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लुधियाना गारमेंट्स के पांच ठिकानों पर छापे, स्टेट जीएसटी की टीमों ने की कार्रवाई, जांच जारी
Sat, 29 Dec 2018 11:12 PM IST
प्रशांत कुमार
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sat, 29 Dec 2018 11:12 PM IST
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राज्य वस्तु एवं सेवाकर विभाग (स्टेट जीएसटी) की टीमों ने शनिवार को कानपुर में रेडीमेड कपड़ों की बड़ी फर्म लुधियाना गारमेंट्स के पांच ठिकानों पर एक साथ छापामारी की। ये शोरूम कल्याणपुर, साकेत नगर, विश्वबैंक बर्रा, अर्रा और शुक्लागंज में हैं। सभी शोरूमों को मिलाकर कई लाख रुपये की टैक्स चोरी सामने आई है। अफसरों ने फर्म के दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। एक शोरूम में 60 लाख रुपये का स्टॉक कम मिला। माना गया कि कच्चे बिल पर बिक्री की वजह से स्टॉक कम है।
स्टेट जीएसटी की यह छापामारी एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 एसआईबी दिनेश मिश्रा के निर्देश पर हुई। डिप्टी कमिश्नर चंद्रशेखर झा ने इसकी अगुवाई की। अफसरों को तीन शोरूम में बड़े पैमाने पर अघोषित स्टॉक मिला है, जबकि एक शोरूम में करीब 60 लाख रुपये का माल कम मिला। शोरूम संचालक इस बात का हिसाब नहीं दे पाए कि माल कम क्यों है। अफसरों ने इसे टैक्स चोरी की नीयत से बिका हुआ माल माना। इसके अलावा इतनी भारी मात्रा में माल के परिवहन के दस्तावेज भी नहीं हैं।
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स्टेट जीएसटी की यह छापामारी एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 एसआईबी दिनेश मिश्रा के निर्देश पर हुई। डिप्टी कमिश्नर चंद्रशेखर झा ने इसकी अगुवाई की। अफसरों को तीन शोरूम में बड़े पैमाने पर अघोषित स्टॉक मिला है, जबकि एक शोरूम में करीब 60 लाख रुपये का माल कम मिला। शोरूम संचालक इस बात का हिसाब नहीं दे पाए कि माल कम क्यों है। अफसरों ने इसे टैक्स चोरी की नीयत से बिका हुआ माल माना। इसके अलावा इतनी भारी मात्रा में माल के परिवहन के दस्तावेज भी नहीं हैं।
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सालाना टर्नओवर 20 करोड़ रुपये
माना जा रहा है कि रेलवे के जरिये टैक्स चोरी करके माल लाया गया। कच्चे बिलों पर बेचकर बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी का अंजाम दिया गया। समाचार लिखे जाने तक स्टेट जीएसटी के 20 से ज्यादा अफसर पांचों प्रतिष्ठानों पर जांच कर रहे थे। शुक्लागंज प्रतिनिधि ने बताया कि राजधानी मार्ग पर लुधियाना गारमेंट के शोरूम में 71 लाख रुपये का स्टॉक मिला है। जांच कर रहे वाणिज्य कर अधिकारी सुधीर गौतम ने बताया कि मोबाइल सर्विलांस के जरिए टैक्स चोरी की सूचनाएं मिल रही थीं। शुक्लागंज में फर्म के प्रोपराइटर संजय शुक्ला से पूछताछ की जा रही है। संदिग्ध दस्तावेज को कब्जे में लिया गया है। टीम में वाणिज्य कर अधिकारी (अतिरिक्त) श्याम सिंह भी शामिल रहे।
लुधियाना गारमेंट्स के संचालक यह कारोबार न्यू लुधियाना, लुधियाना गारमेंट्स और लुधियाना शॉपिंग नाम की तीन फर्मों के जरिये कर रहे हैं। स्टेट जीएसटी के सूत्र बताते हैं कि इनका सालाना टर्नओवर 20 करोड़ रुपये के आसपास है। अफसरों ने बताया कि लुधियाना गारमेंट्स का मुख्य कारोबार रेडीमेड और ऊनी कपड़ों का है। बच्चों से लेकर बड़ों तक के कपड़े मिलते हैं। सारा माल दिल्ली और लुधियाना से आता है। सर्दियों में हर शोरूम में रोज की दो से पांच लाख रुपये तक की बिक्री है, लेकिन ज्यादातर कपड़े कच्चे बिल पर बेचे जा रहे थे।
लुधियाना गारमेंट्स के संचालक यह कारोबार न्यू लुधियाना, लुधियाना गारमेंट्स और लुधियाना शॉपिंग नाम की तीन फर्मों के जरिये कर रहे हैं। स्टेट जीएसटी के सूत्र बताते हैं कि इनका सालाना टर्नओवर 20 करोड़ रुपये के आसपास है। अफसरों ने बताया कि लुधियाना गारमेंट्स का मुख्य कारोबार रेडीमेड और ऊनी कपड़ों का है। बच्चों से लेकर बड़ों तक के कपड़े मिलते हैं। सारा माल दिल्ली और लुधियाना से आता है। सर्दियों में हर शोरूम में रोज की दो से पांच लाख रुपये तक की बिक्री है, लेकिन ज्यादातर कपड़े कच्चे बिल पर बेचे जा रहे थे।