनवाड़ी के कंपोजिट कन्या प्राथमिक विद्यालय मसूदपुरा की जर्जर छत का मलबा गिरने से भगदड़ मच गई। पढ़ाई के दौरान अचानक हुए हादसे में एक छात्र और महिला शिक्षामित्र घायल हो गई। बच्चे किसी तरक बस्ते छोड़कर बाहर निकल आए। गनीमत रही कि छत का कुछ हिस्सा ही नीचे गिरा।
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यदि पूरी छत गिरती तो बड़ा हादसा हो सकता था। प्राथमिक विद्यालय मसूदपुरा में 32 बच्चे पंजीकृत हैं। गुरुवार को 15 बच्चे विद्यालय आए थे और कक्ष में बैठकर शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। महिला शिक्षामित्र रामदेवी बच्चों को पढ़ा रहीं थीं। जिस समय छत के एक हिस्से का मलबा गिरा।
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उस समय कक्षा एक का छात्र सलमान (5) कॉपी का होमवर्क चेक करा रहा था। भरभराकर छत का मलबा गिरने से शिक्षामित्र व पास में खड़ा छात्र सलमान घायल हो गया। जबकि अन्य बच्चों ने कक्ष से बाहर निकलकर जान बचाई। मलबे के साथ एक पंखा भी गिर गया।
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शोर-शराबा सुनकर ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई। घायल बच्चे व शिक्षामित्र को नजदीक के अस्पताल भेजा गया। प्रधानाध्यापक प्रकाश नारायण ने बताया कि विद्यालय भवन 2008 से जर्जर है। जिसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को दी गई। ग्राम पंचायत में कार्याकल्प योजना के लिए प्रस्ताव भी डाला गया लेकिन भवन दुरुस्त नहीं हुआ।

जिससे यह घटना हुई। उधर खंड शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार का कहना है कि भवन पुराना है। कार्ययोजना में शामिल किया गया था। सत्यापन न होने के चलते स्वीकृति नहीं मिल सकी थी। जर्जर भवन में बच्चों को बैठाने के सवाल पर बताया कि विद्यालय स्टाफ को निदेर्शित किया गया था कि इस कक्ष में बच्चों को न बैठाया जाए।

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