UP: मुश्किलें बेशुमार...चलने-फिरने में लाचार...जिंदा हूं सरकार, पेंशन के लिए बुजुर्गों की जद्दोजहद, पढ़ें मामला
Auraiya News: पेंशन धारकों के सत्यापन में कोई परेशानी न हो, इसके लिए जिला कोषागार कार्यालय में अलग-अलग पटल पर काम हो रहा है। विभाग की ओर से ऑनलाइन की सुविधा उपलब्ध है। पेंशनर उसकी सुविधा का लाभ ले सकते हैं।
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नाम रामशंकर...उम्र 80 वर्ष...अध्यापक की नौकरी से रिटायर...बढ़ती उम्र से चलने में लाचार...अब पेंशन के सहारे गुजर-बसर...। यह परिचय है औरैया जिले के अजीतमल निवासी बुजुर्ग का। सोमवार को वह अपनी पत्नी के साथ जिला कोषागार में खुद को जिंदा साबित करने पहुंचे थे। उनके जैसे कई बुजुर्ग इन दिनों जिला कोषागार पहुंच रहे हैं। सबकी यही जद्दोजहद है कि पेंशन न रुके।
सरकारी सेवा से रिटायर हो चुके बुजुर्ग या उनके निधन के बाद पारिवारिक पेंशन का लाभ उठा रहे, उनके आश्रितों को नियमानुसार साल में एक बार जीवन प्रमाणपत्र बनवाकर खुद को जिंदा साबित करना होता है। हालांकि, बुजुर्गों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए इसे हर महीने करने की सुविधा है। चूंकि पहले यह प्रक्रिया नवंबर महीने में होती थी, इसलिए एक वर्ष पूरा होने पर नवंबर में ही बड़ी संख्या में बुजुर्गों को जीवन प्रमाण पत्र बनवाना होता है।
इसी वजह कर यहां शहर में सदर तहसील कार्यालय के पास स्थित जिला कोषागार कार्यालय में अपना जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए इन दिनों बुजुर्गों की भीड़ लग रही है। इनमें कुछ ही ऐसे हैं, जो खुद चलकर पहुंच रहे हैं। ज्यादातर बुजुर्ग अपने बच्चों या फिर नाती-पोतों के साथ पहुंच रहे हैं। जीवन प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया पूरी होने में लगने वाला समय उन्हें परेशान कर रहा है, लेकिन जद्दोजहद करके वह इसे बनवाकर ही वापस हो रहे हैं।
पेंशन लेने वालों का आंकड़ा
- 9020 पेंशन धारक हैं जिला में
- 3766 पेंशन धारक सिविल सेवा के
- 2954 बेसिक शिक्षा विभाग के
- 1705 माध्यमिक शिक्षा विभाग के
- 151 उच्च शिक्षा विभाग के
- 123 पेंशन धारक बिजली विभाग के
एनपीएस से जुड़े 119 परिवारों को पेंशन
ऐसे भी पेंशन धारक हैं, जो एनपीएस से जुड़े रहे हैं। सेवाकाल के दौरान उनके निधन पर उनके आश्रितों को पेंशन मिल रही है। इसमें 79 सिविल सेवा से, 27 बेसिक शिक्षा विभाग के, 13 माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े हैं।
12 पूर्व विधायक, नौ स्वतंत्रता सेनानी आश्रित भी पा रहे पेंशन
जिले में ऐसे 12 पूर्व विधायक हैं, जिन्हें शासन से पेंशन मिल रही है। उनका ताल्लुक औरैया जिले से ही है। वह कभी न कभी विधान सभा या विधान परिषद के सदस्य रहे हैं। इसी तरह स्वतंत्रता संग्राम के नौ सेनानियों की पत्नियों को भी पेंशन की सुविधा मिल रही है।
उम्रदराज पेंशन धारक
- 75 साल या उससे ऊपर की उम्र के 4851 पेंशन धारक हैं।
- 95 से 99 वर्ष उम्र के कुल 19 पेंशन धारक या उनके आश्रित हैं।
इस तरह दौड़ से बचें बुजुर्ग
बुजुर्ग या उनके आश्रितों को पेंशन जारी रखने के लिए जिला कोषागार का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। शासन की ओर से इसके लिए ऑनलाइन सत्यापन की सुविधा उपलब्ध है। वह अपने घर के आसपास के किसी भी जनसुविधा केंद्र से अपना जीवन प्रमाण पत्र सत्यापित करवा सकते हैं। रिपोर्ट सीधे जिला कोषागार कार्यालय तक पहुंचेगी। इसके लिए उन्हें jeevanpraman.gov.in वेबसाइट पर जाकर जानकारी देनी होगी।
पेंशन धारकों के सत्यापन में कोई परेशानी न हो, इसके लिए कार्यालय में अलग-अलग पटल पर काम हो रहा है। विभाग की ओर से ऑनलाइन की सुविधा उपलब्ध है। पेंशनर उसकी सुविधा का लाभ ले सकते हैं। यहां पंजीकृत नौ हजार पेंशनर में से 30 फीसदी पेंशनर ऑनलाइन ही आवेदन करते हैं। इससे उनकी दौड़ बचती है। -अजय तिवारी, सहायक कोषाधिकारी औरैया